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आसमान में छाए बादलों ने किसानों की बढ़ाई चिंता
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खेत में खड़ी गेंहू की फसल की कटाई करते किसान
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। मंगलवार की सुबह बदरी के साथ बारिश होते देख किसान परेशान हो गए। किसानों का कहना है कि रबी की फसल पककर तैयार हो गई। कई किसान अपनी फसल की तेजी से कटाई में जुटे हैं। मड़ाई (थ्रेसिंग) का कार्य हो रहा है। ऐसे में बारिश होने से फसल बर्बाद होने का खतरा बना हुआ है। बदरी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
कम बारिश होने से पानी की कमी चल रही थी, इससे किसान अपनी फसलों में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं दे पाए और दाना कमजोर हो गया है। इससे उपज में कमी हो गई है। जहां पूर्व में 20 गुनी पैदावार होती थी, इस बार 12 से 14 गुनी उपज निकल रही हैं। इससे किसान पहले से ही परेशान चल रहा है। ऐसे में मौसम में हो रहे लगातार परिवर्तन से किसानों की चिंता बढ़ गई है। पिछली खरीफ की फसल खराब हो जाने के कारण नुकसान हो गया था। किसानों ने रबी की फसल अच्छी होने की उम्मीद की थी लेकिन पाला लगने और कुछ क्षेत्रों में पानी की कमी से दाना कमजोर हो गई। इससे पैदावार कम निकल रही हैं। वर्तमान में रबी की फसल पूरी तरह से पककर तैयार हो गई है। किसान फसल की कटाई व थ्रेसर करने में तेजी से जुटे हैं
लेकिन मंगलवार को सुबह मौसम में अचानक परिवर्तन होने से किसानों की चिंता बढ़ गई। बादल छाए रहने के बाद बारिश शुरू हो गई। बारिश 20 मिनट से अधिक समय तक हुई, जिससे खेतों में कटी पड़ी फसल गीली हो गई। वहीं खड़ी फसल भी गीली हो गई। इससे खेत में पड़ी फसल की थ्रेसर होने से में दो दिन तक इंतजार करना होगा। खड़ी फसल की भी सूखने के बाद कटाई हो सकेगी। ऐसे में किसानों को और बारिश होने का खतरा सता रहा है। किसान आनन-फानन में फसल की कटाई व थ्रेसर करने में जुट गए हैं।
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बारिश से फसलों को नुकसान नहीं है। गीली होने से सूखने तक इंतजार करना होगा। एक-दो दिन में सूखने के बाद थ्रेसर हो जाएगी।
- संतोष कुमार सविता
उप कृषि निदेशक
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कम बारिश होने से पानी की कमी चल रही थी, इससे किसान अपनी फसलों में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं दे पाए और दाना कमजोर हो गया है। इससे उपज में कमी हो गई है। जहां पूर्व में 20 गुनी पैदावार होती थी, इस बार 12 से 14 गुनी उपज निकल रही हैं। इससे किसान पहले से ही परेशान चल रहा है। ऐसे में मौसम में हो रहे लगातार परिवर्तन से किसानों की चिंता बढ़ गई है। पिछली खरीफ की फसल खराब हो जाने के कारण नुकसान हो गया था। किसानों ने रबी की फसल अच्छी होने की उम्मीद की थी लेकिन पाला लगने और कुछ क्षेत्रों में पानी की कमी से दाना कमजोर हो गई। इससे पैदावार कम निकल रही हैं। वर्तमान में रबी की फसल पूरी तरह से पककर तैयार हो गई है। किसान फसल की कटाई व थ्रेसर करने में तेजी से जुटे हैं
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लेकिन मंगलवार को सुबह मौसम में अचानक परिवर्तन होने से किसानों की चिंता बढ़ गई। बादल छाए रहने के बाद बारिश शुरू हो गई। बारिश 20 मिनट से अधिक समय तक हुई, जिससे खेतों में कटी पड़ी फसल गीली हो गई। वहीं खड़ी फसल भी गीली हो गई। इससे खेत में पड़ी फसल की थ्रेसर होने से में दो दिन तक इंतजार करना होगा। खड़ी फसल की भी सूखने के बाद कटाई हो सकेगी। ऐसे में किसानों को और बारिश होने का खतरा सता रहा है। किसान आनन-फानन में फसल की कटाई व थ्रेसर करने में जुट गए हैं।
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बारिश से फसलों को नुकसान नहीं है। गीली होने से सूखने तक इंतजार करना होगा। एक-दो दिन में सूखने के बाद थ्रेसर हो जाएगी।
- संतोष कुमार सविता
उप कृषि निदेशक