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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   FIR for dowry harassment on husband, mother-in-law and father-in-law

पति, सास और ससुर पर दहेज उत्पीड़न की एफआईआर

Thu, 13 Jul 2017 01:09 AM IST
amarujala
amarujala Updated Thu, 13 Jul 2017 01:09 AM IST
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 FIR for dowry harassment on husband, mother-in-law and father-in-law
fir - फोटो : demo
महरौनी (ललितपुर)। 
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शासन की मंशानुरूप जनता को सस्ता राशन दिलाने, राशन वितरण पर नजर रखने और संबंधित समस्याओं के निराकरण की जिम्मेदारी पूर्ति विभाग की है। लेकिन विभागीय अधिकारियों की उदासीनता से क्षेत्र की जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 
तहसील मुख्यालय स्थित पूर्ति कार्यालय की देखरेख में महरौनी, मड़ावरा और बार ब्लाक क्षेत्र के अनेक ग्रामों में सरकारी सस्ते राशन की दुकानों की गतिविधियां संचालित होती हैं। लेकिन गत लगभग एक साल से पूर्ति विभाग में जमकर अनियमिततायें हावी हैं। एक साल में महरौनी, मड़ावरा और बार ब्लाक अंतर्गत दो दर्जन से अधिक राशन की दुकानें अनियमितताएं पाये जाने पर सस्पेंड कर दी गयीं थीं। इन दुकानों को गांव के ही समीप स्थित दूसरी सरकारी राशन की दुकानो से संबद्ध कर दिया गया था। लेकिन उसके बाद इन दुकानों की बहाली या इनको निरस्त कर नये सिरे से पुन: आवंटन पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। आलम यह है कि इन सस्पेंड दुकानों के कोटेदारों को नोटिस भेजकर जवाब-तलब तक नहीं किया गया है। जबकि इन मामलों में अधिकतम एक महीने में आमतौर पर कार्रवाई होती है। आरोप है कि कोटेदारों द्वारा दूसरे गांव से आने वाले इन ग्रामीणों के साथ भेदभाव किया जाता है और ग्रामीणों को दो महीने मे एक बार राशन देकर चलता कर देते हैं। क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांवों की राशन की दुकानों को या तो बहाल किया जाये या फिर कोटा निरस्त कर नये सिरे से आवंटित किया जाए।
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शिकायतों के नहीं हो पा रहे निस्तारण
महरौनी। क्षेत्रवासियों की राशन संबंधी समस्याओं के निस्तारण में पूर्ति विभाग के नुमाइंदों द्वारा हीलाहवाली की जा रही है। आलम यह है कि तहसील समाधान दिवस व अन्य दिवसो मे जनता द्वारा दी गई शिकायतों का समाधान नहीं हो रहा है और विभागीय अधिकारी बस खानापूर्ति कर रहे हैं। शिकायत कर्ताओं का कहना है कि पूर्ति विभाग के अधिकारी शिकायतों के बाद मौके पर जाकर निरीक्षण नहीं करते है। शिकायतकर्ताओं से समस्या के बारे में नहीं पूछा जाता है। अधिकारियों द्वारा संबंधित कोटेदार को कार्यालय में ही बुला लिया जाता है और मनमाफिक तरीके से खानापूर्ति कर अपने दायित्व की इतिश्री कर ली जाती है। ऐसे में ग्रामीणों द्वारा पूर्ति विभाग की मंशा और कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खडे़ किये जा रहे हैं।
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एसडीएम के निरीक्षण में गायब मिले अधिकारी व कर्मचारी
महरौनी (ललितपुर)। ग्रामीणों की शिकायतों पर बुधवार को एसडीएम महरौनी देवेंद्र पाल सिंह ने दोपहर लगभग 12 बजे पूर्ति कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दफ्तर खाली मिला। यहां एक चपरासी के अलावा अन्य कोई भी अधिकारी या कर्मचारी उपस्थित नहीं था। इस पर एसडीएम ने नाराजगी जाहिर की। चपरासी ने बताया कि पूर्ति निरीक्षक और बाबू अभी ललितपुर से आए नहीं है। एसडीएम ने उपस्थिति रजिस्टर मांगा तो बताया गया कि उक्त रजिस्टर कार्यालय के बाबू अपनी अलमारी मे रखे है। निरीक्षण के बाद एसडीएम ने कहा कि विभागीय अधिकारियों से जवाब मांगा जायेगा और कार्रवाई की जाएगी। 


 ऽ निलंबित सरकारी राशन की दुकानों के संबंध में कार्रवाई शीघ्र ही पूर्ण की जा रही है। इनमें से अधिकांश दुकानों के निरस्तीकरण की तैयारी हो चुकी है जबकि शेष कुछ दुकानों की बहाली भी होनी है। इसके अलावा डीएम ने 35 सदस्यीय टीम गठित की है, जो गांवों में जाकर राशन कार्डों व पात्र गृहस्थियों की सूचियों का भौतिक सत्यापन करेंगी। इसके बाद जहां पर भी नयी दुकानों की आवश्यकता महसूस होगी तो प्रस्ताव बनाकर वहां नई दुकानें आवंटित होंगी। विभाग में स्टाफ की कमी है और इन दिनों सूचियों के सत्यापन का कार्य चल रहा है, जिसमें अधिकारी कर्मचारी व्यस्त हैं।
डी.एस.राम, जिला पूर्ति अधिकारी
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