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फलदार पौधे बनेंगे आय के साधन
lalitpur
Updated Mon, 30 May 2016 01:18 AM IST
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कृष्ाि
- फोटो : demo pic
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ललितपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीबों के दिन बुंदेलखंड विशेष पैकेज से बहुरेंगे। योजनांतर्गत गरीब लघु, सीमांत कृषक और भूमिहीनों को घर के अंदर, बाहर या फिर बाड़े में लगाने के लिए पांच प्रकार के फलदार पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उनकी आय में बढ़ोत्तरी होगी।
बुंदेलखंड प्रदेश का पिछड़ा क्षेत्र है। इसे ध्यान में रखकर बुंदेलखंड विशेष पैकेज के अंतर्गत कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इनमें पोषक वाटिका भी शामिल है। योजनांतर्गत गांव के गरीब, लघु, सीमांत और भूमिहीनों को घर के अंदर, बाहर व बाड़े में अमरूद, पपीता, नीबू, सहजन व शीशम के पौधे रोपण के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। शासन ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में उद्यान विभाग को दस हजार परिवारों को लाभान्वित करने का लक्ष्य प्रदान किया है।
जिला उद्यान अधिकारी सुघर सिंह का कहना है कि यह योजना काफी हितकारी है। इसके तहत लगाए जाने वाले पौधे के फल बेचकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा वाटिका मालिक उन फलों का स्वयं भी उपयोग कर सकते हैं। पांच प्रकार के पौधे उपलब्ध कराने के पीछे कारण है कि हर सीजन में वाटिका मालिक को किसी न किसी पौधे से फल मिल सकेंगे।
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योजनाओं से अनभिज्ञ किसान
जिले का किसान लाभकारी योजनाओं से अनभिज्ञ बना हुआ है, जिससे वास्तविक लोगों को उनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। उद्यान विभाग ने विशेष पैकेज की योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्णय लिया है, जिससे आने वाले दिनों में ज्यादा से ज्यादा लोग योजना का लाभ उठा सकें।
हरियाली को मिलेगा बढ़ावा
पोषक वाटिका योजना से ग्रामीण क्षेत्रों को हरा-भरा बनाने में मदद मिल सकेगी। प्रदेश सरकार हरियाली का दायरा बढ़ाने पर व्यापक धन खर्च कर रही है। इसमें सरकार किसानों काभी हित देख रही है।
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बुंदेलखंड प्रदेश का पिछड़ा क्षेत्र है। इसे ध्यान में रखकर बुंदेलखंड विशेष पैकेज के अंतर्गत कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इनमें पोषक वाटिका भी शामिल है। योजनांतर्गत गांव के गरीब, लघु, सीमांत और भूमिहीनों को घर के अंदर, बाहर व बाड़े में अमरूद, पपीता, नीबू, सहजन व शीशम के पौधे रोपण के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। शासन ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में उद्यान विभाग को दस हजार परिवारों को लाभान्वित करने का लक्ष्य प्रदान किया है।
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जिला उद्यान अधिकारी सुघर सिंह का कहना है कि यह योजना काफी हितकारी है। इसके तहत लगाए जाने वाले पौधे के फल बेचकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा वाटिका मालिक उन फलों का स्वयं भी उपयोग कर सकते हैं। पांच प्रकार के पौधे उपलब्ध कराने के पीछे कारण है कि हर सीजन में वाटिका मालिक को किसी न किसी पौधे से फल मिल सकेंगे।
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योजनाओं से अनभिज्ञ किसान
जिले का किसान लाभकारी योजनाओं से अनभिज्ञ बना हुआ है, जिससे वास्तविक लोगों को उनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। उद्यान विभाग ने विशेष पैकेज की योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्णय लिया है, जिससे आने वाले दिनों में ज्यादा से ज्यादा लोग योजना का लाभ उठा सकें।
हरियाली को मिलेगा बढ़ावा
पोषक वाटिका योजना से ग्रामीण क्षेत्रों को हरा-भरा बनाने में मदद मिल सकेगी। प्रदेश सरकार हरियाली का दायरा बढ़ाने पर व्यापक धन खर्च कर रही है। इसमें सरकार किसानों काभी हित देख रही है।