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जेल में बंद भाईयों के राखी बांधने के लिए असमंजस में बहनें

Sat, 21 Aug 2021 01:06 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 21 Aug 2021 01:06 AM IST
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dictict jail, raksha bandhan, no guide line
जिला कारागार ललितपुर - फोटो : LALITPUR
ललितपुर। रक्षाबंधन पर जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने के लिए अब तक कोई गाइडलाइन जारी ने होने से बहनें असमंजस में हैं। कारण साफ है कि गत वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते जेल प्रशासन ने बहनों से पैकेट में राखियां रखकर जमा करने की व्यवस्था की गई थी लेकिन इस साल इस तरह का कोई आदेश शुक्रवार तक जारी नहीं किया गया। ऐसे में यदि शनिवार तक गाइड लाइन जारी न हुई तो बहनों को जेल में कैद भाईयों को राखी न बांधने का मलाल जरूर रहेगा।
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जिला कारागार में करीब पौने पांच सौ बंदी विभिन्न मामलों में निरूद्घ चल रहे हैं। इनमें करीब तीस महिला बंदी शामिल हैं। जेल प्रशासन के मुताबिक इनमें 92 पुरूष और नौ महिला बंदी अपने गुनाहों की सजा काट रहीं हैं। जबकि साढ़े तीन सौ पुरूष एवं 21 महिला बंदी विचाराधीन हैं। जानकारी के मुताबिक जिला कारागार में प्रत्येक बड़े त्यौहारों पर जेल प्रशासन द्वारा बंदियों को उनके परिजनों से मुलाकात कराने के लिए विशेष इंतजाम किया जाता है। इसी प्रकार रक्षाबंधन पर बंदियों को उनकी बहनों द्वारा लाई गईं राखी बांधने के लिए भी शासन की अनुमति के आधार पर विशेष इंतजाम किए जाते हैं, लेकिन इस बार कारोना संक्रमण के चलते कई महीनों से बंदियों की परिजनों से मुलाकात बंद चल रही थी, जो बीते चार दिन पहले ही 16 अगस्त से शुरू की गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस साल बहनें जेल में जाकर अपने भाइयों को राखी भी बांध सकेंगी लेकिन शुक्रवार शाम तक रक्षाबंधन को लेकर शासन द्वारा कोई गाइडलाइन नहीं आने के चलते असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यदि शनिवार तक कोई गाइडलाइन जारी नहीं होती है तो दूरदराज से आने वाली बहनों को भाईयों के राखी न बांध पाने का मलाल रहेगा।
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रक्षाबंधन पर बंदियों को राखी बंधवाने के संबंध में अभी शासन द्वारा निर्देश नहीं मिले हैं, उम्मीद है शनिवार को इस संबंध में कोई आदेश मिल जाएगा, जिसके बाद ही बंदियों को उनकी बहनों से मुलाकात कराकर राखी बंधवाने के इंतजाम किए जाएंगे। -वीरेंद्र कुमार वर्मा, जेल अधीक्षक।
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