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कोरोना से बचना है तो खानपान ठीक रखें
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ललितपुर। पहलवान गुरुदीन ग्रुप ऑफ कॉलेज के गृह विज्ञान विभाग द्वारा कोविड-19 के दौरान पोषण पद्धति विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि खानपान से कोरोना से बचा जा सकता है।
मुख्य अतिथि इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन विश्वविद्यालय बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी की डॉ. रश्मि सिंह और टीआरवाईएस पीजी कॉलेज मोंठ झांसी की डॉ. पिंकी सिंह रहीं। मुख्य वक्ता जीडीएम पीजी कॉलेज गोरखपुर की डॉ. अर्चना तिवारी ने अपने कहा कि कोरोना महामारी से बचाव के लिए अभी तक किसी भी प्रकार की दवा उपलब्ध नहीं हैं, परंतु अपने खानपान को बेहतर बनाकर इससे बचा जा सकता है। इसके लिए दिनचर्या को परिवर्तित करना होगा। हम अपने घर की रसोई में मौजूद खाद्य पदार्थों की परख करके नियमित और संतुलित आहार से अपने आपको सुरक्षित रख सकते हैं। लहसुन, नीबू, संतरा, बादाम के साथ-साथ हरी सब्जियों पर विशेष ध्यान देना होगा और गुनगुने पानी के सेवन के साथ-साथ विटामिन डी की पूर्ति के लिए धूप भी लेना अनिवार्य है।
नेहरू महाविद्यालय ललितपुर डॉ. रिचा साहनी ने कहा कि हमारे शरीर में अनेक प्रकार के तत्वों की आवश्यकता होती है, जिसे हम शुष्क भोजन से पूर्ण नहीं कर सकते हैं। शरीर में तरल पदार्थों की आवश्यकता होती है, जिसकी पूर्ति फलों और सब्जियों से जा सकती है। दवाओं के अधिकाधिक प्रयोग नहीं करना चाहिए। डॉ. रश्मि सिंह ने बताया कि इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत करने के लिए विटामिन सी का प्रयोग करना लाभकारी है, जिसमें आंवला, नीबू, दही महत्वपूर्ण हैं। परंतु, मात्रा का ध्यान जरूर रखें। हल्दी, अदरक, तुलसी इत्यादि का प्रयोग कर सकते हैं।
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डॉ. पिंकी सिंह ने कहा कि घर पर बने शुद्ध आहार को प्राथमिकता में लें, खट्टे फलों, गुण का सेवन करें व योगा को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। गोवा यूनिवर्सिटी की डॉ. सिमरन ने कहा कि विटामिन डी महत्वपूर्ण तत्व है, जो इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाता है। नेहरू महाविद्यालय की डॉ. निधि खरे ने बताया कि जिस प्रकार से संपूर्ण भौतिक वातावरण को विभिन्न प्रकार के तत्वों के द्वारा सुरक्षित किया जाता है, उसी प्रकार से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को विभिन्न तत्वों द्वारा सुरक्षित किया जाता है। डॉ. रागनी मिश्रा ग्राम स्थली महिला महाविद्यालय, संस्थापक डॉ. पारसनाथ यादव डॉ. वंदना याज्ञिक ने विचार व्यक्त किए। मुख्य तकनीकि सहायक प्रो. विशाल कनौजिया, कम्प्यूटर सहायक आशीष झा रहे। ई-संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर रमेश चंद्र पटेल ने किया।
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मुख्य अतिथि इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन विश्वविद्यालय बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी की डॉ. रश्मि सिंह और टीआरवाईएस पीजी कॉलेज मोंठ झांसी की डॉ. पिंकी सिंह रहीं। मुख्य वक्ता जीडीएम पीजी कॉलेज गोरखपुर की डॉ. अर्चना तिवारी ने अपने कहा कि कोरोना महामारी से बचाव के लिए अभी तक किसी भी प्रकार की दवा उपलब्ध नहीं हैं, परंतु अपने खानपान को बेहतर बनाकर इससे बचा जा सकता है। इसके लिए दिनचर्या को परिवर्तित करना होगा। हम अपने घर की रसोई में मौजूद खाद्य पदार्थों की परख करके नियमित और संतुलित आहार से अपने आपको सुरक्षित रख सकते हैं। लहसुन, नीबू, संतरा, बादाम के साथ-साथ हरी सब्जियों पर विशेष ध्यान देना होगा और गुनगुने पानी के सेवन के साथ-साथ विटामिन डी की पूर्ति के लिए धूप भी लेना अनिवार्य है।
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नेहरू महाविद्यालय ललितपुर डॉ. रिचा साहनी ने कहा कि हमारे शरीर में अनेक प्रकार के तत्वों की आवश्यकता होती है, जिसे हम शुष्क भोजन से पूर्ण नहीं कर सकते हैं। शरीर में तरल पदार्थों की आवश्यकता होती है, जिसकी पूर्ति फलों और सब्जियों से जा सकती है। दवाओं के अधिकाधिक प्रयोग नहीं करना चाहिए। डॉ. रश्मि सिंह ने बताया कि इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत करने के लिए विटामिन सी का प्रयोग करना लाभकारी है, जिसमें आंवला, नीबू, दही महत्वपूर्ण हैं। परंतु, मात्रा का ध्यान जरूर रखें। हल्दी, अदरक, तुलसी इत्यादि का प्रयोग कर सकते हैं।
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डॉ. पिंकी सिंह ने कहा कि घर पर बने शुद्ध आहार को प्राथमिकता में लें, खट्टे फलों, गुण का सेवन करें व योगा को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। गोवा यूनिवर्सिटी की डॉ. सिमरन ने कहा कि विटामिन डी महत्वपूर्ण तत्व है, जो इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाता है। नेहरू महाविद्यालय की डॉ. निधि खरे ने बताया कि जिस प्रकार से संपूर्ण भौतिक वातावरण को विभिन्न प्रकार के तत्वों के द्वारा सुरक्षित किया जाता है, उसी प्रकार से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को विभिन्न तत्वों द्वारा सुरक्षित किया जाता है। डॉ. रागनी मिश्रा ग्राम स्थली महिला महाविद्यालय, संस्थापक डॉ. पारसनाथ यादव डॉ. वंदना याज्ञिक ने विचार व्यक्त किए। मुख्य तकनीकि सहायक प्रो. विशाल कनौजिया, कम्प्यूटर सहायक आशीष झा रहे। ई-संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर रमेश चंद्र पटेल ने किया।