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धौजरी गांव के लोग दो किलोमीटर दूर नदी से ला रहे पानी
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जाखलौन (ललितपुर)। धौर्रा क्षेत्र के ग्राम धौजरी गांव में ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति की सुविधा नहीं होने के कारण नारकीय जीवन जीना पड़ रहा है। यहां के बाशिंदे डेढ़ से दो किलोमीटर दूर जाकर नदी का पानी लाने को मजबूर हैं। लोग रोजाना कच्चे रास्ते से नदी तक पहुंचते हैं। कई बार गिरने के कारण बर्तन का पानी फैल जाता है और वह चोटिल भी हो जाते हैं।
जिला मुख्यालय से करीब तीस किलोमीटर दूर कस्बा धौर्रा के पास स्थित ग्राम धौजरी के ग्रामीण पेयजल की व्यवस्था नहीं होने के कारण आज भी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। यहां पूरे गांव में मात्र एक हैंडपंप लगा है, जिसमें मोटर तो लगी है, लेकिन कुछ दबंगों द्वारा अक्सर इसके पुर्जे निकाल लिए जाते हैं। वर्तमान में इस हैंडपंप से पंद्रह से बीस मिनट तक ही पानी निकलता है। पूरे गांव में लगभग 1500 की आबादी में एक खराब हैंडपंप लगा है। इसके चलते ग्रामीणों को करीब डेढ़ से दो किलोमीटर तक कच्चे रास्ते से होकर नदी में पानी भरने के लिए जाना पड़ रहा है, ऐसे में कई बार यहां बच्चे और महिलाएं बारिश के दिनों में मिट्टी गीली होने के कारण फिसल जाते हैं और बर्तन गिरने से पानी भी फैल जाता है, जिसके चलते उन्हें फिर से पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। ऐसा यहां पहली बार नहीं बल्कि यहां के लोगों के लिए पानी भरने का एक मात्र साधन सिर्फ यह नदी ही है और यहां के लोग वर्षों से इसी नदी का पानी लाकर पीने व अन्य उपयोग में लाते हैं। यहां जनप्रतिनिधि चुनाव के दौरान वोट मांगते समय पानी सड़क का वादा करके वोट भी बटोरने पहुंचते हैं, लेकिन आज तक यहां पेयजल का ही कोई इंतजाम नहीं किया गया है और सरकार की तमाम योजनाओं के बाद भी यहां के लोग आज भी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं और उन्हें शुद्ध पेयजल तक उपलब्ध नहीं हो सका है।
गांव में जहां हैंडपंप की जरूरत है, आज तक हैंडपंप नहीं लगाया गया है। एक हैंडपंप है, जो दूसरे मोहल्ले में लगा है। ग्राम प्रधान से भी कई बार कहा, लेकिन आज तक किसी ने नहीं सुनी। दो किलोमीटर दूर नदी से पानी लाना पड़ता है।
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वीर सिंह यादव, ग्रामीण।
पूरे गांव में एक ही हैंडपंप लगा है और यदि बाकी जगह हैंडपंप लग जाए, तो कुछ राहत मिल जाएगी। वर्षों से नदी का पानी भरना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में कच्चा रास्ता होने के कारण नदी से पानी लाने को बहुत परेशान होना पड़ता है।
गुलाब रानी सेन, ग्राम धौजरी।
पूरे गांव के लोग नदी से ही पानी लाते हैं और वहीं पानी छानकर पीते हैं। यह समस्या वर्षों से बनी हुई है। वोट के समय नेता आते हैं, बाकी बाद में सब भूल जाते हैं। अब तक यहां गांव में दूसरा हैंडपंप भी नहीं लग सका है। अब तो आदत ही हो गई है।
-भज्जू सहरिया, ग्रामीण।
गांव में एक हैंडपंप लगा है, जिसमें पानी तो निकलता है, लेकिन यहां कुछ ही लोगों को पानी मिल पाता है, ऐसे में नदी जाकर ही पानी लाना पड़ता है। कई बार अधिकारियों व ग्राम प्रधान से हैंडपंप लगाने की बात कही, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
लालाराम सिंह, ग्रामीण।
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जिला मुख्यालय से करीब तीस किलोमीटर दूर कस्बा धौर्रा के पास स्थित ग्राम धौजरी के ग्रामीण पेयजल की व्यवस्था नहीं होने के कारण आज भी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। यहां पूरे गांव में मात्र एक हैंडपंप लगा है, जिसमें मोटर तो लगी है, लेकिन कुछ दबंगों द्वारा अक्सर इसके पुर्जे निकाल लिए जाते हैं। वर्तमान में इस हैंडपंप से पंद्रह से बीस मिनट तक ही पानी निकलता है। पूरे गांव में लगभग 1500 की आबादी में एक खराब हैंडपंप लगा है। इसके चलते ग्रामीणों को करीब डेढ़ से दो किलोमीटर तक कच्चे रास्ते से होकर नदी में पानी भरने के लिए जाना पड़ रहा है, ऐसे में कई बार यहां बच्चे और महिलाएं बारिश के दिनों में मिट्टी गीली होने के कारण फिसल जाते हैं और बर्तन गिरने से पानी भी फैल जाता है, जिसके चलते उन्हें फिर से पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। ऐसा यहां पहली बार नहीं बल्कि यहां के लोगों के लिए पानी भरने का एक मात्र साधन सिर्फ यह नदी ही है और यहां के लोग वर्षों से इसी नदी का पानी लाकर पीने व अन्य उपयोग में लाते हैं। यहां जनप्रतिनिधि चुनाव के दौरान वोट मांगते समय पानी सड़क का वादा करके वोट भी बटोरने पहुंचते हैं, लेकिन आज तक यहां पेयजल का ही कोई इंतजाम नहीं किया गया है और सरकार की तमाम योजनाओं के बाद भी यहां के लोग आज भी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं और उन्हें शुद्ध पेयजल तक उपलब्ध नहीं हो सका है।
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गांव में जहां हैंडपंप की जरूरत है, आज तक हैंडपंप नहीं लगाया गया है। एक हैंडपंप है, जो दूसरे मोहल्ले में लगा है। ग्राम प्रधान से भी कई बार कहा, लेकिन आज तक किसी ने नहीं सुनी। दो किलोमीटर दूर नदी से पानी लाना पड़ता है।
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वीर सिंह यादव, ग्रामीण।
पूरे गांव में एक ही हैंडपंप लगा है और यदि बाकी जगह हैंडपंप लग जाए, तो कुछ राहत मिल जाएगी। वर्षों से नदी का पानी भरना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में कच्चा रास्ता होने के कारण नदी से पानी लाने को बहुत परेशान होना पड़ता है।
गुलाब रानी सेन, ग्राम धौजरी।
पूरे गांव के लोग नदी से ही पानी लाते हैं और वहीं पानी छानकर पीते हैं। यह समस्या वर्षों से बनी हुई है। वोट के समय नेता आते हैं, बाकी बाद में सब भूल जाते हैं। अब तक यहां गांव में दूसरा हैंडपंप भी नहीं लग सका है। अब तो आदत ही हो गई है।
-भज्जू सहरिया, ग्रामीण।
गांव में एक हैंडपंप लगा है, जिसमें पानी तो निकलता है, लेकिन यहां कुछ ही लोगों को पानी मिल पाता है, ऐसे में नदी जाकर ही पानी लाना पड़ता है। कई बार अधिकारियों व ग्राम प्रधान से हैंडपंप लगाने की बात कही, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
लालाराम सिंह, ग्रामीण।