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पिता ने नहीं दिलाए नए कपड़े तो झूल गया फंदे पर
amarujala
Updated Sun, 15 Apr 2018 02:28 AM IST
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fasi, lalitpur news
- फोटो : demo
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कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मैलवारा खुर्द में केवल नए कपड़े नहीं दिलाने की इतनी सी बात पर एक 19 वर्षीय युवक फांसी के फंदे पर झूल गया। यह तो गनीमत रही कि इसी बीच उसके परिजन आए और किसी तरह युवक को फंदे से उतारकर जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया है। जहां युवक की हालत गंभीर बनी हुई है।
जिला अस्पताल में उपचार के दौरान ग्राम मैलवारा खुर्द निवासी घनश्याम ने बताया कि शनिवार की सुबह उसका छोटा बेटा रामसिंह (19) नये कपड़े लेने के लिए जिद करने लगा। इस पर पिता घनश्याम ने कहा कि गेहूं बेचकर नए कपड़े दिला देगा और यह कहकर वह बाजार आ गया। इसी बात पर छुब्द होकर पुत्र रामसिंह ने आत्मघाती कदम उठाते हुए अटारी पर जा कर म्यारी से रस्सी का फंदा बनाकर लटक गया।
इसी बीच घर में खेल रहे बच्चों ने उसे फांसी के फंदे पर लटका हुआ देख उसके बड़े भाई को बताया। तत्काल ही उसका भाई मौके पर पहुंच गया और हसिया से रस्सी काट कर नीचे उतार लिया और परिजन उसको उपचार केत्र् े लिए जिला अस्पताल ले आए। जहां चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर देख उसे झांसी रेफर कर दिया। लेकिन आर्थिक स्थित खराब होने के कारण परिजनों ने झांसी ले जाने में असमर्थता जाहिर की। इस कारण उसका उपचार जिला अस्पताल में ही चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पूरा परिवार चार एकड़ जमीन की खेती पर निर्भर है। वर्तमान में मात्र सात बोरे गेहूं की फसल की पैदावार हुई है। जिस कारण परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है।
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जिला अस्पताल में उपचार के दौरान ग्राम मैलवारा खुर्द निवासी घनश्याम ने बताया कि शनिवार की सुबह उसका छोटा बेटा रामसिंह (19) नये कपड़े लेने के लिए जिद करने लगा। इस पर पिता घनश्याम ने कहा कि गेहूं बेचकर नए कपड़े दिला देगा और यह कहकर वह बाजार आ गया। इसी बात पर छुब्द होकर पुत्र रामसिंह ने आत्मघाती कदम उठाते हुए अटारी पर जा कर म्यारी से रस्सी का फंदा बनाकर लटक गया।
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इसी बीच घर में खेल रहे बच्चों ने उसे फांसी के फंदे पर लटका हुआ देख उसके बड़े भाई को बताया। तत्काल ही उसका भाई मौके पर पहुंच गया और हसिया से रस्सी काट कर नीचे उतार लिया और परिजन उसको उपचार केत्र् े लिए जिला अस्पताल ले आए। जहां चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर देख उसे झांसी रेफर कर दिया। लेकिन आर्थिक स्थित खराब होने के कारण परिजनों ने झांसी ले जाने में असमर्थता जाहिर की। इस कारण उसका उपचार जिला अस्पताल में ही चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पूरा परिवार चार एकड़ जमीन की खेती पर निर्भर है। वर्तमान में मात्र सात बोरे गेहूं की फसल की पैदावार हुई है। जिस कारण परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है।
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