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सड़क के इंतजार में आजादपुरा वासी
lalitpur
Updated Wed, 22 Mar 2017 01:06 AM IST
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गंदगी
- फोटो : amar ujala
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नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत वार्ड नंबर 20 के आजादपुरा द्वितीय में स्थित सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल के पीछे बस्ती में करीब आधा सैकड़ों से अधिक परिवार ऐसे हैं, जो आज भी मुहल्लों में पक्की सड़कों का इंतजार कर रहे हैं। एक दर्जन से अधिक परिवार तो ऐसे भी हैं, जिनके घरों तक पहुंचने के लिए जलभराव के कारण कच्चा रास्ता भी नहीं है।
मुहल्ला आजादपुरा द्वितीय में संचालित हो रहे सरस्वती शिशु मंदिर के पीछे काफी पुरानी घनी आबादी की बस्ती बसी हुई है। नगर पालिका ने बीते एक-दो माह में आसपास की गलियों में तो सड़क का निर्माण कर दिया है, लेकिन करीब आधा सैकड़ा मकानों के सामने वाली गलियों में सड़क नहीं डाली है। लोगों को मजबूरन कीचड़ वाले कच्चे रास्ते से गुजरना पड़ता है। साथ ही यहां दो-तीन गलियां ऐसी भी हैं, जहां पर सड़कों का तो कोई नामोनिशान भी नहीं है। इन गलियों में खाली पड़े प्लाटों में गहराई होने के कारण पूरे साल जलभराव की स्थिति बनी रहती है।
यहां रहने वाले लोग अपने घरों तक पहुंचने के लिए यहां बनी पक्की नाली को रास्ते के रूप में उपयोग करते हैं। स्थानीय लोगों के पास अपने खुद के पक्के मकान तो हैं, लेकिन रास्ते नहीं होने के कारण वह अपने दो पहिया वाहनों को भी दूसरों के घरों में रखने को मजबूर हैं। अपने घरों से निकलने के लिए लोगों ने खुद ही पत्थरों का अस्थाई रास्ता बना लिया है। इसके अलावा इन गलियों में टैक्सी व अन्य वाहन भी नहीं पहुंच पाते हैं, जिस कारण स्कूली बच्चों व वृद्धों को काफी परेशानी होती है। परेशान लोगों ने पार्षद से लेकर नगर पालिका प्रशासन व जिला प्रशासन से स्थानीय सुक्कन कुशवाहा के घर से जगदीश राजपूत के मकान तक करीब 50 मीटर सड़क बनवाने की मांग की है, लेकिन अब तक उनको निराशा के अलावा कुछ हाथ नहीं लगा है।
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दो पहिया वाहन भी नहीं पहुंच पाते घरों तक
रास्ता नहीं होने के कारण दो पहिया वाहन भी गली में नहीं पहुंच पाते हैं। रात के समय मोटरसाइकिल रखने के लिए दूसरों से प्रार्थना करनी पड़ती है। यह समस्या गली में रहने वाले समस्य लोगों की है, क्योंकि सभी के पास वाहन हैं। कई लोगों को वाहन तो गली के बाहर की खड़े रहते हैं, लेकिन रात भर चोरी हो जाने का भय भी सताता रहता है।
- शैलेंद्र सोनी
स्थानीय निवासी।
फोटो- 04
आवागमन में नाली का ही सहारा
गली में पक्की सड़क तो दूर कच्चा रास्ता भी नहीं हैं। रास्ते में जलभराव होने पर गली में बनी पक्की नाली को पैदल आने-जाने में उपयोग करते हैं। यह नाली करीब एक-डेढ़ वर्ष पूर्व ही बनी है, इससे पहले तो स्थिति काफी बदत्तर थी। बीते समय से निरंतर सड़क की मांग की जा रही है।
-शिवम शर्मा
स्थानीय निवासी।
मच्छरों व कीटों की भरमार
सड़क की समय के साथ-साथ मुहल्ले में जलभराव की भी बहुत बड़ी समस्या है। बरसात ही नहीं वाल्मीकि पूरे साल यहां पर ऐसी ही जलभराव की स्थिति बनी रहती है, इससे मुहल्ले में मच्छरों का इतना प्रकोप है कि शाम होते ही मच्छर नाक में दम कर देते हैं, इससे बीमारियों का भी डर बना रहता है। इसके अलावा यहां जमा गंदे पानी में सांप व अन्य जहरीले कीड़े भी बहुत हैं, तो घरों में घुस आते हैं। बड़ों से ज्यादा बच्चों का डर सताता है।
-लाड़कुंअर निरंजन
स्थानीय निवासी।
अनेकों बार की जा चुकी है मांग
मुहल्ले में सड़क का निर्माण व जलभराव की समस्या को दूर कराने की जिला प्रशासन समेत पार्षद व नगर पालिका के अधिकारियों व अध्यक्ष से सभी ने अनेकों बार मांग की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हर बार केवल आश्वासन ही मिलता है। यदि अभी सुनवाई नहीं होती है, तो आने वाले दिनों में मुहल्ले के पीड़ित समस्त पुरुष व महिलाएं धरना प्रदर्शन व आंदोलन करेगीं और जरूरत पड़ने पर आगामी नगर पालिका चुनाव का बहिष्कार भी कर सकते हैं।
- देशराज राजपूत
स्थनीय निवासी।
अंकल टैक्सी भी नहीं आ पाती घर
यहां बिना रास्ते वाली गली में रहने वाला कक्षा तीसरी का छात्र बताता है कि अंकल हमारे घर तक सड़क नहीं होने के कारण स्कूल की टैक्सी यहां तक नहीं आती है, टैक्सी के लिए दूसरे मुहल्ले तक पैदल जाना पड़ता है। कई बार तो कीचड़ के कारण स्कूल की ड्रेस भी गंदी हो जाती है।
-पार्थदेव मिश्रा
कक्षा तीसरी का छात्र।
बोर्ड में रखी गया था प्रस्ताव
पूर्व में प्रस्ताव रखा गया था और आगामी बोर्ड बैठक में एक बार फिर सड़क की मांग को रखेगें।
-आशाराम कुशवाहा
वार्ड नंबर 20 के पार्षद।
जल भराव की है समस्या
वार्ड नंबर 20 में सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल के पीछे के मुहल्ले में लगभग हर जगह सड़क का निर्माण करा दिया गया है। एक सड़क पर मुहल्ले के ही एक व्यक्ति ने स्ट्रे लगवाया है और पीछे की ओर जहां रास्ते की समस्या हैं वहां पर जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नाली का तो निर्माण करा दिया गया है, लेकिन खाली प्लाटों पर हो रहे जलभराव के कारण सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। विभाग में बजट आते ही स्थानीय लोगों की समस्या को दूर करने के लिए कोई न कोई रास्ता जरूर निकाला जाएगा।
- सुभाष जायसवाल
नगर पालिका अध्यक्ष।
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मुहल्ला आजादपुरा द्वितीय में संचालित हो रहे सरस्वती शिशु मंदिर के पीछे काफी पुरानी घनी आबादी की बस्ती बसी हुई है। नगर पालिका ने बीते एक-दो माह में आसपास की गलियों में तो सड़क का निर्माण कर दिया है, लेकिन करीब आधा सैकड़ा मकानों के सामने वाली गलियों में सड़क नहीं डाली है। लोगों को मजबूरन कीचड़ वाले कच्चे रास्ते से गुजरना पड़ता है। साथ ही यहां दो-तीन गलियां ऐसी भी हैं, जहां पर सड़कों का तो कोई नामोनिशान भी नहीं है। इन गलियों में खाली पड़े प्लाटों में गहराई होने के कारण पूरे साल जलभराव की स्थिति बनी रहती है।
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यहां रहने वाले लोग अपने घरों तक पहुंचने के लिए यहां बनी पक्की नाली को रास्ते के रूप में उपयोग करते हैं। स्थानीय लोगों के पास अपने खुद के पक्के मकान तो हैं, लेकिन रास्ते नहीं होने के कारण वह अपने दो पहिया वाहनों को भी दूसरों के घरों में रखने को मजबूर हैं। अपने घरों से निकलने के लिए लोगों ने खुद ही पत्थरों का अस्थाई रास्ता बना लिया है। इसके अलावा इन गलियों में टैक्सी व अन्य वाहन भी नहीं पहुंच पाते हैं, जिस कारण स्कूली बच्चों व वृद्धों को काफी परेशानी होती है। परेशान लोगों ने पार्षद से लेकर नगर पालिका प्रशासन व जिला प्रशासन से स्थानीय सुक्कन कुशवाहा के घर से जगदीश राजपूत के मकान तक करीब 50 मीटर सड़क बनवाने की मांग की है, लेकिन अब तक उनको निराशा के अलावा कुछ हाथ नहीं लगा है।
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दो पहिया वाहन भी नहीं पहुंच पाते घरों तक
रास्ता नहीं होने के कारण दो पहिया वाहन भी गली में नहीं पहुंच पाते हैं। रात के समय मोटरसाइकिल रखने के लिए दूसरों से प्रार्थना करनी पड़ती है। यह समस्या गली में रहने वाले समस्य लोगों की है, क्योंकि सभी के पास वाहन हैं। कई लोगों को वाहन तो गली के बाहर की खड़े रहते हैं, लेकिन रात भर चोरी हो जाने का भय भी सताता रहता है।
- शैलेंद्र सोनी
स्थानीय निवासी।
फोटो- 04
आवागमन में नाली का ही सहारा
गली में पक्की सड़क तो दूर कच्चा रास्ता भी नहीं हैं। रास्ते में जलभराव होने पर गली में बनी पक्की नाली को पैदल आने-जाने में उपयोग करते हैं। यह नाली करीब एक-डेढ़ वर्ष पूर्व ही बनी है, इससे पहले तो स्थिति काफी बदत्तर थी। बीते समय से निरंतर सड़क की मांग की जा रही है।
-शिवम शर्मा
स्थानीय निवासी।
मच्छरों व कीटों की भरमार
सड़क की समय के साथ-साथ मुहल्ले में जलभराव की भी बहुत बड़ी समस्या है। बरसात ही नहीं वाल्मीकि पूरे साल यहां पर ऐसी ही जलभराव की स्थिति बनी रहती है, इससे मुहल्ले में मच्छरों का इतना प्रकोप है कि शाम होते ही मच्छर नाक में दम कर देते हैं, इससे बीमारियों का भी डर बना रहता है। इसके अलावा यहां जमा गंदे पानी में सांप व अन्य जहरीले कीड़े भी बहुत हैं, तो घरों में घुस आते हैं। बड़ों से ज्यादा बच्चों का डर सताता है।
-लाड़कुंअर निरंजन
स्थानीय निवासी।
अनेकों बार की जा चुकी है मांग
मुहल्ले में सड़क का निर्माण व जलभराव की समस्या को दूर कराने की जिला प्रशासन समेत पार्षद व नगर पालिका के अधिकारियों व अध्यक्ष से सभी ने अनेकों बार मांग की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हर बार केवल आश्वासन ही मिलता है। यदि अभी सुनवाई नहीं होती है, तो आने वाले दिनों में मुहल्ले के पीड़ित समस्त पुरुष व महिलाएं धरना प्रदर्शन व आंदोलन करेगीं और जरूरत पड़ने पर आगामी नगर पालिका चुनाव का बहिष्कार भी कर सकते हैं।
- देशराज राजपूत
स्थनीय निवासी।
अंकल टैक्सी भी नहीं आ पाती घर
यहां बिना रास्ते वाली गली में रहने वाला कक्षा तीसरी का छात्र बताता है कि अंकल हमारे घर तक सड़क नहीं होने के कारण स्कूल की टैक्सी यहां तक नहीं आती है, टैक्सी के लिए दूसरे मुहल्ले तक पैदल जाना पड़ता है। कई बार तो कीचड़ के कारण स्कूल की ड्रेस भी गंदी हो जाती है।
-पार्थदेव मिश्रा
कक्षा तीसरी का छात्र।
बोर्ड में रखी गया था प्रस्ताव
पूर्व में प्रस्ताव रखा गया था और आगामी बोर्ड बैठक में एक बार फिर सड़क की मांग को रखेगें।
-आशाराम कुशवाहा
वार्ड नंबर 20 के पार्षद।
जल भराव की है समस्या
वार्ड नंबर 20 में सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल के पीछे के मुहल्ले में लगभग हर जगह सड़क का निर्माण करा दिया गया है। एक सड़क पर मुहल्ले के ही एक व्यक्ति ने स्ट्रे लगवाया है और पीछे की ओर जहां रास्ते की समस्या हैं वहां पर जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नाली का तो निर्माण करा दिया गया है, लेकिन खाली प्लाटों पर हो रहे जलभराव के कारण सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। विभाग में बजट आते ही स्थानीय लोगों की समस्या को दूर करने के लिए कोई न कोई रास्ता जरूर निकाला जाएगा।
- सुभाष जायसवाल
नगर पालिका अध्यक्ष।