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खाद न मिलने पर गुस्साएं किसान सड़कों पर उतरे, लगाया जाम
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बार में दुकान के बाहर खाद के इंतजार में बैठे किसान
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। रबी की फसल के लिए खाद न मिलने से गुस्साएं किसानों ने शुक्रवार को सड़क पर धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि यदि समय पर खाद न मिली तो उन्हें फिर से खेत में डीजल इंजन चलवाकर पलेवा करना होगा। इसमें खासी रकम बर्बाद हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आमदनी दूनी करने की बात कर रही है, लेकिन अफसर खाद तक मुहैया नहीं करा पा रहे। शहर के अलावा मड़ावरा, महरौनी, बार और डोंगरा खुर्द में भी किसान खाद मिलने की उम्मीद में कहीं सड़क पर तो कोई दुकानों के बाहर डेरा जमाए रहा। अफसरों ने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन उन्होंने एक नहीं मानी।
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ललितपुर। शुुक्रवार को सुबह करीब दस बजे से नदनवारा स्थित टोल प्लाजा के पास कई गांवों के ग्रामीणों ने हाईवे पर एकत्रित होकर खाद की समस्या के चलते चक्का जाम कर दिया। जिससे करीब दो से तीन घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही और आवागमन बाधित रहा। जानकारी मिलने पर एसडीएम संतोष कुमार उपाध्याय मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया तब जाकर करीब तीन घंटे बाद किसानों ने जाम खोला। वहीं, ग्राम मसौराकलां व आसपास के गांव के किसानों ने शहर में पुराना सागर रोड नेहरु महाविद्यालय के पहले बड़ी नहर के पास भी खाद की दुकान बंद होने पर सड़क पर पत्थर रखकर जाम लगा दिया और खाद की दुकान खुलवाने की मांग करते रहे। जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई, लेकिन भीड़ अधिक होने के चलते दुकानदारों ने उसी परिसर में खुद को बंद कर लिया। हालांकि, करीब दो घंटे तक जाम लगाने के बाद ग्रामीण भी वहां से निकल गए।
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खाद की दुकानों पर रही भीड़, वितरण में आई दिक्कत, कई दुकानें रहीं बंद
ललितपुर। गल्ला मंडी के सामने खाद की दुकान पर डीएपी खाद लेने के लिए भारी संख्या में किसान पहुंच गए, लेकिन वहां भी भीड़ अधिक होने के कारण खाद वितरण में समस्या आई। वहीं, कुछ किसान दुकान व गल्ला मंडी के सामने ट्रकों को रोककर सड़क पर ही काफी देर तक बैठे रहे। इसके बाद राजघाट रोड पर भी खाद की दुकान पर खाद लेने वाले किसानों की भारी भीड़ जमा हो गई। जब काफी देर तक खाद नहीं मिली तो किसानों ने आक्रोशित होकर जाम भी लगा दिया। इसके साथ ही गल्ला मंडी से इलाइट चौराहा तक के बीच में खाद की दुकानों पर भारी भीड़ रही।
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किसानों ने तीन घंटे रखी सड़क जाम
महरौनी। रबी की फसल की बुवाई के लिए खाद लेने के लिए किसान तहसील मुख्यालय पर पहुंच रहे है। किसान खाद लेने के लिए सुबह से आकर दिन भर लाइन में लगे लगे रहते और शाम को खाली हाथ घर लौट जाते हैं। यह सिलसिला लगातार तीन दिन से चल रहा था। शुक्रवार को किसान सुबह छह बजे से दुकानों पर खाद लेने के लिए बैठ गए लेकिन 10 बजे तक किसानों को किसी भी खाद विक्रेता द्वारा खाद न दिए जाने से उनका धैर्य जवाब दे गया और नगर के मुख्य इंदिरा तिराहे पर 10.30 बजे से चक्काजाम कर दिया। जानकारी मिलते ही एसडीएम मोहम्मद कमर कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र सिंह व पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित किसान खाद बांटे जाने की मांग करते रहे। इस दौरान किसानों ने पुलिस पर अभद्रता व गालीगलौज करने का आरोप लगाया। इंदिरा तिराहे पर किसानों ने करीब तीन घंटे तक जाम लगाए रखा। हालात बिगड़ते देख अफसरों ने पुलिस बल के जरिए जबरिया जाम खुलवाया।
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लाइन लग जाती है लेकिन लाइन में लगे लोगों को खाद नहीं मिलता, लाइन ज्यों की त्यों लगी रहती है और खाद बंट जाता है। पता नही यह कैसे हो रहा है। किसान खुब्बा, ग्राम सुकाड़ी।
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रोज घर से खाद लेने के लिए आते है और दिन भर इधर उधर भटकते है और फिर लौट जाते हैं, लेकिन खाद नहीं मिलने से बुवाई नही हो पा रही है।-किसान लक्ष्मन प्रसाद, ग्राम किसरदा।
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हम तीन दिन से लाइन में लगे हुए है आज सुबह से ही खाद लेने के लिए आ गए थे लेकिन खाद नही मिल रहा है। कैसे खेतों की बुवाई करेंगे।-किसान निरपत,ग्राम सुकाड़ी।
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खाद की किल्लत, सड़कों पर उतरे किसान, लगा जाम
मड़ावरा। कस्बे में खाद की दुकानें बंद होने से गुस्साए किसानों ने सड़क पर बैठकर चक्का जाम कर दिया। उधर, गल्लामंडी गेट पर पहुंचे किसानों ने रोड जाम कर दिया। कुछ किसान गिरार तिराहे पर टायर जलाकर जमकर नारेबाजी करते रहे। किसानों द्वारा कस्बा में हंगामा की जानकारी मिलने पर एसडीएम केके सिंह एवं सीओ महरौनी केशवनाथ मौके पर पहुंचे और किसानों का समझाने का प्रयास किया लेकिन किसान सभी दुकानें खुलवाने की अपनी मांग पर अड़े रहे।
दोपहर दो बजे तक चले हंगामे और जाम की जानकारी मिलने पर अपर जिलाधिकारी लवकुश त्रिपाठी ने मौके पर जाकर उर्वरक व्यापारियों को पर्याप्त सुरक्षा देते हुए खाद बिक्री सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश अधीनस्थों को दिए। प्रशासन के सख्त रुख के बाद कुछ दुकानों से खाद की बिक्री शुरु हो सकी और बाद में दो ट्रक आ जाने पर देरशाम तक खाद की बिक्री की जाती रही।
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पर्याप्त मात्रा में नहीं मंगाई जा रही खाद
मड़ावरा। बीते सोमवार को हुई बारिश के बाद शुक्रवार को पांच दिन बीतने के बाद अब खेत बुवाई के लिए बिल्कुल तैयार हो चुके हैं, लेकिन किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिलने से हड़कंप और मारामारी का माहौल है। किसानों का आरोप है कि कस्बे के आठ बड़े व्यापारियों में से कुछ व्यापारियों द्वारा जानबूझकर पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मंगाया जा रहा।
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खाद बिक्री में हेरफेर का आरोप
मड़ावरा। किसानों का आरोप है कि कस्बे में खाद विक्रेताओं द्वारा बिक्री में हेरफेर किया जा रहा है। उनके पास स्टॉक में खाद होने के बावजूद स्टॉक निल बताया जा रहा है। किसानों ने मांग की है कि कस्बे के सभी खाद विक्रेताओं की दुकानों एवं गोदामों का भौतिक सत्यापन स्टॉक रजिस्टर का मिलान पॉस-मशीन में बिक्री के ब्यौरा से किया जाए।
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लागत और असुरक्षा बढ़ने से व्यापारी नाखुश
मड़ावरा। खाद विक्रेताओं द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार मड़ावरा में एक बोरी डीएपी की लागत 1190 रुपये में आ रही है जिसमें दो रुपये बोरी अनलोडिंग का खर्च पड़ रहा है। लेकिन, सबसे बड़ी दिक्कत उन्हें भीड़भाड़ और असुरक्षित माहौल से होना बताया जा रहा है।
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ललितपुर। शुुक्रवार को सुबह करीब दस बजे से नदनवारा स्थित टोल प्लाजा के पास कई गांवों के ग्रामीणों ने हाईवे पर एकत्रित होकर खाद की समस्या के चलते चक्का जाम कर दिया। जिससे करीब दो से तीन घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही और आवागमन बाधित रहा। जानकारी मिलने पर एसडीएम संतोष कुमार उपाध्याय मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया तब जाकर करीब तीन घंटे बाद किसानों ने जाम खोला। वहीं, ग्राम मसौराकलां व आसपास के गांव के किसानों ने शहर में पुराना सागर रोड नेहरु महाविद्यालय के पहले बड़ी नहर के पास भी खाद की दुकान बंद होने पर सड़क पर पत्थर रखकर जाम लगा दिया और खाद की दुकान खुलवाने की मांग करते रहे। जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई, लेकिन भीड़ अधिक होने के चलते दुकानदारों ने उसी परिसर में खुद को बंद कर लिया। हालांकि, करीब दो घंटे तक जाम लगाने के बाद ग्रामीण भी वहां से निकल गए।
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खाद की दुकानों पर रही भीड़, वितरण में आई दिक्कत, कई दुकानें रहीं बंद
ललितपुर। गल्ला मंडी के सामने खाद की दुकान पर डीएपी खाद लेने के लिए भारी संख्या में किसान पहुंच गए, लेकिन वहां भी भीड़ अधिक होने के कारण खाद वितरण में समस्या आई। वहीं, कुछ किसान दुकान व गल्ला मंडी के सामने ट्रकों को रोककर सड़क पर ही काफी देर तक बैठे रहे। इसके बाद राजघाट रोड पर भी खाद की दुकान पर खाद लेने वाले किसानों की भारी भीड़ जमा हो गई। जब काफी देर तक खाद नहीं मिली तो किसानों ने आक्रोशित होकर जाम भी लगा दिया। इसके साथ ही गल्ला मंडी से इलाइट चौराहा तक के बीच में खाद की दुकानों पर भारी भीड़ रही।
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किसानों ने तीन घंटे रखी सड़क जाम
महरौनी। रबी की फसल की बुवाई के लिए खाद लेने के लिए किसान तहसील मुख्यालय पर पहुंच रहे है। किसान खाद लेने के लिए सुबह से आकर दिन भर लाइन में लगे लगे रहते और शाम को खाली हाथ घर लौट जाते हैं। यह सिलसिला लगातार तीन दिन से चल रहा था। शुक्रवार को किसान सुबह छह बजे से दुकानों पर खाद लेने के लिए बैठ गए लेकिन 10 बजे तक किसानों को किसी भी खाद विक्रेता द्वारा खाद न दिए जाने से उनका धैर्य जवाब दे गया और नगर के मुख्य इंदिरा तिराहे पर 10.30 बजे से चक्काजाम कर दिया। जानकारी मिलते ही एसडीएम मोहम्मद कमर कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र सिंह व पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित किसान खाद बांटे जाने की मांग करते रहे। इस दौरान किसानों ने पुलिस पर अभद्रता व गालीगलौज करने का आरोप लगाया। इंदिरा तिराहे पर किसानों ने करीब तीन घंटे तक जाम लगाए रखा। हालात बिगड़ते देख अफसरों ने पुलिस बल के जरिए जबरिया जाम खुलवाया।
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लाइन लग जाती है लेकिन लाइन में लगे लोगों को खाद नहीं मिलता, लाइन ज्यों की त्यों लगी रहती है और खाद बंट जाता है। पता नही यह कैसे हो रहा है। किसान खुब्बा, ग्राम सुकाड़ी।
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रोज घर से खाद लेने के लिए आते है और दिन भर इधर उधर भटकते है और फिर लौट जाते हैं, लेकिन खाद नहीं मिलने से बुवाई नही हो पा रही है।-किसान लक्ष्मन प्रसाद, ग्राम किसरदा।
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हम तीन दिन से लाइन में लगे हुए है आज सुबह से ही खाद लेने के लिए आ गए थे लेकिन खाद नही मिल रहा है। कैसे खेतों की बुवाई करेंगे।-किसान निरपत,ग्राम सुकाड़ी।
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खाद की किल्लत, सड़कों पर उतरे किसान, लगा जाम
मड़ावरा। कस्बे में खाद की दुकानें बंद होने से गुस्साए किसानों ने सड़क पर बैठकर चक्का जाम कर दिया। उधर, गल्लामंडी गेट पर पहुंचे किसानों ने रोड जाम कर दिया। कुछ किसान गिरार तिराहे पर टायर जलाकर जमकर नारेबाजी करते रहे। किसानों द्वारा कस्बा में हंगामा की जानकारी मिलने पर एसडीएम केके सिंह एवं सीओ महरौनी केशवनाथ मौके पर पहुंचे और किसानों का समझाने का प्रयास किया लेकिन किसान सभी दुकानें खुलवाने की अपनी मांग पर अड़े रहे।
दोपहर दो बजे तक चले हंगामे और जाम की जानकारी मिलने पर अपर जिलाधिकारी लवकुश त्रिपाठी ने मौके पर जाकर उर्वरक व्यापारियों को पर्याप्त सुरक्षा देते हुए खाद बिक्री सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश अधीनस्थों को दिए। प्रशासन के सख्त रुख के बाद कुछ दुकानों से खाद की बिक्री शुरु हो सकी और बाद में दो ट्रक आ जाने पर देरशाम तक खाद की बिक्री की जाती रही।
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पर्याप्त मात्रा में नहीं मंगाई जा रही खाद
मड़ावरा। बीते सोमवार को हुई बारिश के बाद शुक्रवार को पांच दिन बीतने के बाद अब खेत बुवाई के लिए बिल्कुल तैयार हो चुके हैं, लेकिन किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिलने से हड़कंप और मारामारी का माहौल है। किसानों का आरोप है कि कस्बे के आठ बड़े व्यापारियों में से कुछ व्यापारियों द्वारा जानबूझकर पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मंगाया जा रहा।
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खाद बिक्री में हेरफेर का आरोप
मड़ावरा। किसानों का आरोप है कि कस्बे में खाद विक्रेताओं द्वारा बिक्री में हेरफेर किया जा रहा है। उनके पास स्टॉक में खाद होने के बावजूद स्टॉक निल बताया जा रहा है। किसानों ने मांग की है कि कस्बे के सभी खाद विक्रेताओं की दुकानों एवं गोदामों का भौतिक सत्यापन स्टॉक रजिस्टर का मिलान पॉस-मशीन में बिक्री के ब्यौरा से किया जाए।
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लागत और असुरक्षा बढ़ने से व्यापारी नाखुश
मड़ावरा। खाद विक्रेताओं द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार मड़ावरा में एक बोरी डीएपी की लागत 1190 रुपये में आ रही है जिसमें दो रुपये बोरी अनलोडिंग का खर्च पड़ रहा है। लेकिन, सबसे बड़ी दिक्कत उन्हें भीड़भाड़ और असुरक्षित माहौल से होना बताया जा रहा है।
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