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Lalitpur News: झमाझम बारिश से खिले किसानों के चेहरे, शहर की गलियों में जलभराव

Mon, 10 Aug 2026 01:50 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 10 Aug 2026 01:50 AM IST
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Farmers' faces light up with heavy rainfall; waterlogging in city streets.
संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। रविवार को जनपद में हुई झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। करीब ढाई घंटे हुई बारिश खरीफ की फसलों के लिए अमृत समान रही। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को इससे बड़ी राहत मिली है। वहीं शहर में तेज बारिश के चलते कई प्रमुख मार्गों और गलियों में जलभराव हो गया। सावरकर चौक समेत तालाबपुरा, आजादपुरा, गांधीनगर और बड़ापुरा में पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई।
पिछले कई दिनों से उमस भरी गर्मी और बारिश न होने से लोग परेशान थे। बारिश कम होने से खरीफ की फसलों पर भी संकट के बादल मंडरा रहे थे। रविवार को दोपहर से ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश शुरू हुई। शहर में दोपहर में हल्की बूंदाबांदी के बाद शाम करीब चार बजे बारिश तेज हो गई। पौने पांच बजे से करीब दो घंटे तक झमाझम बारिश हुई। इससे मौसम सुहाना हो गया और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली।
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बारिश से खेतों में नमी लौटने के साथ धान, उड़द, मूंग, सोयाबीन और तिल समेत अन्य खरीफ फसलों को फायदा होगा। किसानों का सिंचाई खर्च भी कम होने की उम्मीद है। अच्छी बारिश से कुओं और तालाबों के जलस्तर में सुधार की भी उम्मीद जगी है। पिछले दिनों बारिश कम होने से फसलों को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई थी, लेकिन दो दिनों से हुई अच्छी बारिश ने उन्हें राहत दी है।
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फसलों को मिला जीवनदान
झमाझम बारिश से खरीफ की फसलों को बड़ी राहत मिली है। खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से धान, उड़द, मूंग, सोयाबीन और तिल की फसलों को फायदा होगा। बारिश से सिंचाई पर होने वाला खर्च भी बचने की उम्मीद है। साथ ही तालाबों और कुओं में पानी बढ़ने से भूगर्भ जलस्तर में सुधार की संभावना है।
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खरीफ फसलों की बुआई पर एक नजर
उड़द : 1,59,415 हेक्टेयर
सोयाबीन : 87,946 हेक्टेयर
मूंगफली : 53,981 हेक्टेयर
मक्का : 11,643 हेक्टेयर
ज्वार : 915 हेक्टेयर
बाजरा : 24 हेक्टेयर
श्रीअन्न : 59 हेक्टेयर

कुल बुआई : 3,24,245 हेक्टेयर

कुल किसान : करीब दो लाख
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खरीफ फसलों की बुआई लक्ष्य के सापेक्ष लगभग पूरी हो चुकी है। जून में बारिश कम होने के बावजूद किसानों ने फसलें बो दी थीं, लेकिन जुलाई में पर्याप्त बारिश न होने से फसलों पर असर पड़ने लगा था। पिछले दो दिनों में हुई अच्छी बारिश से किसानों को राहत मिली है।
-प्रदीप कुमार, अपर जिला कृषि अधिकारी
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