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सोलह दिन में पांच महिलाओं समेत पंद्रह ने की आत्महत्याएं

Thu, 27 May 2021 12:52 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 27 May 2021 12:52 AM IST
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five women including 15 suiside in 16 days
ललितपुर। जनपद में विभिन्न थाना क्षेत्रों के अंतर्गत बीते सोलह दिनों में पांच महिलाओं समेत सोलह लोगों ने आत्महत्या की हैं। इनमें पांच महिलाएं व नौ युवक तीस वर्ष से कम आयु के हैं, जबकि दो ग्रामीण 45 वर्ष के हैं। इन लोगों में तीन ने ट्रेन के आगे कूदकर, दो ने कुएं में कूदकर और ग्यारह ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। वहीं, बीते पौने दो माह में अब तक 41 लोगों ने आत्महत्या की है।
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जनपद में एक ओर जहां कोरोना बीमारी कहर बरपा रही है, वहीं युवा पीढ़ी के लोग छोटी-बड़ी बातों से आत्मसम्मान को आघात मानकर आत्महत्या जैसे कदम उठा रहे हैं। बीते सोलह दिनों में जनपद में पांच महिलाओं, नौ युवकों व दो व्यक्तियों ने घरेलू, मानसिक, आर्थिक व बेरोजगारी के चलते आत्महत्या जैसे कदम उठाकर मौत को गले लगा लिया। जिससे उनका पूरा परिवार ही बिखर गया है। इनमें एक युवक ने शादी टूटने के चलते आत्महत्या कर ली थी। बीते रोज कुम्हैड़ी गांव में एक व्यक्ति ने बीमारी से तंग आकर कुएं में कूदकर आत्महत्या की थी। जबकि अब बुधवार को ही कुम्हैड़ी में रोजगार छिनने की वजह से फांसी लगाकर मौत को गले लगा लिया। वहीं इनमें जाखलौन क्षेत्र में प्रेमी युगल ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की थी। यह सारे मामले 11 मई से अब तक के हैं, जिनमें 16 लोगों ने आत्महत्या की हैं। वहीं एक अप्रैल से दस मई तक 25 लोगों द्वारा आत्महत्या की गई, इनमें बीस ने फांसी लगाई थी, जबकि पांच ने जहर खाकर जान दी थी। इस प्रकार बीते पौने दो माह में अब तक 41 लोगों ने आत्महत्या कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है।
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अपनी परेशानी घर परिवार के सदस्यों, दोस्तों को बताएं। प्रताड़ना के मामले में प्रशासन को बताएं। मौत को गले लगाने वाले भी ऐसा करते तो उन्हें रोका जा सकता था। किसी परेशान व्यक्ति को पारिवारिक सदस्यों, समाज या प्रशासन के माध्यम से सही समय पर मदद का आश्वासन मिल जाए, तो आत्महत्याओं के बहुत से मामले रोके जा सकते हैं। कोई भी व्यक्ति आत्महत्या से पहले कोई संकेत जरूर देता है, ऐसे में परिवार व समाज के लोगों को उसकी ऐसी किसी भी बात या एक्टिविटी को नजर अंदाज नहीं करना चाहिए।
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-डॉ. संजीव कुमार शर्मा, मनोविश्लेषक।
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