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Lalitpur News: खेत तालाब खुदवाने पर किसानों को मिलेगा पचास फीसदी अनुदान
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। भूमि संरक्षण इकाई ललितपुर और महरौनी के तहत विभाग द्वारा किसानों के खेत तालाब बनाने पर 50 फीसदी अनुदान दिया जाएगा।
किसानों की सिंचाई की सुविधा के लिए बेहतर करने के लिए इस वर्ष भूमि संरक्षण इकाई ललितपुर एवं महरौनी में 180 खेत तालाबों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि इस वर्ष कम वर्षा व सूखे की संभावना को देखते हुए जल संरक्षण के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसे प्रभावी ढंग से संचालित किए जाने के लिए जनपद के अधिकतम किसानों को लाभांवित किया जाएगा। जिससे सूखे के प्रभाव को कम किया जा सके। इस योजना के तहत किसान अब अपने खेतों में निर्धारित मानक के अनुसार तालाब स्थापित करवा सकते हैं। इसके लिए सरकार से 50 फीसदी सब्सिडी भी मिलती है। यानि कुल लागत 1.05 लाख के सापेक्ष 50 फीसदी सब्सिडी का अनुदान दो किस्तों में देय होगा। इसके लिए किसानों का कृषि विभाग में पंजीकरण होना अनिवार्य है। किसान के पास कम से कम एकड़ या अधिक भूमि होना चाहिए। उप कृषि निदेशक अख्तर हुसैन ने बताया कि इन तालाबों के निर्माण से न केवल वर्षा का जल संचयन होगा और भूगर्भ जलस्तर में भी सुधार होगा। साथ ही किसान इन तालाबों से मछली पालन, सिंघाड़ा जैसी जलीय खेती एवं खेतों की सिंचाई कर सकेंगे। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा। इस योजना में ई-लॉटरी के माध्यम से चयनित किसानों का लाभ मिलेगा।
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ललितपुर। भूमि संरक्षण इकाई ललितपुर और महरौनी के तहत विभाग द्वारा किसानों के खेत तालाब बनाने पर 50 फीसदी अनुदान दिया जाएगा।
किसानों की सिंचाई की सुविधा के लिए बेहतर करने के लिए इस वर्ष भूमि संरक्षण इकाई ललितपुर एवं महरौनी में 180 खेत तालाबों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि इस वर्ष कम वर्षा व सूखे की संभावना को देखते हुए जल संरक्षण के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसे प्रभावी ढंग से संचालित किए जाने के लिए जनपद के अधिकतम किसानों को लाभांवित किया जाएगा। जिससे सूखे के प्रभाव को कम किया जा सके। इस योजना के तहत किसान अब अपने खेतों में निर्धारित मानक के अनुसार तालाब स्थापित करवा सकते हैं। इसके लिए सरकार से 50 फीसदी सब्सिडी भी मिलती है। यानि कुल लागत 1.05 लाख के सापेक्ष 50 फीसदी सब्सिडी का अनुदान दो किस्तों में देय होगा। इसके लिए किसानों का कृषि विभाग में पंजीकरण होना अनिवार्य है। किसान के पास कम से कम एकड़ या अधिक भूमि होना चाहिए। उप कृषि निदेशक अख्तर हुसैन ने बताया कि इन तालाबों के निर्माण से न केवल वर्षा का जल संचयन होगा और भूगर्भ जलस्तर में भी सुधार होगा। साथ ही किसान इन तालाबों से मछली पालन, सिंघाड़ा जैसी जलीय खेती एवं खेतों की सिंचाई कर सकेंगे। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा। इस योजना में ई-लॉटरी के माध्यम से चयनित किसानों का लाभ मिलेगा।