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सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं गंदगी से भरी नालियां
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पाली की नालियों में भरी पड़ी गंदगी
- फोटो : LALITPUR
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पाली। नगर पंचायत पाली में स्वच्छता अभियान लोगों को मुुंह चिढ़ा रहा है। नालियां गंदगी से लबालब भरी हैं, जिससे आसपास रहने वाले और रास्तों से निकलने वाले लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
नगर पंचायत क्षेत्र में नालियां खुली पड़ी हैं। कहीं खुली नालियां हादसे को आमंत्रण दे रहीं है। कई बार राह चलते लोग इनमें गिरकर स्वयं को नुकसान पहुंचा चुके हैं। तहसील मुख्यालय का मुख्य बस स्टैंड चौराहा के वार्ड नंबर आठ के दायरे में आने वाली नालियां उदासीनता की शिकार हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शिलालेख फव्वारा के ठीक सामने पाली- जाखलौन मार्ग की पुलिया और नालियां गंदगी से लबालब भरी पड़ी हैं। नाली कई जगह खुली होकर हादसे को आमंत्रित कर रही है। मुख्य चौराहे पर ऐसा हाल देखकर कस्बे के लोग तो परेशान हैं ही, साथ ही बाहर से आने वाले लोग भी यह हाल देख स्वच्छता अभियान की खिल्ली उड़ाते हैं।
श्री नीलकंठेश्वर मार्ग, नादवानी बगीचा मार्ग व पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय और बस स्टैंड चौराहे से बंगरिया मार्ग पर आस्था का बड़ा केंद्र श्रीबालाजी मंदिर है। मंदिर में आस्थावानों की सुबह-शाम भीड़ जुटती है। समय-समय पर यहां धार्मिक कार्यक्रम भी होते हैं, लेकिन नगर पंचायत श्रद्धालुओं की परेशानी को अनदेखी किए हुए है। हैरानी की बात तो यह है चुनाव से पहले प्रत्याशी पहला मत्था यहीं टेकते हैं। इसके बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया जाता है। श्री नीलकंठेश्वर मंदिर जाने वाले मुख्य रास्ते की नाली व रोड पर गंदगी की वजह से कीचड़ से होकर जाना पड़ रहा है। तहसील वाले रास्ते का भी बुरा हाल है, कुछ पत्थर पड़े है जिससे लोग रास्ता बनाए हुए हैं। इस ओर ध्यान नहीं देने से खुली नाली परेशानी का सबब बनी हुई है।
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खुली पड़ीं नालियां
कस्बे में कई जगह नालियां खुली पड़ी हैं। डोर-टू-डोर कचरा उठान न के बराबर है। इसके चलते कई लोग अपने घरों से निकलने वाले कचरे को इन्हीं खुली नालियों में डाल देते हैं। इससे ऐसी नालियों में सफाई अभियान ज्यादा दिनों तक नहीं टिकता है।
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नाली की सफाई नहीं हुई। इसको सही तरीके से ढंका होना भी जरूरी है। बावजूद इसके अब तक इस और किसी ने ध्यान नहीं दिया, जो स्वच्छता अभियान के नाम पर उदासीनता है।
- भरत चौरसिया, पूर्व सभासद
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नगर पंचायत क्षेत्र में नालियां खुली पड़ी हैं। कहीं खुली नालियां हादसे को आमंत्रण दे रहीं है। कई बार राह चलते लोग इनमें गिरकर स्वयं को नुकसान पहुंचा चुके हैं। तहसील मुख्यालय का मुख्य बस स्टैंड चौराहा के वार्ड नंबर आठ के दायरे में आने वाली नालियां उदासीनता की शिकार हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शिलालेख फव्वारा के ठीक सामने पाली- जाखलौन मार्ग की पुलिया और नालियां गंदगी से लबालब भरी पड़ी हैं। नाली कई जगह खुली होकर हादसे को आमंत्रित कर रही है। मुख्य चौराहे पर ऐसा हाल देखकर कस्बे के लोग तो परेशान हैं ही, साथ ही बाहर से आने वाले लोग भी यह हाल देख स्वच्छता अभियान की खिल्ली उड़ाते हैं।
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श्री नीलकंठेश्वर मार्ग, नादवानी बगीचा मार्ग व पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय और बस स्टैंड चौराहे से बंगरिया मार्ग पर आस्था का बड़ा केंद्र श्रीबालाजी मंदिर है। मंदिर में आस्थावानों की सुबह-शाम भीड़ जुटती है। समय-समय पर यहां धार्मिक कार्यक्रम भी होते हैं, लेकिन नगर पंचायत श्रद्धालुओं की परेशानी को अनदेखी किए हुए है। हैरानी की बात तो यह है चुनाव से पहले प्रत्याशी पहला मत्था यहीं टेकते हैं। इसके बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया जाता है। श्री नीलकंठेश्वर मंदिर जाने वाले मुख्य रास्ते की नाली व रोड पर गंदगी की वजह से कीचड़ से होकर जाना पड़ रहा है। तहसील वाले रास्ते का भी बुरा हाल है, कुछ पत्थर पड़े है जिससे लोग रास्ता बनाए हुए हैं। इस ओर ध्यान नहीं देने से खुली नाली परेशानी का सबब बनी हुई है।
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खुली पड़ीं नालियां
कस्बे में कई जगह नालियां खुली पड़ी हैं। डोर-टू-डोर कचरा उठान न के बराबर है। इसके चलते कई लोग अपने घरों से निकलने वाले कचरे को इन्हीं खुली नालियों में डाल देते हैं। इससे ऐसी नालियों में सफाई अभियान ज्यादा दिनों तक नहीं टिकता है।
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नाली की सफाई नहीं हुई। इसको सही तरीके से ढंका होना भी जरूरी है। बावजूद इसके अब तक इस और किसी ने ध्यान नहीं दिया, जो स्वच्छता अभियान के नाम पर उदासीनता है।
- भरत चौरसिया, पूर्व सभासद
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