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Lalitpur News: हाथी, घोड़ा, पालकी... जय कन्हैया लाल की
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- मंदिरों में भगवान कृष्ण ने लिया जन्म, बधाईयां गाईं, भजन कीर्तन हुए
- श्रद्धा व उत्साह से मनाई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
फोटो- 54, 59, 70
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व शनिवार को शहर में श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया गया। शनिवार देर हाथी, घोड़ा, पालकी...जय कन्हैया लाल की, जयकारों के साथ ही भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ। भक्तों ने बधाई गीत गाए। मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। वहीं, घर-घर लड्डू गोपाल की पूजा अर्चना की गई। घरों में खीरा काटते ही भगवान का जन्म हुआ तो लोगों ने घंटा-घडि़याल बजाकर स्वागत किया और आरती की गई।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व शनिवार को मंदिरों व घरों में शनिवार को पूर्ण श्रद्धा व उत्साह पूर्वक मनाया गया। घराें में भी जन्माष्टमी का पर्व उत्सव की तरह मनाया गया। लोग एक सप्ताह से जन्माष्टमी की तैयारियां कर रहे थे। लोगों ने लड्डू गोपाल की आकर्षक पोशाकों, मुकुट, बांसुरी, हाथ के कड़ा, करधौनी आदि की खूब खरीदारी की। शनिवार को भी देर शाम तक कान्हाजी के सामान लेने केे लिए दुकानों पर भीड़ लगी रही। इसके लिए कटरा बाजार, पुरानी तहसील के पास, तुवन मंदिर प्रांगण, तुवन से तालाबपुरा के अलावा कई अन्य स्थानों पर पोशाकों व अन्य सामानों का बाजार सजा रहा। यहां तक कि पीतल एवं अन्य धातुओं की लड्डू गोपाल की मूर्तियां, झूला आदि भी बाजार में साइज के अनुसार उपलब्ध रहे। वहीं, शनिवार को फूलमालाओं, खीरा की भी खूब बिक्री हुई। शाम होते हुए घर-घर पूजा की तैयारियां की गईं। जिसके तहत आटे का चौक बनाकर लोगों ने लकड़ी या स्टील की पट्ली पर ठाकुरजी को सिह्नासन समेत विराजमान किया और उनके मंदिर को आकर्षक तरीके से सजाया। इसके बाद घर के सभी सदस्य एकत्रित हुए और ठाकुरजी को पंचामृत में स्नान कराने के बाद उन्हें नई व आकर्षक पोशाकें पहनाईं। फिर होम लगाते हुए उन्हें पंजीरी, पूड़ी, हलवा, खीर, फल आदि का भोग लगाया। इसके बाद खीरा काटने के साथ ही भगवान के जन्म होने पर आरती घंटा-घड़ियाल व शंख के साथ आरती का गायन हुआ। इसके बाद सभी सदस्यों को बड़े बुजुर्गों ने तिलक लगाकर प्रसाद वितरण किया। इस दौरान सनातनधर्मियों में घर की अधिकांश महिलाओं व पुरुषों ने व्रत भी रखा। वहीं, मंदिराें में भी आकर्षक सजावट की गई और भगवान को झूला में विराजमान किया गया। देर रात में मंदिरों में भगवान लड्डू गोपाल का भव्यता के साथ पूजन किया गया। शहर में राधा कृष्ण मंदिर, तुवन मंदिर, श्रीनृसिंह मंदिर, जगदीश मंदिर, मुरली मनोहर मंदिर, मदनमोहनजी मंदिर, पुलिस लाइन मंदिर, धनुषधारी मंदिर, रामराजा मंदिर समेत सभी मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भव्यता के साथ कान्हा जन्मोत्सव की लीला पर श्रद्धा पूर्वक पूजन-अर्चन में किया गया। इसके लिए मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था।
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जिला कारागार में कन्हैया ने लिया जन्म, हुए धार्मिक आयोजन
जिला कारागार में शनिवार की देर रात को कान्हाजी का जन्मोत्सव श्रद्धा व उत्साह से मनाया गया। कारागार में धार्मिक आयोजन हुए और कन्हैयाजी के जन्म की लीला का आयोजन किया गया।
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- श्रद्धा व उत्साह से मनाई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
फोटो- 54, 59, 70
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व शनिवार को शहर में श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया गया। शनिवार देर हाथी, घोड़ा, पालकी...जय कन्हैया लाल की, जयकारों के साथ ही भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ। भक्तों ने बधाई गीत गाए। मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। वहीं, घर-घर लड्डू गोपाल की पूजा अर्चना की गई। घरों में खीरा काटते ही भगवान का जन्म हुआ तो लोगों ने घंटा-घडि़याल बजाकर स्वागत किया और आरती की गई।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व शनिवार को मंदिरों व घरों में शनिवार को पूर्ण श्रद्धा व उत्साह पूर्वक मनाया गया। घराें में भी जन्माष्टमी का पर्व उत्सव की तरह मनाया गया। लोग एक सप्ताह से जन्माष्टमी की तैयारियां कर रहे थे। लोगों ने लड्डू गोपाल की आकर्षक पोशाकों, मुकुट, बांसुरी, हाथ के कड़ा, करधौनी आदि की खूब खरीदारी की। शनिवार को भी देर शाम तक कान्हाजी के सामान लेने केे लिए दुकानों पर भीड़ लगी रही। इसके लिए कटरा बाजार, पुरानी तहसील के पास, तुवन मंदिर प्रांगण, तुवन से तालाबपुरा के अलावा कई अन्य स्थानों पर पोशाकों व अन्य सामानों का बाजार सजा रहा। यहां तक कि पीतल एवं अन्य धातुओं की लड्डू गोपाल की मूर्तियां, झूला आदि भी बाजार में साइज के अनुसार उपलब्ध रहे। वहीं, शनिवार को फूलमालाओं, खीरा की भी खूब बिक्री हुई। शाम होते हुए घर-घर पूजा की तैयारियां की गईं। जिसके तहत आटे का चौक बनाकर लोगों ने लकड़ी या स्टील की पट्ली पर ठाकुरजी को सिह्नासन समेत विराजमान किया और उनके मंदिर को आकर्षक तरीके से सजाया। इसके बाद घर के सभी सदस्य एकत्रित हुए और ठाकुरजी को पंचामृत में स्नान कराने के बाद उन्हें नई व आकर्षक पोशाकें पहनाईं। फिर होम लगाते हुए उन्हें पंजीरी, पूड़ी, हलवा, खीर, फल आदि का भोग लगाया। इसके बाद खीरा काटने के साथ ही भगवान के जन्म होने पर आरती घंटा-घड़ियाल व शंख के साथ आरती का गायन हुआ। इसके बाद सभी सदस्यों को बड़े बुजुर्गों ने तिलक लगाकर प्रसाद वितरण किया। इस दौरान सनातनधर्मियों में घर की अधिकांश महिलाओं व पुरुषों ने व्रत भी रखा। वहीं, मंदिराें में भी आकर्षक सजावट की गई और भगवान को झूला में विराजमान किया गया। देर रात में मंदिरों में भगवान लड्डू गोपाल का भव्यता के साथ पूजन किया गया। शहर में राधा कृष्ण मंदिर, तुवन मंदिर, श्रीनृसिंह मंदिर, जगदीश मंदिर, मुरली मनोहर मंदिर, मदनमोहनजी मंदिर, पुलिस लाइन मंदिर, धनुषधारी मंदिर, रामराजा मंदिर समेत सभी मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भव्यता के साथ कान्हा जन्मोत्सव की लीला पर श्रद्धा पूर्वक पूजन-अर्चन में किया गया। इसके लिए मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था।
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जिला कारागार में कन्हैया ने लिया जन्म, हुए धार्मिक आयोजन
जिला कारागार में शनिवार की देर रात को कान्हाजी का जन्मोत्सव श्रद्धा व उत्साह से मनाया गया। कारागार में धार्मिक आयोजन हुए और कन्हैयाजी के जन्म की लीला का आयोजन किया गया।
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