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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   From 22 July announced a picket uncertain carpet

22 जुलाई से अनिश्चित कालीन धरना की घोषण

Tue, 21 Jul 2015 01:45 AM IST
ललितपुर ब्यूरो
ललितपुर ब्यूरो Updated Tue, 21 Jul 2015 01:45 AM IST
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ललितपुर। नवगठित पाली तहसील में ललितपुर तहसील के आधा दर्जन गांवों को शामिल किए जाने का विरोध बढ़ने लगा है। आधा दर्जन ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने एकजुट होकर 22 जुलाई से अनिश्चित कालीन धरना- प्रदर्शन एवं अनशन करने का निर्णय लिया है।
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ग्राम पंचायत धौर्रा, मादौन, कपासी, पिपरई, भारौन एवं उक्त ग्राम पंचायतों में शामिल अन्य गांवों के लोगों ने सभा की, इसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि उनकी मांग को शासन- प्रशासन ने नहीं माना तो 22 जुलाई से आंदोलन शुरू किया जाएगा, साथ ही 23 जुलाई को धौर्रा बंद एवं वाहनों का चक्का जाम किया जाएगा। इसके अलावा तहसील के सभी कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि इन गांवों के लोगों को नवगठित तहसील तक आने- जाने में समय और धन की बरबादी होगी।  इन गांवों को पाली तहसील से अलग कर फिर से ललितपुर तहसील में जोड़े  जाने की मांग की जा रही है।
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इस मौके पर आंदोलन संचालन समिति का गठन किया गया, इसमें परशुराम शर्मा, डा. मिलन यादव, रामकुमार मिश्रा, संदीप शर्मा, शरीफ खां, गोविंद कुशवाहा, रंजीत यादव, निसार खां, नवीन जैन, मुन्ना लाल यादव, गोविंद कुशवाहा, बृजकिशोर कटारे, इमरान खां, दिनेश शर्मा, अभिषेक मिश्रा, अब्बू शर्मा, प्रतिपाल यादव और शेर सिंह यादव को आंदोलन संचालन समिति का सदस्य बनाया गया। वक्ताओं में विनोद मिश्रा, रामेश्वर प्रसाद मिश्रा, पूरन प्रजापति, सुदामा मिश्रा, यशपाल सिंह परिहार, अखिलेश जैन, ओमप्रकाश यादव, आलोक शांडिल्य, कल्लू अहिरवार आदि शामिल रहे।
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मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
ललितपुर। ग्रामवासियों ने ग्राम पंचायत धौर्रा, मादौन, कपासी, पिपरई सहित अन्य गांवों को पाली तहसील से पृथक कर फिर से ललितपुर तहसील में जोड़ने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इसमें कहा गया कि अभी तक ललितपुर तहसील से जुड़े होने के कारण लोगों को तहसील कार्य से आने- जाने में बीस से तीस मिनट का समय लगता था, जबकि पाली आने- जाने में पांच से छह घंटे का समय लगेगा। साथ ही पैसा भी अनावश्यक खर्च होगा। उन्होंने ललितपुर तहसील में ही गांवों को जोड़ने की मांग की।
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