{"_id":"675a899d74580ab6360bba21","slug":"fertilizer-crisis-at-committees-fighting-at-shops-lalitpur-news-c-131-1-ltp1005-125595-2024-12-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: समितियों पर खाद का संकट, दुकानों पर मारामारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: समितियों पर खाद का संकट, दुकानों पर मारामारी
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। सहकारी समितियों पर पांच दिन से खाद का संकट बना हुआ है। फसलों की बोआई के लिए किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। एक और रैक आनी बाकी है, लेकिन उसे आने में दो दिन लगेंगे।
साधन सहकारी समितियों पर 8, 518 मीट्रिक टन डीएपी के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 7,471 मीट्रिक टन का वितरण हो चुका है। एक सप्ताह पहले समितियों पर डीएपी पूरी तरह खत्म हो चुकी है। दस प्रतिशत बोआई अभी शेष है, लक्ष्य के सापेक्ष अभी भी एक हजार मीट्रिक टन खाद की आवश्यकता है। दुकानों पर भी डीएपी न के बराबर बची है। खाद के लिए किसानों के बीच मारामारी है। अब दुकानों के लिए झांसी से छह सौ मीट्रिक टन खाद मंगाई जा रही है, जो एक दो दिन में ललितपुर पहुंच जाएगी। जबकि, सहकारी समितियों के लिए भी दो दिन में एक रैक आने की संभावना है, जिसमें से आधी रैक यानि 1300 मीट्रिक टन खाद ललितपुर को और बाकी आधी रैक झांसी को भेजी जाएगी।
-- -- -- -- -- -- -
समितियों पर डीएपी का स्टॉक नहीं है। एक रैक दो दिन में आ सकती है, जिसमें से आधी रैक ललितपुर के लिए, बाकी आधी रैक झांसी जाएगी।
-अर्विन मिहिर सिंह, एआर कोऑपरेटिव।
विज्ञापन
ललितपुर। सहकारी समितियों पर पांच दिन से खाद का संकट बना हुआ है। फसलों की बोआई के लिए किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। एक और रैक आनी बाकी है, लेकिन उसे आने में दो दिन लगेंगे।
साधन सहकारी समितियों पर 8, 518 मीट्रिक टन डीएपी के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 7,471 मीट्रिक टन का वितरण हो चुका है। एक सप्ताह पहले समितियों पर डीएपी पूरी तरह खत्म हो चुकी है। दस प्रतिशत बोआई अभी शेष है, लक्ष्य के सापेक्ष अभी भी एक हजार मीट्रिक टन खाद की आवश्यकता है। दुकानों पर भी डीएपी न के बराबर बची है। खाद के लिए किसानों के बीच मारामारी है। अब दुकानों के लिए झांसी से छह सौ मीट्रिक टन खाद मंगाई जा रही है, जो एक दो दिन में ललितपुर पहुंच जाएगी। जबकि, सहकारी समितियों के लिए भी दो दिन में एक रैक आने की संभावना है, जिसमें से आधी रैक यानि 1300 मीट्रिक टन खाद ललितपुर को और बाकी आधी रैक झांसी को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
समितियों पर डीएपी का स्टॉक नहीं है। एक रैक दो दिन में आ सकती है, जिसमें से आधी रैक ललितपुर के लिए, बाकी आधी रैक झांसी जाएगी।
-अर्विन मिहिर सिंह, एआर कोऑपरेटिव।