फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Every year would planting after that not increase jungle

हर साल कराया जाता है पौधरोपण, फिर भी नहीं बढ़ रहे जंगल

Sat, 12 Sep 2020 01:30 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 12 Sep 2020 01:30 AM IST
विज्ञापन
Every year would planting after that not increase jungle
ललितपुर। जिले में साल दर साल पौधरोपण कराया जाता है, इसके बाद भी जंगल हरे भरे नहीं हो पा रहे हैं। सैकड़ों पौधे तो रोपण के कुछ महीनों के बाद ही उचित देखरेख के अभाव में नष्ट हो जाते हैं। विभागीय अफसर इनकी जगह दूसरे पौधे रोपित किए जाने के दावे करते हैं, लेकिन सच्चाई कुछ इसके उलट है। यही वजह है कि विभिन्न रेंजों में हर साल मानसून सीजन में नये पौधरोपण के लिए भूमि उपलब्ध हो जाती है। उधर, पौधरोपण पर उठ रही अंगुलियों के मद्देनजर डीएम के निर्देश पर डीडीओ ने सत्यापन के लिए अधिकारी नामित कर दिए हैं।
विज्ञापन

बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा जंगली क्षेत्र होने के कारण सरकार का ध्यान यहां पर फोकस रहता है। इसमें ललितपुर में जंगली क्षेत्र 74 हजार हेक्टेयर से अधिक है। हर साल यहां के जंगल को हरा-भरा बनाने की कसरत सरकार की ओर से होती है। इसमें तालबेहट वन रेंज आए दिन सुर्खियों में बना रहता है। गौना वन रेंज की विभिन्न वीटों में सहरिया आदिवासी झोपड़ी बनाकर रहते हैं। इसके अलावा कई जगहों पर खेती होने की शिकायतें भी आम हैं। हर साल पौधरोपण का लक्ष्य मानसून सीजन के लिए तय किया जाता है। इसमें ललितपुर अग्रिम पंक्ति में खड़ा नजर आता है। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में पांच साल के अंदर करीब 52 लाख पेड़ रोपित किए गए। इसके बाद भी विभिन्न रेंजों की कई वीटों में इक्का दुक्का पेड़ दिखाई देते हैं। उधर, जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल के निर्देश पर डीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी ने कराए गए पौधरोपण का सत्यापन कर खंड विकास अधिकारी से रिपोर्ट सीडीओ कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

वर्ष 2015
जिले में 1.21 लाख पौधे रोपित किए गए थे। इस दौरान आठ फुट के पौधे रोपित करने के निर्देश दिए थे लेकिन रोपण के दौरान आठ फुट के पौधों की कमी पड़ गई थी। तब आठ फुट से कम के पौधे लगाए गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्ष 2016
जिले में 1.10 लाख पौधे रोपित किए गए थे। पानी की समस्या को देखते हुए विभागीय अफसरों ने पौधों को बचाने के लिए बोरिंग कराई थी, लेकिन सिंचाई व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के अभाव में पौधे दम तोड़ने लगे थे।
वर्ष 2017
ललितपुर जिले में नौ लाख चौदह हजार पौधे रोपित किए गए थे। इस दौरान विभागीय अफसरों ने पौधरोपण कर अपनी पीठ थपथपाई थी।
-------
वर्ष 2018
जनपद में 14 लाख 89 हजार 746 पौधे रोपित किए गए थे। इस दौरान लक्ष्य में से 9 लाख 36 हजार 454 पौधे स्वतंत्रता दिवस पर रोपित किए गए थे।
-------
वर्ष 2019
जिल में एक दिन में 141 स्थलों पर 17.83 लाख पौधों का रोपण किया गया था। तालबेहट क्षेत्र के 17 चयनित स्थानों पर 2,42, 625 पौधे रोपे किए गए थे, इसमें ग्राम सरखड़ी, विरधा, कंधारी खुर्द, हंसार कलां, ककरेला, ककड़ारी, छिपाई भाग एक व दो, दौलता, गेवरा गुंदेरा, कड़ेसरा कलां, हर्षपुर, नत्थी खेड़ा, जमालपुर और सायपुर शामिल हैं।
वर्ष 2020
पांच जुलाई को जिले में 48 लाख पौधे रोपे गए थे, लेकिन विभिन्न ग्राम पंचायतों में पौधे सूखने लगे। इसके मद्देनजर जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल ने कराए गए पौधरोपण का सत्यापन कराने का निर्णय लिया। जिस पर सीडीओ ने नामित सत्यापन अधिकारियों से एक सप्ताह में जांच करने के निर्देश दिए हैं।
वर्ल्ड रिकार्ड से जिले का नहीं हुआ भला
अखिलेश सरकार में शासन ने एक दिन में लाखों पौधे रोपित कर प्रदेश का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज कराने में कामयाबी हासिल की थी लेकिन कुछ महीनों में पौधे सूखने लगे थे। इससे शासन की फजीहत हुई थी। उस दौरान प्रदेश में 8.50 लाख पौधे एक दिन पौधारोपण कार्यक्रम तय हुआ था, इस पौधरोपण में ललितपुर भी शामिल था।
मानसून सीजन में कराए गए पौधरोपण की पुख्ता सुरक्षा के निर्देश दिए गए हैं। यदि पौधे सूख गए हैं, तो उनके स्थान पर डीएफओ से नि:शुल्क पौधे प्राप्त कर उनका रोपण कर दें। निरीक्षण के दौरान स्थलों पर पौधे नहीं पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अनिल कुमार पांडेय , मुख्य विकास अधिकारी

झांसी में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होने वाली मीटिंग में शामिल होने के लिए जा रहे हैं। पौधरोपण का ब्योरा अभी हाथ में नहीं है, इसलिए कुछ नहीं कह सकते। - डीएन सिंह, डीएफओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed