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खेत में फसल उगते ही चट कर रहे कीड़े
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kachha aam
- फोटो : kachha aam
गुढ़ाखिरिया/ ललितपुर। विकासखंड मड़ावरा के अधिकतर गांवों में कीड़े खेत में उगी मसूर और चना की फसल खा रहे हैं। तमाम किसानों ने फसल को कीड़ों से बचाने के लिए दवा का छिड़काव किया, लेकिन वह उन पर असर नहीं छोड़ पा रही है। इससे किसानों को रबी फसल में आर्थिक नुकसान होने की चिंता सताने लगी है।
शारदीय नवरात्र के पहले अनेक किसानों ने खेतों में नमी देख चना, मसूर व मटर की बुवाई शुरू कर दी थी। खेतों में चना, मसूर व मटर की फसल अंकुरित होकर मिट्टी के ऊपर दिखाई देने लगी है। उधर, खेतों की मिट्टी में छिपे अनेक प्रकार के कीड़े- मकोड़ों ने अंकुरित हो रही फसल को खाना शुरू कर दिया है। इससे खेतों में फसल बढ़ नहीं पा रही है। कुछ किसानों ने बीज व अंकुरित अनाज को कीड़ों से बचाने के लिए महंगी दवाइयों का छिड़काव किया, लेकिन कीड़ों पर दवा असर नहीं कर रही है। इससे किसानों को दोबारा बुवाई व सिंचाई करनी पड़ रही है।
किसान भगवान सिंह निरंजन का कहना है कि तीन एकड़ में मसूर की फसल बोई थी। कीड़े खेतों में उगी फसल को ही खा गए। कुछ किसानों का कहना है कि मौसम में ठंडक अभी पर्याप्त नहीं हुई, जिस कारण कीड़े मर नहीं पाए हैं और फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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शारदीय नवरात्र के पहले अनेक किसानों ने खेतों में नमी देख चना, मसूर व मटर की बुवाई शुरू कर दी थी। खेतों में चना, मसूर व मटर की फसल अंकुरित होकर मिट्टी के ऊपर दिखाई देने लगी है। उधर, खेतों की मिट्टी में छिपे अनेक प्रकार के कीड़े- मकोड़ों ने अंकुरित हो रही फसल को खाना शुरू कर दिया है। इससे खेतों में फसल बढ़ नहीं पा रही है। कुछ किसानों ने बीज व अंकुरित अनाज को कीड़ों से बचाने के लिए महंगी दवाइयों का छिड़काव किया, लेकिन कीड़ों पर दवा असर नहीं कर रही है। इससे किसानों को दोबारा बुवाई व सिंचाई करनी पड़ रही है।
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किसान भगवान सिंह निरंजन का कहना है कि तीन एकड़ में मसूर की फसल बोई थी। कीड़े खेतों में उगी फसल को ही खा गए। कुछ किसानों का कहना है कि मौसम में ठंडक अभी पर्याप्त नहीं हुई, जिस कारण कीड़े मर नहीं पाए हैं और फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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