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Lalitpur News: फसल बेचने आए किसान, लगा जाम
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सोयाबीन और मूंगफली की उपज सबसे अधिक रही, हाईवे पर लगी वाहनों की कतार
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। गल्ला मंडी में बुधवार को विभिन्न फसलों की बंपर आवक आई। इसके चलते, इलाइट के आगे नहर से हाईवे तक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लग गईं। इससे जगह-जगह जाम की स्थिति बन गई। व्यवस्था को सुधारने के लिए यातायात पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। हवाई पट्टी व नहर के पास से वाहनों को निकाला गया। उधर, मंडी में आढ़तियों की दुकानों पर सुबह छह बजे घर से निकले किसानों का नंबर दोपहर बाद तक आ सका। इससे किसानों को दिन भर मंडी में अनाज बेचने के लिए परेशान होना पड़ा।
इस महीने गल्ला मंडी अभी तक 15 दिन ही खुली है। बीते सप्ताह दीपावली के अवकाश के चलते गल्ला मंडी छह दिन बंद रही। इसके बाद बीते सप्ताह शुक्रवार को मंडी खुली, जिसमें बंपर आवक रही। इसके बाद, सोमवार को मंडी खुली लेकिन शनिवार और रविवार को बारिश हो गई। इसके चलते सोमवार को मंडी में आवक काफी कम रही थी। मंगलवार को भी आवक सामान्य रही लेकिन अब बारिश रुकने पर बुधवार को गल्ला मंडी में फिर से विभिन्न जिंस की बंपर आवक आई।
इससे बुधवार को सुबह नौ बजे से मंडी में ट्रैक्टरों का आना शुरू हो गया। यहां दो घंटे में ही हाईवे (मंडी वाली सड़क) पर ट्रैक्टरों की लंबी लाइन लग गई। इसके चलते, इस रोड पर नहर के पास, गल्ला मंडी के मुख्य गेट के सामने, गल्ला मंडी विद्युत सब स्टेशन के सामने, विद्युत स्टोर के पास से हवाई पट्टी के पास सड़क तक अन्य बड़े वाहनों के आ जाने से जाम की स्थिति बन गई।
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ऐसे में चार पहिया वाहन, बसों, ट्रक एवं एंबुलेंस को निकलने में काफी परेशानी हुई। गल्ला मंडी और नहर के पास जाम लगने पर यातायात पुलिस ने स्थिति को संभाला और एक-एक करके वाहनों को निकाला। इस दौरान कई वाहन आमने-सामने फंस गए, जबकि उनके पीछे कई वाहन आ गए। इससे जाम खुलवाने के लिए यातायात पुलिस कर्मचारी काफी मशक्कत भी करते नजर आए।
नहर और हवाई पट्टी से किया बड़े वाहनों का डायवर्जन
जाम के चलते यातायात पुलिस की ओर से बड़े वाहनों को नहर से बाईपास और हवाई पट्टी से राजघाट रोड के लिए डायवर्जन किया गया। ऐसे में झांसी और सागर से आने वाली बसें हवाई पट्टी के रास्ते राजघाट रोड होते हुए बस स्टैंड पहुंचीं।
25000 क्विंटल रही फसलों की आवक
गल्ला मंडी में सोयाबीन और मूंगफली की आवक सबसे अधिक रही है। इसमें सोयाबीन की आवक लगभग आठ हजार क्विंटल और मूंगफली की आवक लगभग सात हजार क्विंटल से अधिक रही। मक्का करीब तीन हजार क्विंटल, गेहूं करीब तीन हजार क्विंटल, मटर की दो से ढाई हजार क्विंटल आवक की संभावना जताई। वहीं, जौ करीब तीन सौ क्विंटल, धान की 50 से 80 क्विंटल की आवक होने की बात व्यापारियों ने कही। इसी प्रकार, उड़द की तीन हजार और सरसों की करीब लगभग पांच से छह सौ क्विंटल आवक रही।
फोटो-23
कैप्सन-धनीराम।
अभी बारिश बंद है और मंडी खुल गई है। घर खर्च और अन्य सामान को लेने के लिए रुपयों की जरूरत है। इसलिए सोयाबीन लेकर मंडी पहुंचा। सुबह साढ़े नौ बजे से लाइन में लगा था। अब दोपहर 12 बजे मंडी में प्रवेश कर पाया हूं। - धनीराम, किसान, ग्राम बारचौन
फोटो-24
कैप्सन-अर्जुन।
गल्ला मंडी में सुबह से काफी भीड़ है। सुबह नौ बजे से ट्रैक्टरों की लाइन लगी है। सवा 12 बजे तक मंडी पहुंच सका। मूंगफली, मक्का और गेहूं लेकर आया हूं। खाद, बीज का इंतजाम करना है। लाइन में लगे रहने से मेरे साथ आए सभी लोग परेशान हो गए। - अर्जुन, किसान, ग्राम नयागांव।
फोटो-25
कैप्सन-इमरत।
गल्ला मंडी में आने के लिए बुधवार को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मेरे ट्रैक्टर भी जाम में फंसा रहा। अब 12 बजे मंडी में अंदर मूंगफली लेकर आ सका। रबी की फसल के लिए खाद का इंतजाम करना है, इसीलिए मूंगफली बेचने आया हूं। - इमरत, किसान, ग्राम नयागांव।
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गल्ला मंडी में जिंस की आवक बढ़ी है। बुधवार को लगभग 25000 क्विंटल से अधिक आवक होने से ट्रैक्टर-ट्रॉली बड़ी संख्या में मंडी पहुंची। इन्हें मंडी के अंदर कर्मचारियों की ओर से व्यवस्थित करवाया गया। - भूपेंद्र राठौर, प्रभारी मंडी सचिव
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। गल्ला मंडी में बुधवार को विभिन्न फसलों की बंपर आवक आई। इसके चलते, इलाइट के आगे नहर से हाईवे तक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लग गईं। इससे जगह-जगह जाम की स्थिति बन गई। व्यवस्था को सुधारने के लिए यातायात पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। हवाई पट्टी व नहर के पास से वाहनों को निकाला गया। उधर, मंडी में आढ़तियों की दुकानों पर सुबह छह बजे घर से निकले किसानों का नंबर दोपहर बाद तक आ सका। इससे किसानों को दिन भर मंडी में अनाज बेचने के लिए परेशान होना पड़ा।
इस महीने गल्ला मंडी अभी तक 15 दिन ही खुली है। बीते सप्ताह दीपावली के अवकाश के चलते गल्ला मंडी छह दिन बंद रही। इसके बाद बीते सप्ताह शुक्रवार को मंडी खुली, जिसमें बंपर आवक रही। इसके बाद, सोमवार को मंडी खुली लेकिन शनिवार और रविवार को बारिश हो गई। इसके चलते सोमवार को मंडी में आवक काफी कम रही थी। मंगलवार को भी आवक सामान्य रही लेकिन अब बारिश रुकने पर बुधवार को गल्ला मंडी में फिर से विभिन्न जिंस की बंपर आवक आई।
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इससे बुधवार को सुबह नौ बजे से मंडी में ट्रैक्टरों का आना शुरू हो गया। यहां दो घंटे में ही हाईवे (मंडी वाली सड़क) पर ट्रैक्टरों की लंबी लाइन लग गई। इसके चलते, इस रोड पर नहर के पास, गल्ला मंडी के मुख्य गेट के सामने, गल्ला मंडी विद्युत सब स्टेशन के सामने, विद्युत स्टोर के पास से हवाई पट्टी के पास सड़क तक अन्य बड़े वाहनों के आ जाने से जाम की स्थिति बन गई।
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ऐसे में चार पहिया वाहन, बसों, ट्रक एवं एंबुलेंस को निकलने में काफी परेशानी हुई। गल्ला मंडी और नहर के पास जाम लगने पर यातायात पुलिस ने स्थिति को संभाला और एक-एक करके वाहनों को निकाला। इस दौरान कई वाहन आमने-सामने फंस गए, जबकि उनके पीछे कई वाहन आ गए। इससे जाम खुलवाने के लिए यातायात पुलिस कर्मचारी काफी मशक्कत भी करते नजर आए।
नहर और हवाई पट्टी से किया बड़े वाहनों का डायवर्जन
जाम के चलते यातायात पुलिस की ओर से बड़े वाहनों को नहर से बाईपास और हवाई पट्टी से राजघाट रोड के लिए डायवर्जन किया गया। ऐसे में झांसी और सागर से आने वाली बसें हवाई पट्टी के रास्ते राजघाट रोड होते हुए बस स्टैंड पहुंचीं।
25000 क्विंटल रही फसलों की आवक
गल्ला मंडी में सोयाबीन और मूंगफली की आवक सबसे अधिक रही है। इसमें सोयाबीन की आवक लगभग आठ हजार क्विंटल और मूंगफली की आवक लगभग सात हजार क्विंटल से अधिक रही। मक्का करीब तीन हजार क्विंटल, गेहूं करीब तीन हजार क्विंटल, मटर की दो से ढाई हजार क्विंटल आवक की संभावना जताई। वहीं, जौ करीब तीन सौ क्विंटल, धान की 50 से 80 क्विंटल की आवक होने की बात व्यापारियों ने कही। इसी प्रकार, उड़द की तीन हजार और सरसों की करीब लगभग पांच से छह सौ क्विंटल आवक रही।
फोटो-23
कैप्सन-धनीराम।
अभी बारिश बंद है और मंडी खुल गई है। घर खर्च और अन्य सामान को लेने के लिए रुपयों की जरूरत है। इसलिए सोयाबीन लेकर मंडी पहुंचा। सुबह साढ़े नौ बजे से लाइन में लगा था। अब दोपहर 12 बजे मंडी में प्रवेश कर पाया हूं। - धनीराम, किसान, ग्राम बारचौन
फोटो-24
कैप्सन-अर्जुन।
गल्ला मंडी में सुबह से काफी भीड़ है। सुबह नौ बजे से ट्रैक्टरों की लाइन लगी है। सवा 12 बजे तक मंडी पहुंच सका। मूंगफली, मक्का और गेहूं लेकर आया हूं। खाद, बीज का इंतजाम करना है। लाइन में लगे रहने से मेरे साथ आए सभी लोग परेशान हो गए। - अर्जुन, किसान, ग्राम नयागांव।
फोटो-25
कैप्सन-इमरत।
गल्ला मंडी में आने के लिए बुधवार को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मेरे ट्रैक्टर भी जाम में फंसा रहा। अब 12 बजे मंडी में अंदर मूंगफली लेकर आ सका। रबी की फसल के लिए खाद का इंतजाम करना है, इसीलिए मूंगफली बेचने आया हूं। - इमरत, किसान, ग्राम नयागांव।
गल्ला मंडी में जिंस की आवक बढ़ी है। बुधवार को लगभग 25000 क्विंटल से अधिक आवक होने से ट्रैक्टर-ट्रॉली बड़ी संख्या में मंडी पहुंची। इन्हें मंडी के अंदर कर्मचारियों की ओर से व्यवस्थित करवाया गया। - भूपेंद्र राठौर, प्रभारी मंडी सचिव