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Lalitpur News: नए भवन में नहीं शुरू हुई एप से पर्चा बनने की सुविधा
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मेडिकल कॉलेज के नए भवन में अभी तक एप से ऑनलाइन पर्चा बनाने की सुविधा शुरू नहीं की गई है। इससे पंजीयन के लिए मरीजों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। हालात यह है कि मरीजों को पंजीयन कराने में आधा घंटे से अधिक का समय लग रहा है, जिससे बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मरीजों की सुविधा के लिए ओपीडी को नए 300 बेड वाले भवन में शिफ्ट कर दिया है। यहां हड्डी रोग, मेडिसिन, चर्म रोग, नाक-कान-गला और सर्जरी विभाग की ओपीडी चल रही हैं। साथ ही एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, शुगर, बीपी और एनसीडी सेल जैसी सुविधाएं भी मिल रही हैं। इससे ओपीडी में प्रतिदिन 1500 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं।
इनसेट
पुराने भवन में है एप से पर्चा बनाने की सुविधा
पुराने अस्पताल भवन में आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) या ड्रिप केस एप के जरिए ऑनलाइन पर्चा बन जाता है, जिससे मरीजों का काफी समय बच जाता है। लेकिन, नए भवन में यह डिजिटल सुविधा शुरू न होने के कारण सुबह से ही पंजीयन काउंटरों पर भारी भीड़ लग जाती है। बच्चों और बुजुर्गों के साथ आने वाली महिलाओं को कतारों में खड़े होने में खासी दिक्कत हो रही है। कई मरीज तो अधिक परेशानी के कारण फर्श पर ही बैठने को मजबूर हो जाते हैं।
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कोट
नए भवन में ऐप से क्यूआर कोड स्कैन कर पर्चा बनाने की तैयारियां चल रही हैं। जल्द ही इसके लिए अलग से काउंटर स्थापित किए जाएंगे।
डॉ. विशाल जैन, मीडिया प्रभारी (मेडिकल कॉलेज)
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ललितपुर। मेडिकल कॉलेज के नए भवन में अभी तक एप से ऑनलाइन पर्चा बनाने की सुविधा शुरू नहीं की गई है। इससे पंजीयन के लिए मरीजों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। हालात यह है कि मरीजों को पंजीयन कराने में आधा घंटे से अधिक का समय लग रहा है, जिससे बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मरीजों की सुविधा के लिए ओपीडी को नए 300 बेड वाले भवन में शिफ्ट कर दिया है। यहां हड्डी रोग, मेडिसिन, चर्म रोग, नाक-कान-गला और सर्जरी विभाग की ओपीडी चल रही हैं। साथ ही एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, शुगर, बीपी और एनसीडी सेल जैसी सुविधाएं भी मिल रही हैं। इससे ओपीडी में प्रतिदिन 1500 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं।
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पुराने भवन में है एप से पर्चा बनाने की सुविधा
पुराने अस्पताल भवन में आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) या ड्रिप केस एप के जरिए ऑनलाइन पर्चा बन जाता है, जिससे मरीजों का काफी समय बच जाता है। लेकिन, नए भवन में यह डिजिटल सुविधा शुरू न होने के कारण सुबह से ही पंजीयन काउंटरों पर भारी भीड़ लग जाती है। बच्चों और बुजुर्गों के साथ आने वाली महिलाओं को कतारों में खड़े होने में खासी दिक्कत हो रही है। कई मरीज तो अधिक परेशानी के कारण फर्श पर ही बैठने को मजबूर हो जाते हैं।
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नए भवन में ऐप से क्यूआर कोड स्कैन कर पर्चा बनाने की तैयारियां चल रही हैं। जल्द ही इसके लिए अलग से काउंटर स्थापित किए जाएंगे।
डॉ. विशाल जैन, मीडिया प्रभारी (मेडिकल कॉलेज)