{"_id":"5929dddf4f1c1b99445368f3","slug":"the-disc-ran-in-homes-by-having","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिस्क पंचर होने से घरों में दौड़ा था करंट","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
डिस्क पंचर होने से घरों में दौड़ा था करंट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 28 May 2017 01:43 AM IST
विज्ञापन
bidhut bbhag, lalitpur news
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। थाना नाराहट अंतर्गत ग्राम डोंगराकलां में हाइटेंशन लाइन का तार गिरने से दो लोगों की मौत के मामले की शनिवार को जांच हुई। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित दो सदस्यीय टीम ने गांव पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। जांच में पता चला कि डिस्क पंक्चर होने से हाइटेंशन लाइन का बंच कंडक्टर नीचे से गुजर रही एलटी लाइन पर गिर गया था। इससे यह हादसा हो गया। विद्युत विभाग की सुरक्षा निदेशालय इकाई भी मामले की जांच करेगी।
गौरतलब है कि बृहस्पतिवार की रात करीब साढ़े दस बजे थाना नाराहट अंतर्गत ग्राम डोंगराकलां में हाइटेंशन लाइन में फाल्ट होने से बंच कंडक्टर अचानक टूट गया और एक तार एलटी लाइन पर जा गिरा। इससे करंट एलटी लाइन से होता हुआ सीधे घरों में दौड़ गया। इससे उपकरण जलने लगे। गांव की आस्मीन पत्नी शाहिद खां (24) घर में खाना परोस रहीं थी तभी वोल्टेज अधिक होने पर वह कूलर बंद करने लगीं, कूलर को छूते ही वह बुरी तरह झुलस गईं।
परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की दो पुत्री और एक लड़का है। वहीं, गांव के पप्पू पुत्र लय्यन सेन (35) घर की केबल निकालते समय करंट की चपेट आ गए और उनकी भी मौत हो गई। उनके दो लड़के व एक लड़की है। इसके अलावा गांव के बलराम पुत्र दाऊ (36), पूजा राजा पुत्री हबलदा सिंह (16), चंपालाल पुत्र रामचरन राठौर (55), राकेश (22) के अलावा दो अन्य लोग करंट की चपेट में आने से झुलस गए। वहीं, गांव के दुकानदार बलराम कुशवाहा की दुकान में रखे फ्रिज व अन्य उपकरणों में आग लग गई, जबकि वह भी करंट से मामूली रूप से झुलस गए। ग्रामीणों के अनुसार करंट इतनी तेज था कि कई पेड़ों में भी आग लग गई थी।
विज्ञापन
जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच टीम गठित करने के निर्देश दिए। इस पर बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता एसके गुप्ता ने सहायक अभियंता राजस्व रघुनाथ तित्तर और सहायक अभियंता मीटर सौरभ निगम को जांच का जिम्मा सौंपा। शनिवार को दोनों अधिकारी नाराहट पुलिस के साथ गांव में जांच करने पहुंचे। जांच में प्रथम दृष्टया डिस्क पंक्चर होना पाया गया है। दोनों जांच अधिकारियों ने बताया कि डिस्क पंचर होने से हाइटेंशन लाइन का बंच कंडक्टर टूट गया और एक तार इससे नीचे गुजर रही एलटी लाइन पर गिर गया। इसी वजह से यह हादसा हो गया। अधिकारियों ने गांव की प्रधान व अन्य ग्रामीणों से भी हादसे की जानकारी जुटाई है। बिजली विभाग की सुरक्षा निदेशालय इकाई भी घटना की जांच करेगी। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी।
जांच के बाद आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद
विद्युत दुर्घटना में सुरक्षा निदेशालय द्वारा जांच में बिजली विभाग की गलती मिलने पर परिजनों को दो लाख रुपए तक आर्थिक मदद का प्रावधान है। यदि विद्युत दुर्घटना में झुलसने पर सीएमओ की रिपोर्ट के आधार पर बिजली विभाग से आर्थिक मदद दी जाती है। हालांकि, डोंगराकलां में जांच उच्च अधिकारियों द्वारा कराई जा रही है। यदि, इसमें विभागीय लापरवाही सामने आती है तो विभाग को मृतकों के परिजनों को आर्थिक राहत देनी होगी।
विज्ञापन
गौरतलब है कि बृहस्पतिवार की रात करीब साढ़े दस बजे थाना नाराहट अंतर्गत ग्राम डोंगराकलां में हाइटेंशन लाइन में फाल्ट होने से बंच कंडक्टर अचानक टूट गया और एक तार एलटी लाइन पर जा गिरा। इससे करंट एलटी लाइन से होता हुआ सीधे घरों में दौड़ गया। इससे उपकरण जलने लगे। गांव की आस्मीन पत्नी शाहिद खां (24) घर में खाना परोस रहीं थी तभी वोल्टेज अधिक होने पर वह कूलर बंद करने लगीं, कूलर को छूते ही वह बुरी तरह झुलस गईं।
विज्ञापन
परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की दो पुत्री और एक लड़का है। वहीं, गांव के पप्पू पुत्र लय्यन सेन (35) घर की केबल निकालते समय करंट की चपेट आ गए और उनकी भी मौत हो गई। उनके दो लड़के व एक लड़की है। इसके अलावा गांव के बलराम पुत्र दाऊ (36), पूजा राजा पुत्री हबलदा सिंह (16), चंपालाल पुत्र रामचरन राठौर (55), राकेश (22) के अलावा दो अन्य लोग करंट की चपेट में आने से झुलस गए। वहीं, गांव के दुकानदार बलराम कुशवाहा की दुकान में रखे फ्रिज व अन्य उपकरणों में आग लग गई, जबकि वह भी करंट से मामूली रूप से झुलस गए। ग्रामीणों के अनुसार करंट इतनी तेज था कि कई पेड़ों में भी आग लग गई थी।
विज्ञापन
जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच टीम गठित करने के निर्देश दिए। इस पर बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता एसके गुप्ता ने सहायक अभियंता राजस्व रघुनाथ तित्तर और सहायक अभियंता मीटर सौरभ निगम को जांच का जिम्मा सौंपा। शनिवार को दोनों अधिकारी नाराहट पुलिस के साथ गांव में जांच करने पहुंचे। जांच में प्रथम दृष्टया डिस्क पंक्चर होना पाया गया है। दोनों जांच अधिकारियों ने बताया कि डिस्क पंचर होने से हाइटेंशन लाइन का बंच कंडक्टर टूट गया और एक तार इससे नीचे गुजर रही एलटी लाइन पर गिर गया। इसी वजह से यह हादसा हो गया। अधिकारियों ने गांव की प्रधान व अन्य ग्रामीणों से भी हादसे की जानकारी जुटाई है। बिजली विभाग की सुरक्षा निदेशालय इकाई भी घटना की जांच करेगी। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी।
जांच के बाद आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद
विद्युत दुर्घटना में सुरक्षा निदेशालय द्वारा जांच में बिजली विभाग की गलती मिलने पर परिजनों को दो लाख रुपए तक आर्थिक मदद का प्रावधान है। यदि विद्युत दुर्घटना में झुलसने पर सीएमओ की रिपोर्ट के आधार पर बिजली विभाग से आर्थिक मदद दी जाती है। हालांकि, डोंगराकलां में जांच उच्च अधिकारियों द्वारा कराई जा रही है। यदि, इसमें विभागीय लापरवाही सामने आती है तो विभाग को मृतकों के परिजनों को आर्थिक राहत देनी होगी।