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बुंदेलखंड में सियासी मुद्दा बनी खाद
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बुंदेलखंड में सियासी मुद्दा बनी खाद
ललितपुर। बुंदेलखंड की सियासत में किसानों की समस्या और खाद का मुद्दा बनाने की तैयारी में कांग्रेस और सपा जुट गई है। विधानसभा के पिछले चुनाव में जहां सूखा और पेयजल की समस्या को प्रमुखता उठाया गया था वहीं इस बार किसानों की खाद के संकट को लेकर सरकार से नाराजगी को भुनाते हुए अपने पक्ष में लामबंद करने में कांग्रेस और सपा जुट गई है। यही वजह है कि सपा ने पार्टी के दो वरिष्ठ प्रांतीय नेताओं पिछड़ा वर्ग के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजपाल कश्यप व प्रदेश महासचिव तिलक चंद्र अहिरवार को पीड़ितों के घर भेजकर संवेदना जताई तो शुक्रवार को कांग्रेस की महासचिव व यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी पाली पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर किसानों के प्रति हमदर्द होने का अहसास भी कराने में कोई कमी नहीं रखी।
राजनीति की चौसर में अगले साल होने वाले चुनाव की तैयारियों में सभी राजनीतिक दल जुट गए हैं। भाजपा जहां किसानों को योजनाएं व किसान सम्मान निधि को देकर जहां साधने में जुटी है वहीं प्रदेश में हाशिए पर आई कांग्रेस को लखीमपुर कांड के बाद ललितपुर में खाद को लेकर हुए बवाल में किसानों की हमदर्दी जुटाने में लगी हुई है। जनपद में पहली बार आई प्रियंका गांधी ने जिस तरह से किसानों की समस्याओं पर सरकार को घेरना शुरू किया उससे साफ है कि कांग्रेस इस बार बुंदेलखंड में पानी और सूखा की जगह किसानों की समस्याएं और खाद को प्रमुख मुद्दा बनाए गी। बुंदेलखंड की सियासत में किसानों के मुद्दे पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट कर सरकार को घेरने का काम किया लेकिन इस मुद्दे पर कोई ऐसा काम नहीं किया जिससे किसान को उससे हमदर्दी महसूस हो। इतना ही नहीं प्रियंका गांधी ने झांसी और दतिया जाकर पीताबंरा माता के दर्शन करने के साथ ही बुंदेलखंड के प्रति अपना नजरिया भी साफ कर दिया। इस बार विपक्ष सरकार को कृषि कानून और खाद संकट को मुद्दा बनाकर घेरा है।
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ललितपुर। बुंदेलखंड की सियासत में किसानों की समस्या और खाद का मुद्दा बनाने की तैयारी में कांग्रेस और सपा जुट गई है। विधानसभा के पिछले चुनाव में जहां सूखा और पेयजल की समस्या को प्रमुखता उठाया गया था वहीं इस बार किसानों की खाद के संकट को लेकर सरकार से नाराजगी को भुनाते हुए अपने पक्ष में लामबंद करने में कांग्रेस और सपा जुट गई है। यही वजह है कि सपा ने पार्टी के दो वरिष्ठ प्रांतीय नेताओं पिछड़ा वर्ग के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजपाल कश्यप व प्रदेश महासचिव तिलक चंद्र अहिरवार को पीड़ितों के घर भेजकर संवेदना जताई तो शुक्रवार को कांग्रेस की महासचिव व यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी पाली पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर किसानों के प्रति हमदर्द होने का अहसास भी कराने में कोई कमी नहीं रखी।
राजनीति की चौसर में अगले साल होने वाले चुनाव की तैयारियों में सभी राजनीतिक दल जुट गए हैं। भाजपा जहां किसानों को योजनाएं व किसान सम्मान निधि को देकर जहां साधने में जुटी है वहीं प्रदेश में हाशिए पर आई कांग्रेस को लखीमपुर कांड के बाद ललितपुर में खाद को लेकर हुए बवाल में किसानों की हमदर्दी जुटाने में लगी हुई है। जनपद में पहली बार आई प्रियंका गांधी ने जिस तरह से किसानों की समस्याओं पर सरकार को घेरना शुरू किया उससे साफ है कि कांग्रेस इस बार बुंदेलखंड में पानी और सूखा की जगह किसानों की समस्याएं और खाद को प्रमुख मुद्दा बनाए गी। बुंदेलखंड की सियासत में किसानों के मुद्दे पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट कर सरकार को घेरने का काम किया लेकिन इस मुद्दे पर कोई ऐसा काम नहीं किया जिससे किसान को उससे हमदर्दी महसूस हो। इतना ही नहीं प्रियंका गांधी ने झांसी और दतिया जाकर पीताबंरा माता के दर्शन करने के साथ ही बुंदेलखंड के प्रति अपना नजरिया भी साफ कर दिया। इस बार विपक्ष सरकार को कृषि कानून और खाद संकट को मुद्दा बनाकर घेरा है।
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