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Lalitpur News: डीएपी की अवैध री-पैकिंग मामले में तीन पर प्राथमिकी
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ललितपुर। कोतवाली क्षेत्र के पनारी गांव में डीएपी की अवैध री-पैकिंग और बिक्री के मामले में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जिला कृषि अधिकारी की तहरीर पर आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 और उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। कृषि विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने संयुक्त कार्रवाई के दौरान मौके से 217 बोरी पैक डीएपी, बड़ी संख्या में खाली उर्वरक बोरियां, सिलाई मशीन और इलेक्ट्रॉनिक कांटा बरामद किया था। परिसर को सील कर दिया गया है।
जिला कृषि अधिकारी रंजीत कुमार चौरसिया ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 30 सितंबर को पनारी में सुरई घाट रोड पर पंचमुखी हनुमान मंदिर के सामने एक मकान में संदिग्ध उर्वरक की री-पैकिंग की सूचना मिली थी। इस पर उन्होंने अपर जिलाधिकारी प्रदीप कुमार और प्रधान सहायक रामनारायण चौरसिया के साथ दोपहर करीब एक बजे परिसर में छापा मारा। मौके पर चार लोग मिले। इनमें पुष्पेंद्र मिश्रा निवासी पुरापाचौनी, अभिषेक अहिरवार निवासी गुगरवारा तथा चंद्रभान और जयराम निवासी जामुनधाना शामिल थे। तहरीर के अनुसार, मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि एक व्यक्ति वहां री-पैकिंग का काम करा रहा था और वह कार्रवाई के दौरान भाग गया। आरोप है कि पुष्पेंद्र मिश्रा किसानों से संपर्क कर संदिग्ध उर्वरक की बिक्री कराता था। टीम को मकान और गोदाम की जांच के दौरान 217 बोरी पैक डीएपी की बोरियां मिलीं। इसके अलावा 135 खाली डीएपी इफको की बोरियां, 154 खाली आईपीएल की बोरियां, 23 खाली एनपीके श्रीराम एग्रोटेक फर्टिलाइजर्स की बोरियां और पांच खाली डीएपी इफको की बोरियां मिलीं।
मौके पर 16 बोरी पीडीएफ आंशिक रूप से भरी हुई और कटी-फटी सादी बोरियों में काले दानेदार डीएपी जैसे दिखने वाले पदार्थ के साथ प्लास्टिक की कुछ इस्तेमाल की गई बोरियां भी मिलीं। पैक डीएपी की बोरियों के पास धागे सहित सिलाई मशीन और इलेक्ट्रॉनिक कांटा भी मिला। टीम ने मौके से उर्वरक के दो नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। संयुक्त टीम की मौजूदगी में परिसर की वीडियोग्राफी कराकर उसे सील कर दिया गया। सील किए गए मकान की जिम्मेदारी नई बस्ती निवासी मकान मालिक कैलाश नारायण पुरोहित के पुत्र शिवम पुरोहित को सौंपी गई।
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दो नामजद और एक अज्ञात पर रिपोर्ट
उप जिलाधिकारी सदर हेमंत पटेल, नायब तहसीलदार योगेंद्र सिंह और पुलिस टीम की मौजूदगी में परिसर को सील किया गया। जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद पुलिस ने पुष्पेंद्र मिश्रा, मकान मालिक कैलाश नारायण पुरोहित और मौके से फरार एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 और उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पंजीकृत केंद्रों से ही खाद खरीदने की अपील
जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने किसानों से अपील की है कि वे किसी के बहकावे में न आएं और उर्वरक की खरीद केवल पंजीकृत एवं अधिकृत सहकारी संस्थाओं या विक्रेताओं से करें। उन्होंने कहा कि अवैध भंडारण अथवा नकली खाद, बीज और कीटनाशक की जानकारी मिलने पर तत्काल प्रशासन को सूचना दें। किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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जिला कृषि अधिकारी रंजीत कुमार चौरसिया ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 30 सितंबर को पनारी में सुरई घाट रोड पर पंचमुखी हनुमान मंदिर के सामने एक मकान में संदिग्ध उर्वरक की री-पैकिंग की सूचना मिली थी। इस पर उन्होंने अपर जिलाधिकारी प्रदीप कुमार और प्रधान सहायक रामनारायण चौरसिया के साथ दोपहर करीब एक बजे परिसर में छापा मारा। मौके पर चार लोग मिले। इनमें पुष्पेंद्र मिश्रा निवासी पुरापाचौनी, अभिषेक अहिरवार निवासी गुगरवारा तथा चंद्रभान और जयराम निवासी जामुनधाना शामिल थे। तहरीर के अनुसार, मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि एक व्यक्ति वहां री-पैकिंग का काम करा रहा था और वह कार्रवाई के दौरान भाग गया। आरोप है कि पुष्पेंद्र मिश्रा किसानों से संपर्क कर संदिग्ध उर्वरक की बिक्री कराता था। टीम को मकान और गोदाम की जांच के दौरान 217 बोरी पैक डीएपी की बोरियां मिलीं। इसके अलावा 135 खाली डीएपी इफको की बोरियां, 154 खाली आईपीएल की बोरियां, 23 खाली एनपीके श्रीराम एग्रोटेक फर्टिलाइजर्स की बोरियां और पांच खाली डीएपी इफको की बोरियां मिलीं।
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मौके पर 16 बोरी पीडीएफ आंशिक रूप से भरी हुई और कटी-फटी सादी बोरियों में काले दानेदार डीएपी जैसे दिखने वाले पदार्थ के साथ प्लास्टिक की कुछ इस्तेमाल की गई बोरियां भी मिलीं। पैक डीएपी की बोरियों के पास धागे सहित सिलाई मशीन और इलेक्ट्रॉनिक कांटा भी मिला। टीम ने मौके से उर्वरक के दो नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। संयुक्त टीम की मौजूदगी में परिसर की वीडियोग्राफी कराकर उसे सील कर दिया गया। सील किए गए मकान की जिम्मेदारी नई बस्ती निवासी मकान मालिक कैलाश नारायण पुरोहित के पुत्र शिवम पुरोहित को सौंपी गई।
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दो नामजद और एक अज्ञात पर रिपोर्ट
उप जिलाधिकारी सदर हेमंत पटेल, नायब तहसीलदार योगेंद्र सिंह और पुलिस टीम की मौजूदगी में परिसर को सील किया गया। जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद पुलिस ने पुष्पेंद्र मिश्रा, मकान मालिक कैलाश नारायण पुरोहित और मौके से फरार एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 और उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पंजीकृत केंद्रों से ही खाद खरीदने की अपील
जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने किसानों से अपील की है कि वे किसी के बहकावे में न आएं और उर्वरक की खरीद केवल पंजीकृत एवं अधिकृत सहकारी संस्थाओं या विक्रेताओं से करें। उन्होंने कहा कि अवैध भंडारण अथवा नकली खाद, बीज और कीटनाशक की जानकारी मिलने पर तत्काल प्रशासन को सूचना दें। किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।