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पेयजल पर खर्च होंगे 30 करोड़
ललितपुर/ ब्यूरो
Updated Sat, 23 May 2015 01:10 AM IST
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वर्षों से पेयजल समस्या से जूझ रहे नेहरूनगर के निवासियों की इस समस्या के समाधान के लिए 30 करोड़ की लागत से दो टंकियों के साथ पाइप लाइन का विस्तार भी किया जाएगा। इससे मुहल्लेवासियों तक पेयजल पहुंचना संभव हो जाएगा। विभाग ने इसके लिए योजना तैयार कर ली है।
नेहरू नगर वार्ड नंबर चार व छह में करीब 10 हजार की आबादी निवास करती है। देवगढ़ रोड से यह क्षेत्र जुड़ा होने के कारण इसमें भवनों का तेजी से निर्माण हो रहा है। आबादी के सापेक्ष पेयजल की व्यवस्था नहीं होने के कारण मुहल्लेवासी वर्षों से परेशान हैं। समस्या को लेकर लोग कई बार देवगढ़ रोड पर जाम लगा चुके हैं तथा लोकसभा व विधानसभा चुनाव का बहिष्कार भी कर चुके हैं। ऊंचाई अधिक होने के कारण यहां पानी पहुंचाना आसान नहीं है। वर्तमान में लेड़ियापुरा में दो टंकियों से पानी पहुंचाया जाता है। लेकिन यह पानी न के बराबर लोगों तक पहुंचता है। मूलभूूत समस्या को देखते हुए जल संस्थान के अफसरों ने करीब 16 करोड़ का प्राक्कलन(स्टीमेट) तैयार करके शासन को भेजा। शासन ने प्राक्कलन लौटाकर जल निगम को दोबारा सर्वे करने के निर्देश दिए। जल निगम के अधिकारियों ने एक के स्थान पर दो टंकियां और पीवीसी पाइप के स्थान पर लोहे के पाइप डालने का निर्णय लिया। वर्तमान में बच्चा जेल के पीछे एक टंकी बनाने के लिए जमीन मिल चुकी है। दूसरी देवगढ़ रोड पर बनाने के लिए जमीन की तलाश जारी है। जिम्मेदार अफसरों की माने तो करीब 30 करोड़ की लागत से पानी की टंकियों के साथ पाइप लाइन का विस्तार किया जाएगा। शासन से स्वीकृति मिलते ही टंकियों का निर्माण शुरू हो जाएगा। इससे सबसे ऊंचाई पर बसे मुहल्लों में वर्षों से चली आ रही पेयजल की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा और लोगों तक पानी पहुंचना शुरू हो जाएगा।
हैंडपंप भी हैं कम
नगर के ऊंचाई पर बसे मुहल्ले नेहरूनगर में पाइप लाइन का तो अभाव है ही हैंडपंप की संख्या भी आबादी के सापेक्ष कम है। इस कारण लोगों को पेयजल के लिए दूर-दराज तक भटकना पड़ता है। पास में रहने वाले कुछ लोग तो स्टेशन से पानी लाने को मजबूर हैं। वार्ड नंबर छह के पार्षद विवेक दरौनियां की माने तो वर्तमान में दो दर्जन से अधिक गलियों में से मात्र 6-7 गलियों में ही पाइप लाइन डली हुई है। हैंडपंप भी कम हैं। नई पानी की टंकियों के साथ पाइप लाइन डलने से लोगों को पीने के लिए पानी मिलना संभव हो जाएगा।
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इनका कहना-
शासन को प्राक्कलन(स्टीमेट) बनाकर भेज दिया था, लेकिन शासन ने जल निगम के अधिकारियों को दोबारा सर्वे करवाने के लिए निर्देशित किया है। पानी की टंकी के साथ पाइप लाइन डलने से पेयजल पहुंचना आसान हो जाएगा।
आर एस चौधरी, अधिशासी अभियंता जल संस्थान
इनका कहना है-
नेहरू नगर में टंकियों के निर्माण को एक स्थान पर जमीन मिल गई है, दूसरे स्थान पर भी जमीन देखी जा रही है। प्रशासनिक अफसरों से भी बात हो रही है। जमीन मिलते ही नए तरीके से स्टीमेट बनाया जाएगा और शासन को भेजा जाएगा।
एसएन खरे, अधिशासी अभियंता जल निगम
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नेहरू नगर वार्ड नंबर चार व छह में करीब 10 हजार की आबादी निवास करती है। देवगढ़ रोड से यह क्षेत्र जुड़ा होने के कारण इसमें भवनों का तेजी से निर्माण हो रहा है। आबादी के सापेक्ष पेयजल की व्यवस्था नहीं होने के कारण मुहल्लेवासी वर्षों से परेशान हैं। समस्या को लेकर लोग कई बार देवगढ़ रोड पर जाम लगा चुके हैं तथा लोकसभा व विधानसभा चुनाव का बहिष्कार भी कर चुके हैं। ऊंचाई अधिक होने के कारण यहां पानी पहुंचाना आसान नहीं है। वर्तमान में लेड़ियापुरा में दो टंकियों से पानी पहुंचाया जाता है। लेकिन यह पानी न के बराबर लोगों तक पहुंचता है। मूलभूूत समस्या को देखते हुए जल संस्थान के अफसरों ने करीब 16 करोड़ का प्राक्कलन(स्टीमेट) तैयार करके शासन को भेजा। शासन ने प्राक्कलन लौटाकर जल निगम को दोबारा सर्वे करने के निर्देश दिए। जल निगम के अधिकारियों ने एक के स्थान पर दो टंकियां और पीवीसी पाइप के स्थान पर लोहे के पाइप डालने का निर्णय लिया। वर्तमान में बच्चा जेल के पीछे एक टंकी बनाने के लिए जमीन मिल चुकी है। दूसरी देवगढ़ रोड पर बनाने के लिए जमीन की तलाश जारी है। जिम्मेदार अफसरों की माने तो करीब 30 करोड़ की लागत से पानी की टंकियों के साथ पाइप लाइन का विस्तार किया जाएगा। शासन से स्वीकृति मिलते ही टंकियों का निर्माण शुरू हो जाएगा। इससे सबसे ऊंचाई पर बसे मुहल्लों में वर्षों से चली आ रही पेयजल की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा और लोगों तक पानी पहुंचना शुरू हो जाएगा।
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हैंडपंप भी हैं कम
नगर के ऊंचाई पर बसे मुहल्ले नेहरूनगर में पाइप लाइन का तो अभाव है ही हैंडपंप की संख्या भी आबादी के सापेक्ष कम है। इस कारण लोगों को पेयजल के लिए दूर-दराज तक भटकना पड़ता है। पास में रहने वाले कुछ लोग तो स्टेशन से पानी लाने को मजबूर हैं। वार्ड नंबर छह के पार्षद विवेक दरौनियां की माने तो वर्तमान में दो दर्जन से अधिक गलियों में से मात्र 6-7 गलियों में ही पाइप लाइन डली हुई है। हैंडपंप भी कम हैं। नई पानी की टंकियों के साथ पाइप लाइन डलने से लोगों को पीने के लिए पानी मिलना संभव हो जाएगा।
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इनका कहना-
शासन को प्राक्कलन(स्टीमेट) बनाकर भेज दिया था, लेकिन शासन ने जल निगम के अधिकारियों को दोबारा सर्वे करवाने के लिए निर्देशित किया है। पानी की टंकी के साथ पाइप लाइन डलने से पेयजल पहुंचना आसान हो जाएगा।
आर एस चौधरी, अधिशासी अभियंता जल संस्थान
इनका कहना है-
नेहरू नगर में टंकियों के निर्माण को एक स्थान पर जमीन मिल गई है, दूसरे स्थान पर भी जमीन देखी जा रही है। प्रशासनिक अफसरों से भी बात हो रही है। जमीन मिलते ही नए तरीके से स्टीमेट बनाया जाएगा और शासन को भेजा जाएगा।
एसएन खरे, अधिशासी अभियंता जल निगम