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पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों के आर्थिक व सामाजिक स्थिति व कारणों का करें पता : डीएम
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- प्रत्येक बच्चे को शिक्षा दिलाने के लिए डीएम की पहल, 12 से 18 वर्ष की प्रवेश से वंचित बालिकाओं हो रहा सर्वे
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने प्रत्येक बच्चे को शिक्षा मिले, इसके लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। इसकी समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन बच्चों ने बीच में शिक्षा छोड़ी है, उनके घर पर जाकर आर्थिक व सामाजिक जो भी कारण उसकी रिपोर्ट तैयार कराएं, जिससे उन्हें दूर करते हुए, उन्हें शिक्षा मुहैया कराई जा सके।
जनपद में कक्षा 8 पास प्रत्येक बच्चे को कक्षा 9 में प्रवेश दिलाने के लिए जिलाधिकारी ने अनोखी पहल की है, जिसके अंतर्गत प्रवेश से वंचित हर बच्चे का विद्यालयों में नामांकन कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने सभी स्तरों पर तैनात अधिकारी/कर्मचारियों को निर्देश दिए कि प्रवेश से छूटे सभी बच्चों का सर्वे जल्द से जल्द पूर्ण कर लें, साथ ही स्वयंसेवी संगठन, यूनीसेफ भी इसमें सहयोग करें। जिससे इन बच्चों का भविष्य संवर सके। जिलाधिकारी ने ड्रॉपआउट बच्चों के चिह्नाकन और उन्हें प्रवेश दिलाए जाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर क्षेत्रीय अधिकारी, कर्मचारी, ग्राम प्रधान व विद्यालयों के शिक्षकों व स्वयंसेवी संगठनों की टीमें लगाई गई हैं, जो परिषदीय व प्राइवेट विद्यालय में पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों के आर्थिक व सामाजिक कारणों पता लगाएंगी। उन्होंने जनपद के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वह शिक्षा के महत्व को समझते हुए प्रत्येक दशा में अपने बच्चों को विद्यालयों में प्रवेश कराए, यदि इसमें कोई कठिनाई आती है तो वह संबंधित प्रधानाचार्य व शिक्षा के अधिकारियों से संपर्क करें, इसके बाद भी कोई समस्या है, तो वे कभी भी जिलाधिकारी कार्यालय संपर्क कर सकते हैं। बैठक के दौरान डीडीओ अतिरंजन सिंह, डीआईओएस ओम प्रकाश सिंह, बीएसए रणवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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जनपद में 156 गांव की 1423 किशोरियों ने छोड़ी बीच में शिक्षा
जिलाधिकारी ने पिछली बैठक में जनपद में 12 से 18 वर्ष की स्कूल न जाने वाली किशोरी बालिकाओं का ग्राम पंचायतवार डाटा एकत्र करने के निर्देश दिए थे, जिसके प्रथम फेज के सर्वे के अनुसार जनपद की कुल 415 ग्राम पंचायतों में 156 ग्राम पंचायतों का सर्वे पूर्ण किया जा चुका है, जिसमें 1423 किशोरी बालिकाएं ऐसी पाई गई हैं, जो किसी न किसी कारण स्कूल नहीं जा पा रही हैं, यह सर्वे सभी ग्राम पंचायतों में किया जा रहा है, जिसकी फाइनल रिपोर्ट आगामी बैठकों में प्रस्तुत की जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद इन सभी बच्चों को माध्यमिक विद्यालयों में प्रवेश दिलाने की कवायद शुरू की जाएगी। जिससे आखिरी बच्चे तक शिक्षा पहुंच सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने प्रत्येक बच्चे को शिक्षा मिले, इसके लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। इसकी समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन बच्चों ने बीच में शिक्षा छोड़ी है, उनके घर पर जाकर आर्थिक व सामाजिक जो भी कारण उसकी रिपोर्ट तैयार कराएं, जिससे उन्हें दूर करते हुए, उन्हें शिक्षा मुहैया कराई जा सके।
जनपद में कक्षा 8 पास प्रत्येक बच्चे को कक्षा 9 में प्रवेश दिलाने के लिए जिलाधिकारी ने अनोखी पहल की है, जिसके अंतर्गत प्रवेश से वंचित हर बच्चे का विद्यालयों में नामांकन कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने सभी स्तरों पर तैनात अधिकारी/कर्मचारियों को निर्देश दिए कि प्रवेश से छूटे सभी बच्चों का सर्वे जल्द से जल्द पूर्ण कर लें, साथ ही स्वयंसेवी संगठन, यूनीसेफ भी इसमें सहयोग करें। जिससे इन बच्चों का भविष्य संवर सके। जिलाधिकारी ने ड्रॉपआउट बच्चों के चिह्नाकन और उन्हें प्रवेश दिलाए जाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर क्षेत्रीय अधिकारी, कर्मचारी, ग्राम प्रधान व विद्यालयों के शिक्षकों व स्वयंसेवी संगठनों की टीमें लगाई गई हैं, जो परिषदीय व प्राइवेट विद्यालय में पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों के आर्थिक व सामाजिक कारणों पता लगाएंगी। उन्होंने जनपद के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वह शिक्षा के महत्व को समझते हुए प्रत्येक दशा में अपने बच्चों को विद्यालयों में प्रवेश कराए, यदि इसमें कोई कठिनाई आती है तो वह संबंधित प्रधानाचार्य व शिक्षा के अधिकारियों से संपर्क करें, इसके बाद भी कोई समस्या है, तो वे कभी भी जिलाधिकारी कार्यालय संपर्क कर सकते हैं। बैठक के दौरान डीडीओ अतिरंजन सिंह, डीआईओएस ओम प्रकाश सिंह, बीएसए रणवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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जनपद में 156 गांव की 1423 किशोरियों ने छोड़ी बीच में शिक्षा
जिलाधिकारी ने पिछली बैठक में जनपद में 12 से 18 वर्ष की स्कूल न जाने वाली किशोरी बालिकाओं का ग्राम पंचायतवार डाटा एकत्र करने के निर्देश दिए थे, जिसके प्रथम फेज के सर्वे के अनुसार जनपद की कुल 415 ग्राम पंचायतों में 156 ग्राम पंचायतों का सर्वे पूर्ण किया जा चुका है, जिसमें 1423 किशोरी बालिकाएं ऐसी पाई गई हैं, जो किसी न किसी कारण स्कूल नहीं जा पा रही हैं, यह सर्वे सभी ग्राम पंचायतों में किया जा रहा है, जिसकी फाइनल रिपोर्ट आगामी बैठकों में प्रस्तुत की जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद इन सभी बच्चों को माध्यमिक विद्यालयों में प्रवेश दिलाने की कवायद शुरू की जाएगी। जिससे आखिरी बच्चे तक शिक्षा पहुंच सके।