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Lalitpur News: पैसों के अभाव में नहीं करा सकी इलाज, सड़क हादसे में घायल महिला लाैटी घर
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संवाद न्यूज एजेंसी
तालबेहट। ग्राम गेवरा गुंदेरा में सोमवार को हुए मिनी ट्रक से हुए हादसे में मासूम सौरभ की मौत हो गई जबकि उसकी मां गंभीर रूप से घायल हो गई थी। मंगलवार की शाम सौरभ का नम आंखों के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया, लेकिन इसके बाद मां उपचार छोड़ कर गांव लौट गई। गेवरा गुंदेरा की घटना जिसने सुनी आंखें नम हो गईं।
मृतक मासूम की विधवा मां फूल कुंवर सहरिया अब अपनी दो वर्षीय मासूम के लिए जिंदगी की जंग लड़ रही है। फुल कुंवर के सास और ससुर की मृत्यु पहले हो चुकी है। तीन पुत्रियों और एक पुत्र के पालन पोपण कर रहे उसके पति दयाराम की भी बीमारी के चलते मृत्यु कुछ माह पहले हो चुकी है। सोमवार को पुत्र की मौत के बाद उस पर अब दो वर्षीय मासूम की परवरिश की जिम्मेदारी आ गई है।
पैसों के अभाव में वह उपचार छोड़ कर बुधवार को अपने घर आ गई। उसके पास न तो राशन कार्ड है, न अंत्योदय कार्ड और न ही आयुष्मान कार्ड। पति की असमय मौत के लगभग छह माह गुजर जाने के बाद विधवा पेंशन तक नहीं दी गई। मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए चल रही मनरेगा में भी उसका कार्ड न होने के कारण आज तक रोजगार नहीं मिला।
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तालबेहट। ग्राम गेवरा गुंदेरा में सोमवार को हुए मिनी ट्रक से हुए हादसे में मासूम सौरभ की मौत हो गई जबकि उसकी मां गंभीर रूप से घायल हो गई थी। मंगलवार की शाम सौरभ का नम आंखों के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया, लेकिन इसके बाद मां उपचार छोड़ कर गांव लौट गई। गेवरा गुंदेरा की घटना जिसने सुनी आंखें नम हो गईं।
मृतक मासूम की विधवा मां फूल कुंवर सहरिया अब अपनी दो वर्षीय मासूम के लिए जिंदगी की जंग लड़ रही है। फुल कुंवर के सास और ससुर की मृत्यु पहले हो चुकी है। तीन पुत्रियों और एक पुत्र के पालन पोपण कर रहे उसके पति दयाराम की भी बीमारी के चलते मृत्यु कुछ माह पहले हो चुकी है। सोमवार को पुत्र की मौत के बाद उस पर अब दो वर्षीय मासूम की परवरिश की जिम्मेदारी आ गई है।
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पैसों के अभाव में वह उपचार छोड़ कर बुधवार को अपने घर आ गई। उसके पास न तो राशन कार्ड है, न अंत्योदय कार्ड और न ही आयुष्मान कार्ड। पति की असमय मौत के लगभग छह माह गुजर जाने के बाद विधवा पेंशन तक नहीं दी गई। मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए चल रही मनरेगा में भी उसका कार्ड न होने के कारण आज तक रोजगार नहीं मिला।
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