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समस्याएं निस्तारित न होने पर किसान संगठन करेंगे धरना प्रदर्शन व हड़ताल
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ललितपुर। जनपद में किसानों की समस्याओं का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। किसान विभागीय अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं। विभिन्न समस्याओं के निस्तारण कराए जाने की मांग को लेकर प्रगतिशील किसान जन मोर्चा व भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही बताया कि समस्याओं का समाधान न होने पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रगतिशील किसान जन मोर्चा ने ज्ञापन में बताया कि बैंकों की लापरवाही व विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते किसान बीमा क्लेम से वंचित रह गए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में खरीफ की नष्ट फसल का सर्वे कर बीमा क्लेम व सहायता राशि दिलाई जाए। वहीं बताया कि वर्ष 2018 में चार हजार किसान बीमा क्लेम से वंचित है। साथ ही 2019 के 7551 किसानों को बैंक की लापरवाही से बीमा क्लेम नहीं मिल पाया है। उन्होंने 15 दिन में समस्याओं का भुगतान न होने पर आंदोलन व आमरण अनशन करने की चेतावनी दी है। साथ ही बताया कि प्रधानमंत्री, केंद्रीय कृषि मंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। ज्ञापन पर अध्यक्ष बाबूलाल दुबे, उपाध्यक्ष ऊदल सिंह पटेल, बृजेश कुमार, महामंत्री नंदलाल पहलवान, रामराजा, राममूर्ति, नवनीत शर्मा, आशीष कौशिक, राकेश मोदी आदि के हस्ताक्षर बने हैं।
उधर भाकियू ने किसानों की समस्याओं में बताया कि वर्ष 2020 में अतिवृष्टि से फसल पूरी तरह से प्रभावित हो गई थी। जिसकी सर्वे रिपोर्ट में संबंधित कर्मचारियों ने गलत रिपोर्ट भेजी थी। रिपोर्ट में एक मृत किसान तक के हस्ताक्षर पाए गए थे। जिसमें सर्वे कर्मचारियों को दोषी ठहराया गया था। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वर्ष 2021 में खरीफ फसल बोई जो अंकुरित होने से पहले ही नष्ट हो गई। कई किसान बुवाई ही नहीं कर पाए हैं। जिसका आंकलन कर सर्वे कराकर मुआवजा दिया जाए। बार के राजकीय इंटर कॉलेज में अध्यापकों की नियुक्ति की जाए। बैंकों में हो रही दलाली और किसानों के शोषण को रोका जाए। किसानों से राजस्व वसूली रोकी जाए। अन्ना जानवर और वनरोजों से फसल की सुरक्षा की जाए। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर को समस्याओं के निस्तारण के लिए विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा। ज्ञापन पर कीरत बाबा, तिलक राम कौशिक, मोहित चतुर्वेदी, पहाड़ सिंह यादव, रामकुमार मुखिया, राजेश कुमार आदि के हस्ताक्षर बने हैं।
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प्रगतिशील किसान जन मोर्चा ने ज्ञापन में बताया कि बैंकों की लापरवाही व विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते किसान बीमा क्लेम से वंचित रह गए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में खरीफ की नष्ट फसल का सर्वे कर बीमा क्लेम व सहायता राशि दिलाई जाए। वहीं बताया कि वर्ष 2018 में चार हजार किसान बीमा क्लेम से वंचित है। साथ ही 2019 के 7551 किसानों को बैंक की लापरवाही से बीमा क्लेम नहीं मिल पाया है। उन्होंने 15 दिन में समस्याओं का भुगतान न होने पर आंदोलन व आमरण अनशन करने की चेतावनी दी है। साथ ही बताया कि प्रधानमंत्री, केंद्रीय कृषि मंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। ज्ञापन पर अध्यक्ष बाबूलाल दुबे, उपाध्यक्ष ऊदल सिंह पटेल, बृजेश कुमार, महामंत्री नंदलाल पहलवान, रामराजा, राममूर्ति, नवनीत शर्मा, आशीष कौशिक, राकेश मोदी आदि के हस्ताक्षर बने हैं।
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उधर भाकियू ने किसानों की समस्याओं में बताया कि वर्ष 2020 में अतिवृष्टि से फसल पूरी तरह से प्रभावित हो गई थी। जिसकी सर्वे रिपोर्ट में संबंधित कर्मचारियों ने गलत रिपोर्ट भेजी थी। रिपोर्ट में एक मृत किसान तक के हस्ताक्षर पाए गए थे। जिसमें सर्वे कर्मचारियों को दोषी ठहराया गया था। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वर्ष 2021 में खरीफ फसल बोई जो अंकुरित होने से पहले ही नष्ट हो गई। कई किसान बुवाई ही नहीं कर पाए हैं। जिसका आंकलन कर सर्वे कराकर मुआवजा दिया जाए। बार के राजकीय इंटर कॉलेज में अध्यापकों की नियुक्ति की जाए। बैंकों में हो रही दलाली और किसानों के शोषण को रोका जाए। किसानों से राजस्व वसूली रोकी जाए। अन्ना जानवर और वनरोजों से फसल की सुरक्षा की जाए। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर को समस्याओं के निस्तारण के लिए विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा। ज्ञापन पर कीरत बाबा, तिलक राम कौशिक, मोहित चतुर्वेदी, पहाड़ सिंह यादव, रामकुमार मुखिया, राजेश कुमार आदि के हस्ताक्षर बने हैं।
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