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जिम्मेदारों की उदासीनता से मरीजों को एंबुलेंस भी नहीं दे पा रहीं साथ

Sun, 14 Aug 2022 02:03 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 14 Aug 2022 02:03 AM IST
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Due to the apathy of the responsibilities, even ambulances are not able to give the patients
ललितपुर। जनपद में जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते एंबुलेंस भी मरीजों का साथ नहीं दे पा रहीं हैं। सूचना देने के बाद भी मरीज समय से अस्पताल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। जिले में शासन द्वारा 42 एंबुलेंस मुहैया कराई गई हैं। इनमें 108 की 22 एंबुलेंस, 102 की 16 एबुलेंस व एएलएस की चार एबुुंलेंस हैं। इनमें 108 की छह, 102 की छह व एएलएस की तीन एबुलेंस मुख्यालय स्थित अस्पतालों को दी गईं हैं।
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मरीज की स्थिति की नहीं करते जानकारी
मरीज को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस को कॉल की जाती है। इस दौरान एंबुलेंस चालक या अन्य मरीज की हालत की जानकारी नहीं करते हैं। ऐसे में मरीज एबुलेंस आने का इंतजार करता रहता है और एंबुलेंस चालक भी अपने समय पर पहुंचते हैं। ऐसे में कई मरीज निजी वाहनों का सहारा ले लेते हैं तो कुछ समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने से जान तक गवां बैठते हैं।
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पंक्चर होने से हुई देरी से हो गई थी महिला की मौत
जाखलौन क्षेत्र के ग्राम खिरिया मिश्र निवासी शिवानी राजा (27) पत्नी रवि राजा की पांच अगस्त को हालत खराब हो गई। परिजन जिला अस्पताल लाएं, जहां पर सुधार न होने पर झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया। 108 एंबुलेंस से झांसी जा रही थी, इसी दौरान तेरई फाटक के पास एंबुलेंस एक पहिया पंक्चर हो गया। ठीक होने के बाद कुछ ही दूरी पर चली, इसके बाद दोबारा पंचर हो गई। महिला की हालत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन सीएचसी तालबेहट ले गए, जहां पर चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
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एंबुलेंस के देरी से पहुंचने पर परिजन हाथ ठेला पर मरीज को अस्पताल लाए, इसकी जानकारी होने पर एंबुलेंस के जिला कोआर्डिनेटर को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।

- डॉ. जेएस बक्शी, प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी
एंबुलेंस को कॉल किया, जिस पर बताया 15 मिनट में पहुंच जाएगी। परिजनों ने मरीज की हालत की जानकारी नहीं बताई। गंभीर हालत की जानकारी दे देते तो अन्य एंबुुलेंस को भेज दिया जाता।
- दीपेंद्र सिंह, जिला कोआर्डिनेटर, एबुलेंस 102 व 108।
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