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करोड़ों रुपये हुए खर्च, लेकिन जनता को नहीं मिल सका एक बूंद का लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 27 Apr 2017 01:00 AM IST
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water tanki
- फोटो : demo
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कांशीराम आवासीय कालोनियों में पेयजल आपूर्ति के लिए सात साल पहले बनाई गईं पानी की छह टंकियां अब तक सूखी हैं। एक करोड़ से अधिक रुपये खर्च कर बनाई गईं इन टंकियों को जल संस्थान अब तक हैंडओवर भी नहीं करा पाया है। इनका संचालन न होने से करीब डेढ़ हजार लोग जलसंकट से जूझ रहे हैं।
बसपा शासनकाल में शहर में छह स्थानों पर कांशीराम आवासीय कालोनियों का निर्माण कराया था। इन कालोनियों में रहने वाले करीब डेढ़ हजार परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बुंदेलखंड विकास निधि से टंकी, ट्यूबवेल और पंपहाउस बनाया गया था। जल निगम ने 2010 में आईटीआई कॉलेज के पीछे, गोविंद नगर कालोनी, आरएमवी कॉलेज के पास, सुरई घाट कालोनी, खिरकापुरा कालोनी व नारायणपुरा में कुल 1.36 करोड़ रुपये खर्च कर पानी की टंकियों का निर्माण कराया। वहीं, जल संस्थान इन्हें अब तक हैंडओवर भी नहीं करा सका है। यही वजह है कि लोगों जलसंकट से जूझना पड़ रहा है। वार्ड नंबर 07 की पार्षद पार्वती रजक ने बताया कि उनके क्षेत्र में आरएमवी कॉलेज के पास बनी कालोनी में पांच-छह वर्षों से पानी नहीं आ रहा है। इस कालोनी में करीब 450 परिवार रहते हैं। वहीं, वार्ड नंबर एक की पार्षद रामसखी कुशवाहा ने बताया कि उनके क्षेत्र में बनीं खिरकापुरा व नारायणपुरा दोनों कालोनियों की टंकी में एक भी बूंद नहीं पहुंची है। अन्य वार्डों के पार्षदों ने भी कालोनी की टंकियों से जलापूर्ति नहीं होने की बात कही है।
जिला प्रशासन नहीं दिखा रहा सख्ती
टंकियों को चालू कराने के लिए जिला प्रशासन सख्त रुख नहीं अपना रहा है। इससे यह मामला जल संस्थान व जल निगम की फाइलों में ही दबकर रह गया है। जब कभी भी इन टंकियों को चालू कराने की मांग की जाती है, तो जलनिगम के अधिकारी गेंद जल संस्थान के पाले में डाल देते हैं।
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बंद टंकियों को कैसे करा लें हैंडओवर
जल निगम के अधिकारियों की बात सही नहीं है। किसी भी कालोनी की टंकी में पानी नहीं पहुंच रहा है। कहीं पर ट्यूबवेल खराब हैं तो कहीं पर पंप मशीन बंद है। सुरई घाट, नरायणपुरा, खिरकापुरा की कालोनियों की टंकियां निर्माण के समय से ही बंद हैं। कई बार जल निगम को लिखित में कमियों के बारे में अवगत करवाया है। कमियां दूर होते ही टंकियां हैंडओवर करा ली जाएंगी।
- वीके श्रीवास्तव, अधिशासी अधिकारी, जल संस्थान
पानी ढोने में हो जाती है हालत खराब
कालोनी में बनी टंकी से पानी नहीं आता है, इसलिए हैंडपंप से ही तीसरी मंजिल तक पानी ढोना पड़ता है। पूरी कालोनी में दो ही हैंडपंप चालू हैं।
- सुषमा रैकवार, सिद्धनपुरा कांशीराम कालोनी।
तीन-चार वर्षों से नहीं आया पानी
पहले तो नलों में पानी आता था, लेकिन बीते तीन-चार वर्षों से जलापूर्ति ठप है। अनेकों बार मांग की है पर अधिकारी व जनप्रतिनिधि सुनते ही नहीं हैं।
- मुन्नालाल, सिद्धनपुरा कांशीराम कालोनी।
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बसपा शासनकाल में शहर में छह स्थानों पर कांशीराम आवासीय कालोनियों का निर्माण कराया था। इन कालोनियों में रहने वाले करीब डेढ़ हजार परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बुंदेलखंड विकास निधि से टंकी, ट्यूबवेल और पंपहाउस बनाया गया था। जल निगम ने 2010 में आईटीआई कॉलेज के पीछे, गोविंद नगर कालोनी, आरएमवी कॉलेज के पास, सुरई घाट कालोनी, खिरकापुरा कालोनी व नारायणपुरा में कुल 1.36 करोड़ रुपये खर्च कर पानी की टंकियों का निर्माण कराया। वहीं, जल संस्थान इन्हें अब तक हैंडओवर भी नहीं करा सका है। यही वजह है कि लोगों जलसंकट से जूझना पड़ रहा है। वार्ड नंबर 07 की पार्षद पार्वती रजक ने बताया कि उनके क्षेत्र में आरएमवी कॉलेज के पास बनी कालोनी में पांच-छह वर्षों से पानी नहीं आ रहा है। इस कालोनी में करीब 450 परिवार रहते हैं। वहीं, वार्ड नंबर एक की पार्षद रामसखी कुशवाहा ने बताया कि उनके क्षेत्र में बनीं खिरकापुरा व नारायणपुरा दोनों कालोनियों की टंकी में एक भी बूंद नहीं पहुंची है। अन्य वार्डों के पार्षदों ने भी कालोनी की टंकियों से जलापूर्ति नहीं होने की बात कही है।
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जिला प्रशासन नहीं दिखा रहा सख्ती
टंकियों को चालू कराने के लिए जिला प्रशासन सख्त रुख नहीं अपना रहा है। इससे यह मामला जल संस्थान व जल निगम की फाइलों में ही दबकर रह गया है। जब कभी भी इन टंकियों को चालू कराने की मांग की जाती है, तो जलनिगम के अधिकारी गेंद जल संस्थान के पाले में डाल देते हैं।
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बंद टंकियों को कैसे करा लें हैंडओवर
जल निगम के अधिकारियों की बात सही नहीं है। किसी भी कालोनी की टंकी में पानी नहीं पहुंच रहा है। कहीं पर ट्यूबवेल खराब हैं तो कहीं पर पंप मशीन बंद है। सुरई घाट, नरायणपुरा, खिरकापुरा की कालोनियों की टंकियां निर्माण के समय से ही बंद हैं। कई बार जल निगम को लिखित में कमियों के बारे में अवगत करवाया है। कमियां दूर होते ही टंकियां हैंडओवर करा ली जाएंगी।
- वीके श्रीवास्तव, अधिशासी अधिकारी, जल संस्थान
पानी ढोने में हो जाती है हालत खराब
कालोनी में बनी टंकी से पानी नहीं आता है, इसलिए हैंडपंप से ही तीसरी मंजिल तक पानी ढोना पड़ता है। पूरी कालोनी में दो ही हैंडपंप चालू हैं।
- सुषमा रैकवार, सिद्धनपुरा कांशीराम कालोनी।
तीन-चार वर्षों से नहीं आया पानी
पहले तो नलों में पानी आता था, लेकिन बीते तीन-चार वर्षों से जलापूर्ति ठप है। अनेकों बार मांग की है पर अधिकारी व जनप्रतिनिधि सुनते ही नहीं हैं।
- मुन्नालाल, सिद्धनपुरा कांशीराम कालोनी।