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मेले में दुकान लगा रहे युवक की सर्प दंश से मौत
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मेले में दुकान लगा रहे युवक की सर्प दंश से मौत
ललितपुर। थाना बार अंतर्गत ग्राम पारौन निवासी एक युवक की तालबेहट में नगर पंचायत के मेले में दुकान लगाने के दौरान रात्रि में सांप के डसने से मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराया। ग्राम पौरान निवासी राजन (24) अपने एक रिश्तेदार के साथ तालबेहट में मेला में दुकान लगाए गया था। रविवार की रात को उसे सांप ने डस लिया। परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया और शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा। लेकिन, परिजनों ने पोस्टमार्टम से मना कर दिया और शव को जीवित कराने की आस में वह उसे किसी देवस्थान पर झाड़- फूंक को ले गए। ग्राम प्रधान रामगोपाल झा ने बताया कि देर शाम वापस गांव लौटकर परिजनों व ग्रामीणों ने शव का अंतिम संस्कार किया। युवक तीन भाइयों में सबसे बड़ा था और उसकी एक साल पहले ही शादी हुई थी एवं उसकी पत्नी गर्भवती थी।
गांव में पसरा मातम
नवयुवक की मौत से पूरा गांव शोक में डूबा रहा। यहां तक कि गांव ने युवक की मौत होने के कारण जलविहार पर्व भी नहीं मनाया। रस्म अदायगी के लिए सिर्फ पुजारी जी ने ही मंदिर में भगवान की पूजा कर दी और मंदिर का विमान गांव में नहीं निकाला गया।
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ललितपुर। थाना बार अंतर्गत ग्राम पारौन निवासी एक युवक की तालबेहट में नगर पंचायत के मेले में दुकान लगाने के दौरान रात्रि में सांप के डसने से मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराया। ग्राम पौरान निवासी राजन (24) अपने एक रिश्तेदार के साथ तालबेहट में मेला में दुकान लगाए गया था। रविवार की रात को उसे सांप ने डस लिया। परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया और शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा। लेकिन, परिजनों ने पोस्टमार्टम से मना कर दिया और शव को जीवित कराने की आस में वह उसे किसी देवस्थान पर झाड़- फूंक को ले गए। ग्राम प्रधान रामगोपाल झा ने बताया कि देर शाम वापस गांव लौटकर परिजनों व ग्रामीणों ने शव का अंतिम संस्कार किया। युवक तीन भाइयों में सबसे बड़ा था और उसकी एक साल पहले ही शादी हुई थी एवं उसकी पत्नी गर्भवती थी।
गांव में पसरा मातम
नवयुवक की मौत से पूरा गांव शोक में डूबा रहा। यहां तक कि गांव ने युवक की मौत होने के कारण जलविहार पर्व भी नहीं मनाया। रस्म अदायगी के लिए सिर्फ पुजारी जी ने ही मंदिर में भगवान की पूजा कर दी और मंदिर का विमान गांव में नहीं निकाला गया।
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