{"_id":"758e93fb76abdd2f10bc6be10579c236","slug":"finally-got-the-indira-housing-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आखिर मिल ही गया इंदिरा को आवास ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आखिर मिल ही गया इंदिरा को आवास
ब्यूरो
Updated Fri, 15 Jan 2016 12:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तालबेहट (ललितपुर)। नगर की सड़कों पर पिछले कई वर्षों से फुटपाथी जिंदगी काट कर रही इंदिरा भार्गव को इस बार की मकर संक्रांति का पर्व काफी खुशहाली भरा रहा।
गुरुवार को उपजिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र सहित अन्य अधिकारियों ने कांशीराम कालोनी जाकर उसे आवास की चाबी सौंपी। आवास की चाबी पाकर इंदिरा की आंखों में आंसू आ गए।
नगर की सड़कों पर अपनी जिंदगी काट रही इंदिरा के पास रहने के लिए कोई आवास नहीं था। वह सरकारी अस्तपाल, तहसील परिसर या मंदिरों में रह कर रात गुजराती थी। वह कई बार कांशीराम कालोनी में आवास पाने के लिए अधिकारियों से फरियाद कर चुकी थी, परन्तु किसी भी अधिकारी ने उसकी बात पर गंभीरता से विचार नहीं किया।
विज्ञापन
इस बार तहसील दिवस में डीएम डा. रूपेश कुमार को एक शिकायती पत्र देकर उसने अपने लिए एक आवास दिलाने की गुहार लगाई। उसकी बात को गंभीरता से सुनने के बाद डीएम ने उपजिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र को तत्काल उसकी समस्या के निदान करने के निर्देश दिए।
इसके बाद बृहस्पतिवार को उपजिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र, तहसीलदार प्रीति जैन, नायब तहसीलदार सुबोधमणि शर्मा, नगर पंचायत के वरिष्ठ लिपिक विनोद तिवारी, नाजिर अशोक भार्गव, एसडीएम के स्टेनो प्रवीण प्रधान, दीपक समेलें, ग्रापए के तहसील अध्यक्ष सुनील त्रिपाठी, अधिवक्ता दिनेश शर्मा, रक्षपाल सिंह बुंदेला, अमित बुंदेला, नरेंद्र दीक्षित की मौजूदगी में उसे ब्लाक चार के नीचे तल के कमरे की चाबी सौंप दी गई।
विज्ञापन
गुरुवार को उपजिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र सहित अन्य अधिकारियों ने कांशीराम कालोनी जाकर उसे आवास की चाबी सौंपी। आवास की चाबी पाकर इंदिरा की आंखों में आंसू आ गए।
विज्ञापन
नगर की सड़कों पर अपनी जिंदगी काट रही इंदिरा के पास रहने के लिए कोई आवास नहीं था। वह सरकारी अस्तपाल, तहसील परिसर या मंदिरों में रह कर रात गुजराती थी। वह कई बार कांशीराम कालोनी में आवास पाने के लिए अधिकारियों से फरियाद कर चुकी थी, परन्तु किसी भी अधिकारी ने उसकी बात पर गंभीरता से विचार नहीं किया।
विज्ञापन
इस बार तहसील दिवस में डीएम डा. रूपेश कुमार को एक शिकायती पत्र देकर उसने अपने लिए एक आवास दिलाने की गुहार लगाई। उसकी बात को गंभीरता से सुनने के बाद डीएम ने उपजिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र को तत्काल उसकी समस्या के निदान करने के निर्देश दिए।
इसके बाद बृहस्पतिवार को उपजिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र, तहसीलदार प्रीति जैन, नायब तहसीलदार सुबोधमणि शर्मा, नगर पंचायत के वरिष्ठ लिपिक विनोद तिवारी, नाजिर अशोक भार्गव, एसडीएम के स्टेनो प्रवीण प्रधान, दीपक समेलें, ग्रापए के तहसील अध्यक्ष सुनील त्रिपाठी, अधिवक्ता दिनेश शर्मा, रक्षपाल सिंह बुंदेला, अमित बुंदेला, नरेंद्र दीक्षित की मौजूदगी में उसे ब्लाक चार के नीचे तल के कमरे की चाबी सौंप दी गई।