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मनरेगा में गड़बड़ी: महिला मरने के बाद 27 दिन तक करती रही मजदूरी
Wed, 12 Apr 2023 12:05 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Wed, 12 Apr 2023 12:05 AM IST
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ललितपुर। जिले में एक महिला मरने के बाद भी मनरेगा योजना के तहत काम करती रही और उसको मजदूरी भी दे दी गई। अफसरों ने शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू करा दी है।
जिले में मनरेगा योजना में ग्राम पंचायतों में जमकर गोलमाल हो रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर मृतकों से भी मजदूरी कराई जा रही है। हाल ही में ब्लॉक बार की ग्राम पंचायत तुरका में एक महिला मरने के 27 दिन बाद भी मजदूरी करती रही। अफसरों के पास शिकायत पहुंची कि गांव तुरका निवासी सुंताबाई उर्फ सुनीता की मृत्यु 28 अक्तूबर 2018 को हो चुकी है। 28 अक्तूबर 2018 को परिवार रजिस्टर में उसकी मृत्यु भी दर्ज है। बावजूद इसके ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों ने उससे 15 से 26 जुलाई 2021 तक 12 दिन और 17 से 29 जनवरी 2022 के बीच 13 दिन व 9 से 10 अप्रैल 2022 तक दो दिन सहित कुल 27 दिन तक मनरेगा के तहत काम करते दिखाया। साथ ही मृतक महिला के जॉब कार्ड पर भी काम करने की बात दर्ज की गई।
मामले की जांच जिला पंचायत राज अधिकारी को सौंपी गई है। सूत्रों के अनुसार शुरुआती चरण में ही शिकायत में लगे आरोप सही पाए गए हैं।
पहले परीक्षा दे रहे छात्र से करा दी थी मजदूरी
ग्राम तुरका में मनरेगा में गड़बड़ी होने का यह कोई पहला मामला नहीं हैं। कुछ माह पूर्व ही ग्राम तुरका निवासी एक इंटरमीडिएट छात्र को उस समय मनरेगा के तहत मजदूरी करते हुए दिखा दिया था। जब वह इंटरमीडिएट में अपने विषय की परीक्षा दे रहा था। इस गड़बड़ी पर संबधित के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
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ग्राम तुरका में महिला की मृत्यु हो जाने के बाद भी उसके नाम पर मनरेगा में मजदूरी कराने के मामले की जांच रिपोर्ट खंड विकास अधिकारी बार से मांगी है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रवींद्रवीर यादव, डीसी मनरेगा
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जिले में मनरेगा योजना में ग्राम पंचायतों में जमकर गोलमाल हो रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर मृतकों से भी मजदूरी कराई जा रही है। हाल ही में ब्लॉक बार की ग्राम पंचायत तुरका में एक महिला मरने के 27 दिन बाद भी मजदूरी करती रही। अफसरों के पास शिकायत पहुंची कि गांव तुरका निवासी सुंताबाई उर्फ सुनीता की मृत्यु 28 अक्तूबर 2018 को हो चुकी है। 28 अक्तूबर 2018 को परिवार रजिस्टर में उसकी मृत्यु भी दर्ज है। बावजूद इसके ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों ने उससे 15 से 26 जुलाई 2021 तक 12 दिन और 17 से 29 जनवरी 2022 के बीच 13 दिन व 9 से 10 अप्रैल 2022 तक दो दिन सहित कुल 27 दिन तक मनरेगा के तहत काम करते दिखाया। साथ ही मृतक महिला के जॉब कार्ड पर भी काम करने की बात दर्ज की गई।
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मामले की जांच जिला पंचायत राज अधिकारी को सौंपी गई है। सूत्रों के अनुसार शुरुआती चरण में ही शिकायत में लगे आरोप सही पाए गए हैं।
पहले परीक्षा दे रहे छात्र से करा दी थी मजदूरी
ग्राम तुरका में मनरेगा में गड़बड़ी होने का यह कोई पहला मामला नहीं हैं। कुछ माह पूर्व ही ग्राम तुरका निवासी एक इंटरमीडिएट छात्र को उस समय मनरेगा के तहत मजदूरी करते हुए दिखा दिया था। जब वह इंटरमीडिएट में अपने विषय की परीक्षा दे रहा था। इस गड़बड़ी पर संबधित के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
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ग्राम तुरका में महिला की मृत्यु हो जाने के बाद भी उसके नाम पर मनरेगा में मजदूरी कराने के मामले की जांच रिपोर्ट खंड विकास अधिकारी बार से मांगी है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रवींद्रवीर यादव, डीसी मनरेगा