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लॉकडाउन से विवाहघरों को पांच करोड़ का नुकसान
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सूने पड़े शादी घर
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। देश में लॉकडाउन के चलते शादी घरों का व्यवसाय पूरी तरह चौपट हो गया है। जो शादियों के लिए शादी घरों में बुकिंग कराई गईं थी, वह भी निरंतर निरस्त होती जा रही हैं। कई शादी घर संचालकों को किराया चुकाना मुश्किल हो गया है। शादी घरों की रखवाली में लगे कर्मियों का भुगतान मुश्किल हो रहा है। हर महीने आ रहा बिजली का बिल अलग से परेशान किए हुए है। विवाह घर बंद होने से करीब पांच करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए लॉकडाउन किया गया है। इससे कई व्यवसायों को भारी नुकसान हुआ है। इन्हीं में से एक शादीघरों का व्यवसाय है। जिन लोगों ने शादी संबंध तय कर धूमधाम से आयोजन करने का सपना संजोया था, उनके सपने तार - तार हो गए हैं। कई लोगों ने शादी समारोह के आयोजन स्थगित कर दिए हैं। इससे शादीघरों में जहां शहनाई गूंजती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा है। संचालक आयोजन निरस्त होने की सूचना से परेशान हैं। अब शादी घरों से मुनाफा कमाना तो दूर, कर्मचारियों और बिजली का भुगतान करना घाटे का सौदा हो गया है।
जिले में एक सैकड़ा विवाह घर हैं। इसमें से करीब आधे शहर में हैं। विवाह घर संचालकों को व्यवसाय पर लगी रोक खुलने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है। उनका कहना है कि यदि यही हाल रहा, तो शादीघर का किराया चुकाना मुश्किल हो जाएगा। चैत्र और बैसाख में सबसे ज्यादा शादी के आयोजन होते थे और इन्हीं दिनों में शादी घरों में ताले लटके हैं।
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उधर, संदीप मैरिज गार्डन के संचालक मोनू पांडिया का कहना है कि शासन की गाइड लाइन में धार्मिक, सामाजिक आयोजन में सोशल डिस्टेंस बड़ी बाधा है, इसलिए शादीघरों को आयोजन करने की अनुमति मिलने की उम्मीद न के बराबर ही है। ऐसे में शादीघर व्यवसाय को बड़ा नुकसान होने जा रहा है।
सोलह अप्रैल से लेकर मई माह की बुकिंग निरस्त हो गई हैं। इससे हर महीने आ रहा बिजली का भुगतान, शादीघर में लगे कर्मियों का भुगतान, खाना - खुराक का इंतजाम मुश्किल हो गया है। इस व्यापार में शौक के तौर उतरे थे, लेकिन मौजूदा परिस्थिति से यह व्यापार घाटे का सौदा साबित हो रहा है।
- अनिल सैनी (भोलू), संचालक रायल मैरिज गार्डन
लॉकडाउन के चलते करीब दस लाख रुपये का नुकसान इस व्यवसाय में हो चुका है। देवगढ़ रोड पर मिलन वाटिका की ओपनिंग होनी थी, जिसे लॉकडाउन की वजह से टाल दिया गया है। इसकी कई बुकिंग भी निरस्त हो गई हैं। हाल ही में रिमझिम मैरिज गार्डन, राठौर मैरिज गार्डन, वृंदावन मैरिज गार्डन, मिलन वाटिका में आयोजन रद्द हुए हैं।
- बिहारी राठौर, संचालक रिमझिम मैरिज गार्डन
सात बुकिंग निरस्त हो गई हैं। विवाह घर मालिक और उनका साझा व्यवसाय है, इसलिए दोनों ही इस नुकसान को उठाएंगे। यदि कार्यक्रम बुकिंग अनुसार हो जाते हैं, तो करीब एक बुकिंग पर 25 हजार रुपये का मुनाफा होता। मई माह में भी व्यवसाय पटरी पर आता नहीं दिख रहा है। आगे बरसात आने वाली है तो ऐसे में चौकीदार, माली और बिजली बिल जेब से ही चुकाना पड़ेगा।
- झल्लू पांडिया, संचालक अमर मैरिज गार्डन
लॉकडाउन के कारण विवाह घर के साथ शमयाना व्यवसाय को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। पूरे जिले में करीब पांच करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। इस संबंध में शीघ्र ही जिलाधिकारी से मुलाकात कर व्यवसाय में आ रही समस्या से अवगत कराया जाएगा।
सुरेश बड़ेरा, जिलाध्यक्ष टेंट यूनियन
---इन व्यवसायों को भी हो रहा नुकसान
विवाह घर के साथ शमयाना, हलवाई, चाट, पानी के कंटेनर, सब्जी, किराना, कार्ड, बैंड, बर्तन, फर्नीचर, फूल माला, सजावट, फल व्यवसाय भी जुड़ा है, जो लॉकडाउन में बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके अलावा श्रमिकों के रोजगार का सृजन भी बंद हो गया है। कैटरिंग व बैंड में बड़ी संख्या में श्रमिकों को रोजगार मिलता था। इसके अलावा पंडित और नाई भी रोजगार से वंचित हो गए हैं।
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कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए लॉकडाउन किया गया है। इससे कई व्यवसायों को भारी नुकसान हुआ है। इन्हीं में से एक शादीघरों का व्यवसाय है। जिन लोगों ने शादी संबंध तय कर धूमधाम से आयोजन करने का सपना संजोया था, उनके सपने तार - तार हो गए हैं। कई लोगों ने शादी समारोह के आयोजन स्थगित कर दिए हैं। इससे शादीघरों में जहां शहनाई गूंजती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा है। संचालक आयोजन निरस्त होने की सूचना से परेशान हैं। अब शादी घरों से मुनाफा कमाना तो दूर, कर्मचारियों और बिजली का भुगतान करना घाटे का सौदा हो गया है।
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जिले में एक सैकड़ा विवाह घर हैं। इसमें से करीब आधे शहर में हैं। विवाह घर संचालकों को व्यवसाय पर लगी रोक खुलने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है। उनका कहना है कि यदि यही हाल रहा, तो शादीघर का किराया चुकाना मुश्किल हो जाएगा। चैत्र और बैसाख में सबसे ज्यादा शादी के आयोजन होते थे और इन्हीं दिनों में शादी घरों में ताले लटके हैं।
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उधर, संदीप मैरिज गार्डन के संचालक मोनू पांडिया का कहना है कि शासन की गाइड लाइन में धार्मिक, सामाजिक आयोजन में सोशल डिस्टेंस बड़ी बाधा है, इसलिए शादीघरों को आयोजन करने की अनुमति मिलने की उम्मीद न के बराबर ही है। ऐसे में शादीघर व्यवसाय को बड़ा नुकसान होने जा रहा है।
सोलह अप्रैल से लेकर मई माह की बुकिंग निरस्त हो गई हैं। इससे हर महीने आ रहा बिजली का भुगतान, शादीघर में लगे कर्मियों का भुगतान, खाना - खुराक का इंतजाम मुश्किल हो गया है। इस व्यापार में शौक के तौर उतरे थे, लेकिन मौजूदा परिस्थिति से यह व्यापार घाटे का सौदा साबित हो रहा है।
- अनिल सैनी (भोलू), संचालक रायल मैरिज गार्डन
लॉकडाउन के चलते करीब दस लाख रुपये का नुकसान इस व्यवसाय में हो चुका है। देवगढ़ रोड पर मिलन वाटिका की ओपनिंग होनी थी, जिसे लॉकडाउन की वजह से टाल दिया गया है। इसकी कई बुकिंग भी निरस्त हो गई हैं। हाल ही में रिमझिम मैरिज गार्डन, राठौर मैरिज गार्डन, वृंदावन मैरिज गार्डन, मिलन वाटिका में आयोजन रद्द हुए हैं।
- बिहारी राठौर, संचालक रिमझिम मैरिज गार्डन
सात बुकिंग निरस्त हो गई हैं। विवाह घर मालिक और उनका साझा व्यवसाय है, इसलिए दोनों ही इस नुकसान को उठाएंगे। यदि कार्यक्रम बुकिंग अनुसार हो जाते हैं, तो करीब एक बुकिंग पर 25 हजार रुपये का मुनाफा होता। मई माह में भी व्यवसाय पटरी पर आता नहीं दिख रहा है। आगे बरसात आने वाली है तो ऐसे में चौकीदार, माली और बिजली बिल जेब से ही चुकाना पड़ेगा।
- झल्लू पांडिया, संचालक अमर मैरिज गार्डन
लॉकडाउन के कारण विवाह घर के साथ शमयाना व्यवसाय को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। पूरे जिले में करीब पांच करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। इस संबंध में शीघ्र ही जिलाधिकारी से मुलाकात कर व्यवसाय में आ रही समस्या से अवगत कराया जाएगा।
सुरेश बड़ेरा, जिलाध्यक्ष टेंट यूनियन
---इन व्यवसायों को भी हो रहा नुकसान
विवाह घर के साथ शमयाना, हलवाई, चाट, पानी के कंटेनर, सब्जी, किराना, कार्ड, बैंड, बर्तन, फर्नीचर, फूल माला, सजावट, फल व्यवसाय भी जुड़ा है, जो लॉकडाउन में बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके अलावा श्रमिकों के रोजगार का सृजन भी बंद हो गया है। कैटरिंग व बैंड में बड़ी संख्या में श्रमिकों को रोजगार मिलता था। इसके अलावा पंडित और नाई भी रोजगार से वंचित हो गए हैं।