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मंडी में सोशल डिस्टेंस का पालन कराना बना चुनौती
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ललितपुर। अमरपुर विशिष्ट गल्ला मंडी में सोशल डिस्टेंस का पालन कराना व्यापारी व प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। इस कारण फिलहाल गल्ला मंडी बंद कर दी गई है। यहां एक ही दिन उपज की खरीद हो पाई। इस दौरान बड़े पैमाने गड़बड़ी उजागर हुई थी, जिस पर मंडी सचिव को निलंबित करके कंट्रोल रूम में अटैच किया गया है।
लॉकडाउन में किसानों को राहत पहुंचाने के लिए गल्ला मंडी खोलने की कोशिश की जा रही है। गत दिवस अमरपुर विशिष्ट मंडी में गल्ले की खरीद हुई तो सोशल डिस्टेंस की धज्जियां उड़ गईं, साथ ही किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ भी नहीं मिल सका। इस पर जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल ने कार्रवाई करते हुए मंडी सचिव को निलंबित करके कंट्रोल रूम में संबद्घ कर दिया है।
इससे व्यापारियों के हाथ- पैर फूलने लगे। व्यापारियों का तर्क है कि जब तक प्रशासन की ओर से चाक- चौबंद व्यवस्था नहीं हो जाती हैं, तब तक विशिष्ट मंडी स्थल अमरपुर बंद रहेगी। इससे किसानों में एक बार फिर मायूसी छा गई है। हालांकि, तहसील स्तर पर किसानों की उपज की खरीदारी होती रहेगी।
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उधर, पंद्रह अप्रैल से 85 गेहूं खरीद केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू हो रही है। लोगों का मानना है कि इससे किसानों पर मंडी बंद होने से ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
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तहसीलस्तर पर खरीद चालू रहेगी। वहीं, गेहूं खरीद केंद्रों पर बुधवार से खरीद प्रारंभ हो जाएगी। अमरपुर मंडी में सोशल डिस्टेंस की समस्या को देखते हुए फिलहाल बंद किया गया है। इसे शीघ्र ही शुरू किया जाएगा।
- अनिल कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी
इस समय अधिकतर किसानों पर कर्ज चुकाने का दवाब है, उन्हें ट्रैक्टर, डीजल, हार्वेस्टर, मजदूरों आदि का पैसा देना है, इसके अलावा कृषि कार्य में कई और चीजें भी उधार में किसानों ने ली हैं। ऐसे में गल्ला मंडी खुलना चाहिए, जिससे कि किसान अपनी उपज बेचकर उधारी को चुका सकें। जहां तक सोशल डिस्टेंस के पालन की बात है, प्रशासन इसकी रणनीति बनाए।
- रंजीत सिंह, जिलाध्यक्ष, भाकियू
फसल घर आने पर किसान लंबे समय से कई अटके कार्यों को निपटाने की योजना बना रहा है। इसलिए किसानों में उपज बेचने की हड़बड़ाहट है, ऐसे में मंडी बंद रखना किसानों के साथ नाइंसाफी होगी। मंडी संचालन में जो भी कमियां हैं, उन्हें पूर्ण कराते हुए तत्काल गल्ला मंडी खोली जानी चाहिए।
- केहर सिंह बुंदेला, प्रांतीय उपाध्यक्ष, भारतीय किसान संघ
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निर्धारित मूल्य पर खरीद करने से किए हाथ खड़े
गल्ला व्यापार मंडल के अध्यक्ष अशोक जैन अनौरा ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर अमरपुर गल्ला मंडी के संचालन में आ रही समस्याओं के निराकरण की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि प्रशासन द्वारा अनुमति प्राप्त किसान और उसके ट्रैक्टर को ही मंडी में प्रवेश कराया जाए। मंडी में गल्ला की डाक प्रशासन की ओर से कराने, कार्यरत व्यापारी, कर्मचारी को जिला प्रशासन से कर्फ्यू पास जारी करने, मंडी परिसर में स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था करने, ऑनलाइन टोकन व्यवस्था करने की मांग की है। यह भी कहा गया कि समस्त अनाज निर्धारित मूल्य पर खरीदा जाना संभव नहीं है। ज्ञापन पर उद्योग व्यापार मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्र जैन मयूर, जिलाध्यक्ष प्रदीप त्रिपाठी, नितिन अग्रवाल, राजेंद्र जैन के हस्ताक्षर बने हैं।
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लॉकडाउन में किसानों को राहत पहुंचाने के लिए गल्ला मंडी खोलने की कोशिश की जा रही है। गत दिवस अमरपुर विशिष्ट मंडी में गल्ले की खरीद हुई तो सोशल डिस्टेंस की धज्जियां उड़ गईं, साथ ही किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ भी नहीं मिल सका। इस पर जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल ने कार्रवाई करते हुए मंडी सचिव को निलंबित करके कंट्रोल रूम में संबद्घ कर दिया है।
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इससे व्यापारियों के हाथ- पैर फूलने लगे। व्यापारियों का तर्क है कि जब तक प्रशासन की ओर से चाक- चौबंद व्यवस्था नहीं हो जाती हैं, तब तक विशिष्ट मंडी स्थल अमरपुर बंद रहेगी। इससे किसानों में एक बार फिर मायूसी छा गई है। हालांकि, तहसील स्तर पर किसानों की उपज की खरीदारी होती रहेगी।
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उधर, पंद्रह अप्रैल से 85 गेहूं खरीद केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू हो रही है। लोगों का मानना है कि इससे किसानों पर मंडी बंद होने से ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
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तहसीलस्तर पर खरीद चालू रहेगी। वहीं, गेहूं खरीद केंद्रों पर बुधवार से खरीद प्रारंभ हो जाएगी। अमरपुर मंडी में सोशल डिस्टेंस की समस्या को देखते हुए फिलहाल बंद किया गया है। इसे शीघ्र ही शुरू किया जाएगा।
- अनिल कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी
इस समय अधिकतर किसानों पर कर्ज चुकाने का दवाब है, उन्हें ट्रैक्टर, डीजल, हार्वेस्टर, मजदूरों आदि का पैसा देना है, इसके अलावा कृषि कार्य में कई और चीजें भी उधार में किसानों ने ली हैं। ऐसे में गल्ला मंडी खुलना चाहिए, जिससे कि किसान अपनी उपज बेचकर उधारी को चुका सकें। जहां तक सोशल डिस्टेंस के पालन की बात है, प्रशासन इसकी रणनीति बनाए।
- रंजीत सिंह, जिलाध्यक्ष, भाकियू
फसल घर आने पर किसान लंबे समय से कई अटके कार्यों को निपटाने की योजना बना रहा है। इसलिए किसानों में उपज बेचने की हड़बड़ाहट है, ऐसे में मंडी बंद रखना किसानों के साथ नाइंसाफी होगी। मंडी संचालन में जो भी कमियां हैं, उन्हें पूर्ण कराते हुए तत्काल गल्ला मंडी खोली जानी चाहिए।
- केहर सिंह बुंदेला, प्रांतीय उपाध्यक्ष, भारतीय किसान संघ
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निर्धारित मूल्य पर खरीद करने से किए हाथ खड़े
गल्ला व्यापार मंडल के अध्यक्ष अशोक जैन अनौरा ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर अमरपुर गल्ला मंडी के संचालन में आ रही समस्याओं के निराकरण की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि प्रशासन द्वारा अनुमति प्राप्त किसान और उसके ट्रैक्टर को ही मंडी में प्रवेश कराया जाए। मंडी में गल्ला की डाक प्रशासन की ओर से कराने, कार्यरत व्यापारी, कर्मचारी को जिला प्रशासन से कर्फ्यू पास जारी करने, मंडी परिसर में स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था करने, ऑनलाइन टोकन व्यवस्था करने की मांग की है। यह भी कहा गया कि समस्त अनाज निर्धारित मूल्य पर खरीदा जाना संभव नहीं है। ज्ञापन पर उद्योग व्यापार मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्र जैन मयूर, जिलाध्यक्ष प्रदीप त्रिपाठी, नितिन अग्रवाल, राजेंद्र जैन के हस्ताक्षर बने हैं।