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Lalitpur News: अजयपार धाम में दूर-दूर से उमड़े श्रद्धालु
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बानपुर। कस्बा में फसलों को कीटों से बचाने के लिए दूर-दूर से ग्रामीण अजयपार धाम पहुंच रहे हैं। मान्यता है कि अजयपार धाम के पास बने जामनी बांध के कुंड से जल ले जाकर अपने खेतों में डालने से कीट-पतंगे समाप्त हो जाते हैं।
सर्वप्रथम भगवान को जल अर्पण किया जाता है, फिर इस जल को किसान अपने-अपने खेतों में डालते हैं। इसके छिड़काव होते ही किसानों को काफी लाभ मिलता है। इल्ली, माहू आदि का प्रकोप नहीं रहता है। इतना ही नहीं अजयपार धाम से लाए जल से जानवरों को होने वाले रोग खुरपका आदि में बहुत आराम मिलता है। इस धाम में लोग तंत्र-मंत्र सिद्धि के लिए भी आते हैं। मान्यता है कि मेला स्थल पर खाना बनाकर उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करने के बाद ही श्रद्धालु वापस घर जाते हैं। रविवार और बुधवार को यहां मेला लगता है। रविवार को ललितपुर सहित, झांसी, अशोकनगर, टीकमगढ़, बीना, सागर, मड़ावरा आदि के ग्रामीण आए और श्रद्धापूर्वक भगवान की पूजा-अर्चना कर कुंड से जल अपने साथ ले गए।
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सर्वप्रथम भगवान को जल अर्पण किया जाता है, फिर इस जल को किसान अपने-अपने खेतों में डालते हैं। इसके छिड़काव होते ही किसानों को काफी लाभ मिलता है। इल्ली, माहू आदि का प्रकोप नहीं रहता है। इतना ही नहीं अजयपार धाम से लाए जल से जानवरों को होने वाले रोग खुरपका आदि में बहुत आराम मिलता है। इस धाम में लोग तंत्र-मंत्र सिद्धि के लिए भी आते हैं। मान्यता है कि मेला स्थल पर खाना बनाकर उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करने के बाद ही श्रद्धालु वापस घर जाते हैं। रविवार और बुधवार को यहां मेला लगता है। रविवार को ललितपुर सहित, झांसी, अशोकनगर, टीकमगढ़, बीना, सागर, मड़ावरा आदि के ग्रामीण आए और श्रद्धापूर्वक भगवान की पूजा-अर्चना कर कुंड से जल अपने साथ ले गए।
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