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ढाई घंटे बाद काबू में आ सकी जंगल में लगी आग
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सैपुरा वीट के जंगल में फैली आग
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। ललितपुर रेंज के सैपुरा जंगल में अचानक आग फैल गई। इससे वन विभाग में हड़कंप मच गया। संसाधनों के अभाव में आग बुझाना मुश्किल हो गया। स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से वन कर्मियों ने आग पर काबू पाया।
इन दिनों पतझड़ का मौसम चल रहा है। जंगल में पेड़ों के नीचे पत्तों के ढेर लगे हैं। इसके अलावा घास भी सूख गई है। इस कारण जंगल में आग फैलने का खतरा बढ़ गया है। शुक्रवार की दोपहर दो बजे के आसपास सैपुरा क्षेत्र में अचानक आग फैल गई। स्थानीय लोगों की उस पर नजर पड़ गई और उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दे दी। कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना वन विभाग मुख्यालय पहुंची। इसके बाद वनाधिकारियों के हाथ पैर फूल गए। उधर, दमकल विभाग भी हरकत में आ गया। इसी वर्ष चांदपुर-जहाजपुर के आसपास प्लांटेशन का कार्य कराया गया है। इससे फैली आग से प्लांटेशन को खतरा उत्पन्न हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि आग लगने की सूचना होने के बाद भी कोई जिम्मेदार वन अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे और उन्होंने आग बुझाने के वाचर को निर्देश देकर इतिश्री कर ली। इस बात से स्थानीय लोगों में रोष नजर आया। डीएफओ से संपर्क साधा गया तो उन्होंने बताया कि वन विभाग के कर्मचारी आग बुझा रहे हैं जबकि जिस समय आग फैलना शुरू हुई थी, उस समय तक मौके पर वन विभाग का कोई भी कर्मचारी नहीं पहुंचा।
तो स्वाहा हो जाता प्लांटेशन
मानसून सीजन में लक्ष्य से ज्यादा पौध रोपित कर शासन प्रशासन से खुद की पीठ थपथपाई लेकिन जब उनकी सुरक्षा की बारी आई तो अधिकारी पीछे हटते दिख रहे हैं। मौके पर वॉचरों ने पेड़ों की डालियों से आग बुझाई।
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हर साल 50 हेक्टेयर में होता पौधरोपण
एक हेक्टेयर में 11 सौ पौधरोपण का मानक तय है। इस तरह एक बीट में हर साल पचास हेक्टेयर क्षेत्र पौधरोपण कराया जाता है।
जंगल में फैली आग पर काबू पा लिया गया है, वॉचरों ने इसे बुझाया है। इस दौरान पेड़ों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
रमेश कुमार पनौरिया, ललितपुर रेंजर
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इन दिनों पतझड़ का मौसम चल रहा है। जंगल में पेड़ों के नीचे पत्तों के ढेर लगे हैं। इसके अलावा घास भी सूख गई है। इस कारण जंगल में आग फैलने का खतरा बढ़ गया है। शुक्रवार की दोपहर दो बजे के आसपास सैपुरा क्षेत्र में अचानक आग फैल गई। स्थानीय लोगों की उस पर नजर पड़ गई और उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दे दी। कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना वन विभाग मुख्यालय पहुंची। इसके बाद वनाधिकारियों के हाथ पैर फूल गए। उधर, दमकल विभाग भी हरकत में आ गया। इसी वर्ष चांदपुर-जहाजपुर के आसपास प्लांटेशन का कार्य कराया गया है। इससे फैली आग से प्लांटेशन को खतरा उत्पन्न हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि आग लगने की सूचना होने के बाद भी कोई जिम्मेदार वन अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे और उन्होंने आग बुझाने के वाचर को निर्देश देकर इतिश्री कर ली। इस बात से स्थानीय लोगों में रोष नजर आया। डीएफओ से संपर्क साधा गया तो उन्होंने बताया कि वन विभाग के कर्मचारी आग बुझा रहे हैं जबकि जिस समय आग फैलना शुरू हुई थी, उस समय तक मौके पर वन विभाग का कोई भी कर्मचारी नहीं पहुंचा।
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तो स्वाहा हो जाता प्लांटेशन
मानसून सीजन में लक्ष्य से ज्यादा पौध रोपित कर शासन प्रशासन से खुद की पीठ थपथपाई लेकिन जब उनकी सुरक्षा की बारी आई तो अधिकारी पीछे हटते दिख रहे हैं। मौके पर वॉचरों ने पेड़ों की डालियों से आग बुझाई।
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हर साल 50 हेक्टेयर में होता पौधरोपण
एक हेक्टेयर में 11 सौ पौधरोपण का मानक तय है। इस तरह एक बीट में हर साल पचास हेक्टेयर क्षेत्र पौधरोपण कराया जाता है।
जंगल में फैली आग पर काबू पा लिया गया है, वॉचरों ने इसे बुझाया है। इस दौरान पेड़ों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
रमेश कुमार पनौरिया, ललितपुर रेंजर