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रास्तों पर जलभराव, घरों के अंदर पानी
lalitpur
Updated Wed, 06 Jul 2016 01:10 AM IST
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बारिश्ा
- फोटो : amar ujala
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ललितपुर। मानसून के पहले नगर पालिका जलभराव की स्थिति से निपटने के अपने-अपने आप को पूरी तरह से तैयार बता रही थी, लेकिन सोमवार रात को शहर में हुई पहली झमाझम बारिश में ही पालिका की सारी तैयारियां ध्वस्त नजर आयीं। शासन के निर्देशन पर नगर पालिका ने शहर के विभिन्न बड़े नालों व नालियों की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया गया था। लेकिन मुहल्ला तालाबपुरा, आजादपुरा, गांधीनगर, नईबस्ती, सिविल लाइन क्षेत्र, चांदमारी आदि दर्जन भर मुहल्लों में जलभराव की काफी भीषण स्थिति बनी रही। बाहर का पानी कई लोगों के मकान के भीतर भर गया, सड़कों पर आवागमन भी थम गया। इन मुहल्लों के अलावा नगर के मुख्य मार्ग पर भी जल भराव की समस्या रही।
तालाबपुरा की स्थिति सबसे खराब
तालाबपुरा की मुख्य सड़क की स्थिति काफी खराब रही, सड़के के किनारे बनी नालियों पर स्थानीय लोगों द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है, कुछ ने तो नाली पर स्थाई निर्माण करा लिए हैं। यहां पर कई मकान व दुकानें नाली के ऊपर बन गई और नाली पूरी तरह से ढंक दी गई है। यह मुख्य सड़क वार्ड नंबर 13 व 23 दोनों के क्षेत्र में आती है। वार्ड नंबर 23 के क्षेत्र में आनी सड़क का निर्माण लगभग पूरा हो गया है, लेकिन वार्डनंबर 13 की सड़क अभी तक अधूरी पड़ी हुई है। नवीन सड़क की ऊंचाई पुरानी सड़क से करीब एक फुट ऊंची है, इससे पुरानी सड़क पर करीब एक-एक फुट तक जलभराव की समस्या आ रही है। राहगीरों व स्थानीय लोगों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि इस मार्ग पर नगर पालिका के तीन पार्षदों के आवास बने हुए है, जिन्हें बदहाल मार्ग से गुजरना पड़ता है।
अमर उजाला ने पालिका को किया था, सचेत
नगर के जिन मुहल्लों में जलभराव की समस्या वह मुहल्ले नगर के लोअर जोन में बसे हुए हैं, इन मुहल्लों तालाबपुरा, आजादपुरा, गांधीनगर, नईबस्ती, सिविल लाइन आदि मुहल्लों में जलभराव का मुख्य कारण नाला व नालियों पर अतिक्रमण है, इस कारण नालों की सफाई नहीं हो पा रही है। मानसून शुरू होने से पूर्व अमर उजाला ने 27 जून को इस संबंध में समाचार प्रकाशित किया था। लेकिन नगर पालिका व जिला प्रशासन नहीं चेता, इसका खामियाजा जनता को परेशान होकर उठाना पड़ रहा है।
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सड़कों की भी खुल गई पोल
नगर पालिका ने नगर की मुख्य मार्ग पर करोड़ों रुपये खर्च करके उच्च मानक की सीसी सड़कों का निर्माण कराया है। कम से कम पांच वर्षों तक सड़क की गुणवत्ता का दावा एक-दो वर्षों के ही भीतर झूठा साबित हो गया है। मुहल्ला तालाबपुरा व आजादपुरा के मुख्य मार्ग पर उच्चस्तरीय सीसी सड़क का निर्माण कराया गया था, बारिश शुरू होने से पहले ही सड़कें उखड़ने लगी है। वहीं, जिला अस्पताल के सामने की सड़क की मरम्मत का कार्य कुछ माह पूर्व ही किया गया था, तो कि पूरी तरह से उखड़ गए है। सड़क पर काफी बड़ा गड्ढा हो गया है। मंगलवार को हुई बारिश के कारण एकत्रित जलभराव से कई राहगीर दुर्घटना का शिकार भी हुए और उनके वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। यही स्थिति नगर की अन्य मुख्य मार्ग व गलियों में नगर पालिका द्वारा डाली गई सड़कों की है।
मकान पर गिरा पेड़
ललितपुर। बारिश व हवा के कारण शहर के दो स्थानों पर पुराने पेड़ गिर गए। मंगलवार की दोपहर करीब एक बजे कलेक्ट्रेट मार्ग पर सड़क किनारे लगा एक पेड़ अचानक टूट कर गिर गया। गनिमत रही कि कोई राहगीर इसकी चपेट में नहीं आया, लेकिन करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। वहीं, दोपहर करीब ढाई बजे मुहल्ला विष्णुपुरा में प्रेमनारायण पुत्र जुगरे के घर के बाहर खड़ा नीम का पेड़ उसके मकान पर गिर गया। इससे प्रेमनारायण का मकान बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया व घर में रखा सामान भी टूट गया। पेड़ के कुछ हिस्से से पड़ोस में रहने वाले प्रभुदयाल के मकान की दूसरी मंजिल की दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई।
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तालाबपुरा की स्थिति सबसे खराब
तालाबपुरा की मुख्य सड़क की स्थिति काफी खराब रही, सड़के के किनारे बनी नालियों पर स्थानीय लोगों द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है, कुछ ने तो नाली पर स्थाई निर्माण करा लिए हैं। यहां पर कई मकान व दुकानें नाली के ऊपर बन गई और नाली पूरी तरह से ढंक दी गई है। यह मुख्य सड़क वार्ड नंबर 13 व 23 दोनों के क्षेत्र में आती है। वार्ड नंबर 23 के क्षेत्र में आनी सड़क का निर्माण लगभग पूरा हो गया है, लेकिन वार्डनंबर 13 की सड़क अभी तक अधूरी पड़ी हुई है। नवीन सड़क की ऊंचाई पुरानी सड़क से करीब एक फुट ऊंची है, इससे पुरानी सड़क पर करीब एक-एक फुट तक जलभराव की समस्या आ रही है। राहगीरों व स्थानीय लोगों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि इस मार्ग पर नगर पालिका के तीन पार्षदों के आवास बने हुए है, जिन्हें बदहाल मार्ग से गुजरना पड़ता है।
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अमर उजाला ने पालिका को किया था, सचेत
नगर के जिन मुहल्लों में जलभराव की समस्या वह मुहल्ले नगर के लोअर जोन में बसे हुए हैं, इन मुहल्लों तालाबपुरा, आजादपुरा, गांधीनगर, नईबस्ती, सिविल लाइन आदि मुहल्लों में जलभराव का मुख्य कारण नाला व नालियों पर अतिक्रमण है, इस कारण नालों की सफाई नहीं हो पा रही है। मानसून शुरू होने से पूर्व अमर उजाला ने 27 जून को इस संबंध में समाचार प्रकाशित किया था। लेकिन नगर पालिका व जिला प्रशासन नहीं चेता, इसका खामियाजा जनता को परेशान होकर उठाना पड़ रहा है।
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सड़कों की भी खुल गई पोल
नगर पालिका ने नगर की मुख्य मार्ग पर करोड़ों रुपये खर्च करके उच्च मानक की सीसी सड़कों का निर्माण कराया है। कम से कम पांच वर्षों तक सड़क की गुणवत्ता का दावा एक-दो वर्षों के ही भीतर झूठा साबित हो गया है। मुहल्ला तालाबपुरा व आजादपुरा के मुख्य मार्ग पर उच्चस्तरीय सीसी सड़क का निर्माण कराया गया था, बारिश शुरू होने से पहले ही सड़कें उखड़ने लगी है। वहीं, जिला अस्पताल के सामने की सड़क की मरम्मत का कार्य कुछ माह पूर्व ही किया गया था, तो कि पूरी तरह से उखड़ गए है। सड़क पर काफी बड़ा गड्ढा हो गया है। मंगलवार को हुई बारिश के कारण एकत्रित जलभराव से कई राहगीर दुर्घटना का शिकार भी हुए और उनके वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। यही स्थिति नगर की अन्य मुख्य मार्ग व गलियों में नगर पालिका द्वारा डाली गई सड़कों की है।
मकान पर गिरा पेड़
ललितपुर। बारिश व हवा के कारण शहर के दो स्थानों पर पुराने पेड़ गिर गए। मंगलवार की दोपहर करीब एक बजे कलेक्ट्रेट मार्ग पर सड़क किनारे लगा एक पेड़ अचानक टूट कर गिर गया। गनिमत रही कि कोई राहगीर इसकी चपेट में नहीं आया, लेकिन करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। वहीं, दोपहर करीब ढाई बजे मुहल्ला विष्णुपुरा में प्रेमनारायण पुत्र जुगरे के घर के बाहर खड़ा नीम का पेड़ उसके मकान पर गिर गया। इससे प्रेमनारायण का मकान बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया व घर में रखा सामान भी टूट गया। पेड़ के कुछ हिस्से से पड़ोस में रहने वाले प्रभुदयाल के मकान की दूसरी मंजिल की दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई।