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ऑफिस एअर कंडीशन, लोड अधिक, फिर भी मीटर नहीं

Thu, 08 Dec 2016 12:15 AM IST
lalitpur
lalitpur Updated Thu, 08 Dec 2016 12:15 AM IST
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electricity meter crisis
electricitty - फोटो : amar ujala
एअर कंडीशन और क्षमता से अधिक खपत के बाद भी कई  सरकारी कार्यालयों में मीटर तक नहीं लगाया गया है या फिर पुरानी प्रणाली के काले मीटर ही लगे हुए हैं, जिन्हें विद्युत विभाग अब तक पूर्ण रूप से नहीं बदल सका है। वहीं, दर्जनों सरकारी कार्यालयों में आधुनिक तकनीक से बिलिंग होने के बाद भी फिक्स यूनिट से विद्युत बिलों की राशि वसूली जा रही है। इससे विभाग को सरकारी कार्यालयों में सही विद्युत खपत का आंकलन होने से लाखों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है।
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नगर क्षेत्र में दर्जनों सरकारी विभागों को विद्युत विभाग द्वारा विद्युत कनेक्शन जारी किए गए हैं। विद्युत विभाग द्वारा कनेक्शन जारी करते समय उन सरकारी कार्यालयों में विद्युत खपत के अनुसार लोड का निर्धारण किया जाता है। इसके लिए विभाग द्वारा उक्त कनेक्शनों पर विद्युत मीटर लगाया जाता है। मीटरों से प्राप्त रीडिंग के अनुसार विद्युत खपत का बिल सरकारी कार्यालयों को विद्युत विभाग हर माह जारी करता है और हर माह विद्युत खपत के अनुसार विद्युत राशि वसूल करता है। विद्युत विभाग द्वारा विद्युत नियामक आयोग के आदेश के अनुसार जनपद में हर श्रेेेणी के उपभोक्ताओं के कनेक्शनों पर नई प्रणाली के पूर्ण इलैक्ट्रॉनिक विद्युत मीटर लगाए जा रहे हैं। लेकिन वहीं नगर क्षेत्र में दर्जनों सरकारी विभागों पर विद्युत विभाग की मेहरबानी बनी हुई है। विभाग द्वारा हर माह चेकिंग अभियान चलाया जाता है, जिसमें आम उपभोक्ताओं के घरों व प्रतिष्ठानों के बाहर पूर्ण इलैक्ट्रॉनिक मीटर लगाए जा रहे हैं। जबकि पुरानी प्रणाली के काले मीटरों को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। यहां तक कि घरों के अंदर भी मीटर लगाया जाना वर्जित कर दिया गया है।
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इसके लिए विभाग द्वारा विद्युत नियामक आयोग की गाइडलाइंस के अनुसार मीटर बदलने का अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन वहीं नगर क्षेत्र में ही चाहे सिविल लाइन क्षेत्र में सरकारी आवास हों या फिर विभिन्न स्थानों पर स्थित सरकारी कार्यालय हों, बहुत से सरकारी कार्यालयों में खपत के अनुसार लोड का निर्धारण नहीं किया गया है। एअर कंडीशन ऑफिस में भी कम लोड पर कनेक्शन चल रहे हैं। यहां तक तक कि कई सरकारी कार्यालयों में या तो पुरानी प्रणाली के काले मीटर लगे हुए हैं या फिर मीटर ही नहीं लगे हैं। इसका सटीक उदाहरण वाणिज्य कर कर विभाग है। जहां इस कार्यालय में एअर कंडीशन में लगा हुआ है। विद्युत विभाग द्वारा इस कार्यालय में  चार किलोवाट का विद्युत कनेक्शन जारी किया गया है। जबकि एअरकंडीशन ही अकेला तीन किलोवाट की क्षमता का होता है, इसके अलावा विभाग में कूलर, पंखा, व अन्य उच्च क्षमता के विद्युत उपकरणों का उपयोग होता है। इसके बाद भी इस कार्यालय में मीटर नहीं लगाया गया है, ऐसे में यहां फिक्स यूनिट के हिसाब से ही बिल का भुगतान कराया जा रहा है। ऐसे में शहर में दर्जनों विभाग हैं, जहां विद्युत विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिया जाता है, जिससे हर माह लाखों रुपए की क्षति और क्षमता से अधिक विद्युत खपत हो रही है।
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इनका कहना है-
सरकारी कार्यालयों में लोड निर्धारण व मीटर बदलने के लिए सर्वे कराया जाएगा। संज्ञान में आ रहे सरकारी कार्यालयों की विद्युत प्रणाली में सुधार किया जा रहा है।
अखिलेश कुमार वर्मा, उपखंड अधिकारी प्रथम, विद्युत।
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