सरकारी राशन का अवैध भंडार पकड़ा, पुलिस ने दर्ज किया एफआईआर
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शुक्रवार को जाखलौन में सरकारी खाद्यान्न का अवैध भंडारण पकड़ा गया। जांच के दौरान एक गोदाम में गेहूं के 32 सौ बोरे तथा दूसरे गोदाम में गेहूं व चावल से भरे आठ सौ बोरे मिले। मामले में गोदाम संचालक पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह को सूचना मिली थी जाखलौन में सरकारी राशन की कालाबाजारी हो रही है। इस पर जांच टीम गठित की गई। डीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार अजय कुमार, राजस्व निरीक्षक तथा क्षेत्रीय लेखपाल ने कस्बा जाखलौन में स्थित कस्बा निवासी अशोक जैन पुत्र निर्मल कुमार जैन के घर पर पुलिस बल के साथ छापा मारा।
मौके पर अशोक जैन तो नहीं मिले, लेकिन उनकी पत्नी सुनीता जैन मौजूद थीं। जांच टीम ने जब घर के अंदर बने गोदामों में रखे गेहूं व चावल के बारे में पूछा तो उन्होंने जानकारी देने में असमर्थता जताई। सुनीता जैन की उपस्थिति में जांच टीम ने गोदाम खोलकर देखे तो पहले गोदाम में गेहूं के 32 सौ बोरे तथा दूसरे गोदाम में गेहूं और चावल के आठ सौ बोरे पाए गए।
बोरों के ऊपर भारतीय खाद्य निगम तथा उप्र सरकार खाद्य एवं रसद विभाग लिखा हुआ था। कुछ बोरे सादा भी थे। इसी दौरान अशोक जैन भी पहुंच गए। जांच टीम ने जब अशोक जैन से इतनी बड़ी मात्रा में रखे गेहूं और चावल के बारे में पूछा तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए और न ही वह भंडारण से संबंधित कागज दिखा सके। यह खाद्यान्न अंत्योदय तथा पात्र गृहस्थी योजनाओं से संबंधित था। जांच टीम ने दोनों गोदामों में बाहर के दरवाजे को ताला बंद कर सील कर दिया।
जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। इस पर नायब तहसीलदार की तहरीर पर अशोक जैन के खिलाफ थाना जाखलौन में धारा 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
मध्यस्थता काम नहीं आई
व्यापारी अशोक जैन के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई होने की खबर कुछ ही देर में उनके समर्थकों तक पहुंच गई तो मध्यस्थता के प्रयास शुरू हो गए। व्यापारियों का तर्क था कि भारतीय खाद्य निगम के बोरे बाजार में भी उपलब्ध हैं, इसलिए यह नहीं कहा जा सकता है कि कालाबाजारी की जा रही थी। इसको लेकर काफी देर तक मध्यस्थता करने वाले अपने तर्क देते रहे, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ और प्रशासन ने एफआईआर दर्ज करा दी।