{"_id":"69b1b4fd191d7e15a50c3b41","slug":"dams-are-not-just-water-storage-structures-they-are-the-lifeline-of-millions-of-people-ramkesh-nishad-lalitpur-news-c-131-1-ltp1001-152924-2026-03-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"बांध केवल जल संग्रहण की संरचना नहीं, लाखों लोगों की जीवन रेखा हैं : रामकेश निषाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बांध केवल जल संग्रहण की संरचना नहीं, लाखों लोगों की जीवन रेखा हैं : रामकेश निषाद
विज्ञापन
- माताटीला बांध परिसर में हुआ बांध सुरक्षा सामुदायिक जागरुकता कार्यक्रम
- बांध सुरक्षा अधिनियम-2021, आपदा प्रबंधन एवं जल संरक्षण पर दी गई जानकारी
फोटो - 8 व 34,
संवाद न्यूज एजेंसी
तालबेहट। प्रदेश सरकार के जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने कहा कि बांध केवल जल संग्रहण की संरचना नहीं है, बल्कि यह लाखों लोगों की जीवन रेखा है। बांधों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार के साथ-साथ समाज की भी साझा जिम्मेदारी है, उन्होंने कहा कि बांध सुरक्षा जीवन रक्षा की मुहिम है और इसमें सबकी भागीदार हम सब की जिम्मेदारी है। वह बुधवार को माताटीला परिसर में ‘बांध सुरक्षा सामुदायिक जागरुकता’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
बांध पुनर्वास एवं सुधार परियोजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में राज्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प के साथ विकसित बुंदेलखंड का सपना भी तेजी से साकार हो रहा है। बुंदेलखंड जैसे शुष्क क्षेत्र में जल संरक्षण और संसाधनों का विस्तार किसानों की समृद्धि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, जल संरक्षण तथा जल प्रबंधन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
पद्मश्री सम्मानित जलप्रोधा व जल विशेषज्ञ उमाशंकर पांडेय ने बांध सुरक्षा अधिकानियम-2021 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह अधिनियम बांधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी ढांचा प्रदान करता है। इसके अंतर्गत बांधों के नियमित निरीक्षण, रखरखाव, सुरक्षा मानकों और आपातकालीन कार्ययोजनाओं की स्पष्ट व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि बांध सुरक्षा के लिए केवल सरकारी तंत्र ही नहीं बल्कि स्थानीय सामुदायिक जागरुकता और भागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रप्रति पुरस्कार प्राप्त डॉ. नीति शास्त्री ने किया। इस मौके पर श्रम एवं सेवायोजन राज्य मंत्री मनोहर लाल पंथ, सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, एमएलसी रमा निरंजन, भाजपा जिलाध्यक्ष हरीशचंद्र रावत, सांसद प्रतिनिधि दिनेश गोस्वामी, जियोलोजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के डायरेक्टर हेमंत कुमार, असिसटेंट डायरेक्टर सीडब्ल्यूसी देवेंद्र कुमार, आईएमडी वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह, डिप्टी कमांडेंट एनडीआरएफ नीरज राय, अधिशासी अभियंता सिंचाई भूपेश सुहेरा, पंकज सिंह माताटीला बांध एवं शैलेष कुमार राजघाट निर्माण खंड, जिला सूचना अधिकारी डीएस दयाल सहित अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
000000000
विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
तकनीकी सत्र में एनडीएसए के तकनीकी विशेषज्ञ समीर शुक्ला ने बांध सुरक्षा से जुड़े तकनीकी पहलुओं, जल स्तर निगरानी प्रणाली, आपातकालीन चेतावनी तंत्र और बांध टूटने की स्थिति में संभावित प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके अतिरिक्त विशेषज्ञों ने डीआरआईपी परियोजना के उद्देश्यों, आपदा प्रबंधन ढांचे, संभावित जलमग्नता मानचित्र, मौसम पूर्वानुमान एवं बाढ़ पूर्व चेतावनी प्रणाली तथा उपग्रह एवं जीआईएस तकनीकी के उपयोग पर भी जानकारी साझा की।
0000000000
मॉकड्रिल का आयोजन हुआ
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अंकुर श्रीवास्तव के नेतृत्व में मॉकड्रिल का भी आयोजन किया गया, इसमें संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, सुरक्षा निकासी प्रक्रिया तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की प्रणाली का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। इस अभ्यास को आपदा विशेषज्ञ आरती सिंह ने लीड किया और जनसमूह ने बड़ी रुचि से उत्साह के साथ देखा।
विज्ञापन
- बांध सुरक्षा अधिनियम-2021, आपदा प्रबंधन एवं जल संरक्षण पर दी गई जानकारी
फोटो - 8 व 34,
संवाद न्यूज एजेंसी
तालबेहट। प्रदेश सरकार के जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने कहा कि बांध केवल जल संग्रहण की संरचना नहीं है, बल्कि यह लाखों लोगों की जीवन रेखा है। बांधों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार के साथ-साथ समाज की भी साझा जिम्मेदारी है, उन्होंने कहा कि बांध सुरक्षा जीवन रक्षा की मुहिम है और इसमें सबकी भागीदार हम सब की जिम्मेदारी है। वह बुधवार को माताटीला परिसर में ‘बांध सुरक्षा सामुदायिक जागरुकता’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
बांध पुनर्वास एवं सुधार परियोजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में राज्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प के साथ विकसित बुंदेलखंड का सपना भी तेजी से साकार हो रहा है। बुंदेलखंड जैसे शुष्क क्षेत्र में जल संरक्षण और संसाधनों का विस्तार किसानों की समृद्धि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, जल संरक्षण तथा जल प्रबंधन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
विज्ञापन
पद्मश्री सम्मानित जलप्रोधा व जल विशेषज्ञ उमाशंकर पांडेय ने बांध सुरक्षा अधिकानियम-2021 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह अधिनियम बांधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी ढांचा प्रदान करता है। इसके अंतर्गत बांधों के नियमित निरीक्षण, रखरखाव, सुरक्षा मानकों और आपातकालीन कार्ययोजनाओं की स्पष्ट व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि बांध सुरक्षा के लिए केवल सरकारी तंत्र ही नहीं बल्कि स्थानीय सामुदायिक जागरुकता और भागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रप्रति पुरस्कार प्राप्त डॉ. नीति शास्त्री ने किया। इस मौके पर श्रम एवं सेवायोजन राज्य मंत्री मनोहर लाल पंथ, सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, एमएलसी रमा निरंजन, भाजपा जिलाध्यक्ष हरीशचंद्र रावत, सांसद प्रतिनिधि दिनेश गोस्वामी, जियोलोजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के डायरेक्टर हेमंत कुमार, असिसटेंट डायरेक्टर सीडब्ल्यूसी देवेंद्र कुमार, आईएमडी वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह, डिप्टी कमांडेंट एनडीआरएफ नीरज राय, अधिशासी अभियंता सिंचाई भूपेश सुहेरा, पंकज सिंह माताटीला बांध एवं शैलेष कुमार राजघाट निर्माण खंड, जिला सूचना अधिकारी डीएस दयाल सहित अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
000000000
विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
तकनीकी सत्र में एनडीएसए के तकनीकी विशेषज्ञ समीर शुक्ला ने बांध सुरक्षा से जुड़े तकनीकी पहलुओं, जल स्तर निगरानी प्रणाली, आपातकालीन चेतावनी तंत्र और बांध टूटने की स्थिति में संभावित प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके अतिरिक्त विशेषज्ञों ने डीआरआईपी परियोजना के उद्देश्यों, आपदा प्रबंधन ढांचे, संभावित जलमग्नता मानचित्र, मौसम पूर्वानुमान एवं बाढ़ पूर्व चेतावनी प्रणाली तथा उपग्रह एवं जीआईएस तकनीकी के उपयोग पर भी जानकारी साझा की।
0000000000
मॉकड्रिल का आयोजन हुआ
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अंकुर श्रीवास्तव के नेतृत्व में मॉकड्रिल का भी आयोजन किया गया, इसमें संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, सुरक्षा निकासी प्रक्रिया तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की प्रणाली का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। इस अभ्यास को आपदा विशेषज्ञ आरती सिंह ने लीड किया और जनसमूह ने बड़ी रुचि से उत्साह के साथ देखा।