{"_id":"625f099c3822444052121fdb","slug":"gehu-kharid-kendra-lalitpur-news-jhs219017015","type":"story","status":"publish","title_hn":"गेहूं क्रय केंद्र पर पसरा सन्नाटा, 19 दिन में खरीदा जा सका 600 क्विंटल गेहूं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गेहूं क्रय केंद्र पर पसरा सन्नाटा, 19 दिन में खरीदा जा सका 600 क्विंटल गेहूं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। जनपद में बाजार में गेहूं के दाम अधिक होने से क्रय केंद्र सूने पड़े हैं। यहां पर स्थिति यह है कि 19 दिन में 54 गेहूं क्रय केंद्रों पर महज 600 क्विंटल गेहूं की खरीद हो पाई है। कई केंद्र तो ऐसे हैं जहां पर एक भी क्विंटल गेहूं की खरीद नहीं हो पाई है। किसान अपनी उपज के अधिक दाम पाने के लिए बाजार में गेहूं बेच रहे हैं। बाजार में गेहूं के दाम दो हजार से 23 सौ रुपये प्रति क्विंटल तो गेहूं क्रय केंद्र पर 2015 रुपये प्रति क्विंटल खरीदी जा रही है।
जिले में किसान बीते वर्षों में अतिवृष्टि से हो रहे लगातार नष्ट फसल के नुकसान से आर्थिक रुप से कमजोर हो गए हैं। इसके बाद भी लगातार कर्ज लेकर फसल करते आ रहे हैं। अब की बार किसानों को राहत रही कि रबी फसल का अच्छा उत्पादन पा लिया है। इस बार मटर, चना व गेहूं की फसल का उत्पादन बीते वर्षों की अपेक्षा अच्छा रहा है। लेकिन इस पर किसान अपनी फसल की अच्छी कीमत पाने के चलते गेहूं क्रय केंद्र की अपेक्षा बाजार में मिल रहे अधिक दामों में बेच रहा है। यहां पर शासन ने गेहूं के समर्थन मूल्य में भी 40 रुपये की वृद्घि की गई है। इस वर्ष 2015 रुपये समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद करने की तैयारी की गई है। इसके चलते जिले में 54 क्रय केंद्र खोल गए हैं। लेकिन बाजार में गेहूं की फसल का अच्छा दाम मिल रहा है। शासन द्वारा जारी समर्थन मूल्य 2015 रुपये अधिक रेट हैं। बाजार में गेहूं 2015 रुपये से 23 रुपये तक खरीदी जा रही है। बाजार अधिक दाम मिलने से किसान भी अपनी उपज को बाजार में ही बेच रहे हैं। इससे क्रय केंद्रों की हालत खराब हो गई है। क्रय केंद्र पूरी तरह से सूने पड़े हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में 54 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इनमें 19 दिन में महज 600 क्विंटल गेहूं की खरीददारी हुई है।
शासन के निर्देश पर गेहूं खरीद के लिए 54 क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। बाजार में अधिक दाम मिलने से क्रय केंद्र पर 19 दिन में महज 600 क्विंटल की खरीद की गई है। - राकेश कुमार त्रिपाठी, खाद विपणन अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में किसान बीते वर्षों में अतिवृष्टि से हो रहे लगातार नष्ट फसल के नुकसान से आर्थिक रुप से कमजोर हो गए हैं। इसके बाद भी लगातार कर्ज लेकर फसल करते आ रहे हैं। अब की बार किसानों को राहत रही कि रबी फसल का अच्छा उत्पादन पा लिया है। इस बार मटर, चना व गेहूं की फसल का उत्पादन बीते वर्षों की अपेक्षा अच्छा रहा है। लेकिन इस पर किसान अपनी फसल की अच्छी कीमत पाने के चलते गेहूं क्रय केंद्र की अपेक्षा बाजार में मिल रहे अधिक दामों में बेच रहा है। यहां पर शासन ने गेहूं के समर्थन मूल्य में भी 40 रुपये की वृद्घि की गई है। इस वर्ष 2015 रुपये समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद करने की तैयारी की गई है। इसके चलते जिले में 54 क्रय केंद्र खोल गए हैं। लेकिन बाजार में गेहूं की फसल का अच्छा दाम मिल रहा है। शासन द्वारा जारी समर्थन मूल्य 2015 रुपये अधिक रेट हैं। बाजार में गेहूं 2015 रुपये से 23 रुपये तक खरीदी जा रही है। बाजार अधिक दाम मिलने से किसान भी अपनी उपज को बाजार में ही बेच रहे हैं। इससे क्रय केंद्रों की हालत खराब हो गई है। क्रय केंद्र पूरी तरह से सूने पड़े हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में 54 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इनमें 19 दिन में महज 600 क्विंटल गेहूं की खरीददारी हुई है।
विज्ञापन
शासन के निर्देश पर गेहूं खरीद के लिए 54 क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। बाजार में अधिक दाम मिलने से क्रय केंद्र पर 19 दिन में महज 600 क्विंटल की खरीद की गई है। - राकेश कुमार त्रिपाठी, खाद विपणन अधिकारी
विज्ञापन