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दो दिन खेली होली, फिर मनाई भाई दूज
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 26 Mar 2016 01:37 AM IST
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bhaiya dooj, in lalitpur news
- फोटो : amarujala
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ललितपुर। नगर में होलिका दहन के बाद हुरियारों की टोलियों ने अबीर-गुलाल से सराबोर होकर दो दिन खूब होली खेली। गली-मुहल्लों से लेकर मुख्य सड़कों पर बच्चों व बड़ों ने टोलियां बनाकर ढोल नगाड़ों के साथ मस्ती की। तीसरे दिन भाई- बहन के बीच प्रेम व स्नेह का प्रतीक भाई दूज पर्व मनाया गया।
रंगों का त्योहार होली इस बार तीन दिन तक मनाया गया। नगर में मंगलवार की रात्रि को होलिका दहन होने पर बुधवार व बृहस्पतिवार को हुरियारों ने मस्ती करते हुए रंगों का पर्व मनाया। हालांकि, इस बार वर्षों पुरानी फट्टामार और कीचड़ की होली दिखाई नहीं दी। होली का पर्व शांति व सौहार्द के बीच मनाया गया। बुधवार को जहां हुरियारों की टोलियों ने रंगों से सराबोर होकर एक- दूसरे को रंग लगाया, वहीं बृहस्पतिवार को बच्चों व बड़ों ने अबीर गुलाल- उड़ाकर सुबह से ही होली का आनंद लिया।
होली में हुरियारों की टोलियों ने नगर के प्रमुख चौराहों पर कढ़ाई व रंगों से भरी टंकियां रखकर ढोल-नगाड़ों के बीच होली खेली। गलियों से निकलने वाली टोलियों ने इष्ट मित्रों को घरों से बाहर निकाला और उसे रंगों से सराबोर कर दिया। मंदिरों व सार्वजनिक स्थलों पर भांग घोंटी गई और भांग का सेवन किया गया, इससे रंग-बिरंगे हुरियारे भांग खाकर झूमते दिखे।
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भाई दूज पर बहनों ने लगाया तिलक
ललितपुर। शुक्रवार को सुबह सबसे पहले बहनों से भाइयों की दीर्घायु के लिए गोबर से बनाई दूज की विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की। जंगलों से मुश्किल से मिलने वाली कटाई को मूसल से एक साथ मिलकर कुटाई की गई। घर की पुरानी व बुजुर्ग महिलाओं ने पूजा के महत्व की कहानियां सुनाईं और आरती कर पूजा की। इसके बाद बहनों ने भाइयों को गुलाल से तिलक कर मिठाई व घर में बने पकवान खिलाकर वर्षों पुरानी रस्म अदा की।
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रंगों का त्योहार होली इस बार तीन दिन तक मनाया गया। नगर में मंगलवार की रात्रि को होलिका दहन होने पर बुधवार व बृहस्पतिवार को हुरियारों ने मस्ती करते हुए रंगों का पर्व मनाया। हालांकि, इस बार वर्षों पुरानी फट्टामार और कीचड़ की होली दिखाई नहीं दी। होली का पर्व शांति व सौहार्द के बीच मनाया गया। बुधवार को जहां हुरियारों की टोलियों ने रंगों से सराबोर होकर एक- दूसरे को रंग लगाया, वहीं बृहस्पतिवार को बच्चों व बड़ों ने अबीर गुलाल- उड़ाकर सुबह से ही होली का आनंद लिया।
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होली में हुरियारों की टोलियों ने नगर के प्रमुख चौराहों पर कढ़ाई व रंगों से भरी टंकियां रखकर ढोल-नगाड़ों के बीच होली खेली। गलियों से निकलने वाली टोलियों ने इष्ट मित्रों को घरों से बाहर निकाला और उसे रंगों से सराबोर कर दिया। मंदिरों व सार्वजनिक स्थलों पर भांग घोंटी गई और भांग का सेवन किया गया, इससे रंग-बिरंगे हुरियारे भांग खाकर झूमते दिखे।
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भाई दूज पर बहनों ने लगाया तिलक
ललितपुर। शुक्रवार को सुबह सबसे पहले बहनों से भाइयों की दीर्घायु के लिए गोबर से बनाई दूज की विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की। जंगलों से मुश्किल से मिलने वाली कटाई को मूसल से एक साथ मिलकर कुटाई की गई। घर की पुरानी व बुजुर्ग महिलाओं ने पूजा के महत्व की कहानियां सुनाईं और आरती कर पूजा की। इसके बाद बहनों ने भाइयों को गुलाल से तिलक कर मिठाई व घर में बने पकवान खिलाकर वर्षों पुरानी रस्म अदा की।