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बीच बाजार हो रही गैस रिफलिंग
lalitpur
Updated Mon, 09 Jan 2017 12:49 AM IST
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गैस
- फोटो : demo pic
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शहर में एलपीजी गैस रिफलिंग का कारोबार खूब फल-फूल रहा है। कुछ लोग बीच बाजार में गैस रिफलिंग की दुकान खोले बैठे हैं तो कुछ लोग अपने घरों पर बैठकर ही कारों में गैस भर रहे हैं। पांच किलो गैस वाले छोटे सिलेंडर भी भरे जा रहे हैं। जिला मुख्यालय पर वर्षों से खुलेआम चल रहे इस अवैध कारोबार पर जिलापूर्ति विभाग, पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है।
शहर में गैस रिफलिंग का यह अवैध कारोबार कहीं चोरी-छिपे या फिर दूरदराज के इलाकों में नहीं चल रहा है, बल्कि घनी आबादी वाले मुहल्लों व बीच मार्केट में हजारों लोगों की जान को जोखिम में डालकर खुले आम चल रहा है। अन्य घरेलू एलपीजी घरेलू सिलेंडरों की तरह पांच किलो गैस वाला छोटा सिलेंडर भी गैस एजेंसियों से ही मिलता है। लेकिन एजेंसियों के चक्कर लगाने से बचने और समय बचाने के लिए लोग बाजार में दुकानों पर बिक रहे छोटे सिलेंडरों को बाजार सेे खरीद लेते हैं और जब सिलेंडर खाली हो जाता है तो इन्हीं दुकानदारों से गैस रिफिलिंग भी करा लेते हैं। दुकानदारों को एक छोटा सिलेंडर रिफिल करने में करीब 50 रुपये का फायदा हो जाता है। इसी तरह कारों में भी गैस रिफलिंग का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। जिला मुख्यालय पर यह स्थिति है तो ग्रामीण इलाकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
हो सकता है बड़ा हादसा
बीच आबादी में हो रही गैस रिफलिंग के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे। विगत छह जनवरी को एआटीओ कार्यालय के पास गैर रिफिल करते समय ही एक वैन में आग लगा गई थी। यह तो गनीमत रही की आसपास धनी आबादी नहीं थी और सिलेंडर भी नहीं फटा। लेकिन इस घटना के बाद जिम्मेेदार अधिकारियों व पुलिस को गंभीरता दिखानी जरूरी है।
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सदर चौकी क्षेत्र में फैला अधिक कारोबार
शहर में सबसे गैस रिफलिंग का कारोबार सबसे अधिक सदर चौकी क्षेत्र में फैला हुआ है। घंटाघर के पास स्थित जगदीश मार्केट में, गुडलक होटल के पास, वीर सावकर चौक से तालाबपुरा की ओर जाने वाले मार्ग पर, नदीपुरा, गोविंद नगर, मवेशी बाजार, चौबयाना आदि इलाकों में गैस रिफलिंग का काम खुलेआम चल रहा है। वहीं, स्टेशन क्षेत्र में, करीम नगर, लेडियापुरा, गांधीनगर आदि मुहल्लों में लोग अपने घरों से गैस रिफलिंग के अवैध काम को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस विभाग इनके खिलाफ कार्रवाई करने में कोई खास दिलचस्पी नहीं ले रहा है। पूर्व में पुलिस व जिलापूर्ति विभाग द्वारा कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, लेकिन जिन लोगों पर कार्रवाई की गई वह कार्रवाई के बाद और खुले आम कारोबार करने लगे हैं।
होम डिलेवरी की भी है सुविधा
गैस रिफलिंग करने वालों ने उपभोक्ताओं को होम डिलेवरी की सुविधा भी दे रखी है। वाहन स्वामी रिफलिंग करने वाले लोगों को फोन पर बुला लेते हैं, पांच से दस मिनिट में होने वाली रिफलिंग में दुकानदार को करीब सौ रुपए का फायदा हो जाता है। इसी तहर शादी-विवाह व अन्य कार्यक्रमों में उपयोग होने वाले सिलेंडरों में आधी-अधूरी गैस भरी रहती है। इन आधी-अधूरी गैसों वाले सिलेंडर की पल्टी करने के लिए भी इन्हीं गैर रिफलिंग करने वाले अवैध कारोबारियों का सहारा लिया जाता है।
अवैध रूप से गैस की रिफलिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश जिला आपूर्ति कार्यालय को दिए गए है। अभी तक क्या कार्रवाई हुई, जल्द ही इसकी रिपोर्ट तलब की जाएगी।
डॉ. रुपेश कुमार, डीएमी
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शहर में गैस रिफलिंग का यह अवैध कारोबार कहीं चोरी-छिपे या फिर दूरदराज के इलाकों में नहीं चल रहा है, बल्कि घनी आबादी वाले मुहल्लों व बीच मार्केट में हजारों लोगों की जान को जोखिम में डालकर खुले आम चल रहा है। अन्य घरेलू एलपीजी घरेलू सिलेंडरों की तरह पांच किलो गैस वाला छोटा सिलेंडर भी गैस एजेंसियों से ही मिलता है। लेकिन एजेंसियों के चक्कर लगाने से बचने और समय बचाने के लिए लोग बाजार में दुकानों पर बिक रहे छोटे सिलेंडरों को बाजार सेे खरीद लेते हैं और जब सिलेंडर खाली हो जाता है तो इन्हीं दुकानदारों से गैस रिफिलिंग भी करा लेते हैं। दुकानदारों को एक छोटा सिलेंडर रिफिल करने में करीब 50 रुपये का फायदा हो जाता है। इसी तरह कारों में भी गैस रिफलिंग का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। जिला मुख्यालय पर यह स्थिति है तो ग्रामीण इलाकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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हो सकता है बड़ा हादसा
बीच आबादी में हो रही गैस रिफलिंग के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे। विगत छह जनवरी को एआटीओ कार्यालय के पास गैर रिफिल करते समय ही एक वैन में आग लगा गई थी। यह तो गनीमत रही की आसपास धनी आबादी नहीं थी और सिलेंडर भी नहीं फटा। लेकिन इस घटना के बाद जिम्मेेदार अधिकारियों व पुलिस को गंभीरता दिखानी जरूरी है।
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सदर चौकी क्षेत्र में फैला अधिक कारोबार
शहर में सबसे गैस रिफलिंग का कारोबार सबसे अधिक सदर चौकी क्षेत्र में फैला हुआ है। घंटाघर के पास स्थित जगदीश मार्केट में, गुडलक होटल के पास, वीर सावकर चौक से तालाबपुरा की ओर जाने वाले मार्ग पर, नदीपुरा, गोविंद नगर, मवेशी बाजार, चौबयाना आदि इलाकों में गैस रिफलिंग का काम खुलेआम चल रहा है। वहीं, स्टेशन क्षेत्र में, करीम नगर, लेडियापुरा, गांधीनगर आदि मुहल्लों में लोग अपने घरों से गैस रिफलिंग के अवैध काम को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस विभाग इनके खिलाफ कार्रवाई करने में कोई खास दिलचस्पी नहीं ले रहा है। पूर्व में पुलिस व जिलापूर्ति विभाग द्वारा कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, लेकिन जिन लोगों पर कार्रवाई की गई वह कार्रवाई के बाद और खुले आम कारोबार करने लगे हैं।
होम डिलेवरी की भी है सुविधा
गैस रिफलिंग करने वालों ने उपभोक्ताओं को होम डिलेवरी की सुविधा भी दे रखी है। वाहन स्वामी रिफलिंग करने वाले लोगों को फोन पर बुला लेते हैं, पांच से दस मिनिट में होने वाली रिफलिंग में दुकानदार को करीब सौ रुपए का फायदा हो जाता है। इसी तहर शादी-विवाह व अन्य कार्यक्रमों में उपयोग होने वाले सिलेंडरों में आधी-अधूरी गैस भरी रहती है। इन आधी-अधूरी गैसों वाले सिलेंडर की पल्टी करने के लिए भी इन्हीं गैर रिफलिंग करने वाले अवैध कारोबारियों का सहारा लिया जाता है।
अवैध रूप से गैस की रिफलिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश जिला आपूर्ति कार्यालय को दिए गए है। अभी तक क्या कार्रवाई हुई, जल्द ही इसकी रिपोर्ट तलब की जाएगी।
डॉ. रुपेश कुमार, डीएमी