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बालक की हत्या में आठ दोषी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 18 Sep 2016 01:26 AM IST
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murder case, lalitpur news
- फोटो : demo
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ललितपुर। थाना बालाबेहट अंतर्गत ग्राम दांवर में रास्ते को लेकर हुए झगड़े के दौरान आठ वर्षीय बालक की हत्या का आठ अभियुक्तों पर दोष सिद्ध हुआ है। इस मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय लोकेेश राय की अदालत सोमवार को सजा सुनाएगी। नौवे अभियुक्त की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई थी।
थाना बालाबेहट अंतर्गत ग्राम दांवर निवासी पहलवान सिंह पुत्र देशराज सिंह ने आठ वर्ष पूर्व थाना बालाबेहट में तहरीर देकर बताया था कि उसके गांव के खिलावन यादव से रास्ते को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश को लेकर 16 मई 2008 को मकान के सामने आबादी की जमीन में खिलान पत्थर के खंडा रखवा रहे थे। सूचना उनकी मां सुहागरानी थाना बालाबेहट देने गई थी। सूचना पर थाने से पुलिस भी आई , तो विपक्षी भाग गए थे। उस दिन धूप लग जाने के कारण मां की तबियत खराब हो गई थी, जिसका इलाज कराने के लिए वह, उसका लड़का राजू और छोटा लड़का हल्के भैया बैलगाड़ी से मां को लेकर गांव से चले। वह रास्ते में सैमरा गांव में रुक गया और उसके दोनों लड़के मां को इलाज कराने चले गए। इलाज के बाद शाम सात बजे जब वापस सेमरा आए तो वह भी उनके साथ गांव लौटने के लिए बैलगाड़ी में सवार हो गया। अभी वह ग्राम दांवर व सेमरा के बीच में जंगल के रास्ते पहुंचे थे तभी खिलावन, उदयभान, पप्पू, रामबाबू, कोटसाब उर्फ विजय सिंह, इंदल, रामऔतार, ओंकार, कोटसाहब उर्फ सुरेंद्र ने लाठी कुल्हाड़ी से सभी पर हमला किया।
इस दौरान उसके बड़ा पुत्र राजू किसी प्रकार जंगल की ओर भाग गया। विपक्षी ने अपने सार्थियों के साथ उसे, उसकी मां व छोटे लड़के को घेरकर पीटा जिससे उन सभी को गंभीर चोटें आई थी। बाद में सभी हमलावर उन्हें गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। यह घटना करीब रात आठ बजे की है। मारपीट में घायल मां और पुत्र को जिला चिकित्सालय ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने से पूर्व ही उसके आठ वर्षीय पुत्र हल्के की मौत हो गई। सूचना पर पुलिस ने मामला हत्या व मारपीट की धाराओं में दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। तभी से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था।
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शनिवार को उक्त मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर न्यायालय ने उक्त मामले में खिलावन, उदयभान, पप्पू, कोटसाब उर्फ विजय सिंह, इंदल, रामऔतार, ओंकार, कोटसाहब उर्फ सुरेंद्र को दोषी करार दिया है। मामले की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता बादाम सिंह यादव ने की।
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थाना बालाबेहट अंतर्गत ग्राम दांवर निवासी पहलवान सिंह पुत्र देशराज सिंह ने आठ वर्ष पूर्व थाना बालाबेहट में तहरीर देकर बताया था कि उसके गांव के खिलावन यादव से रास्ते को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश को लेकर 16 मई 2008 को मकान के सामने आबादी की जमीन में खिलान पत्थर के खंडा रखवा रहे थे। सूचना उनकी मां सुहागरानी थाना बालाबेहट देने गई थी। सूचना पर थाने से पुलिस भी आई , तो विपक्षी भाग गए थे। उस दिन धूप लग जाने के कारण मां की तबियत खराब हो गई थी, जिसका इलाज कराने के लिए वह, उसका लड़का राजू और छोटा लड़का हल्के भैया बैलगाड़ी से मां को लेकर गांव से चले। वह रास्ते में सैमरा गांव में रुक गया और उसके दोनों लड़के मां को इलाज कराने चले गए। इलाज के बाद शाम सात बजे जब वापस सेमरा आए तो वह भी उनके साथ गांव लौटने के लिए बैलगाड़ी में सवार हो गया। अभी वह ग्राम दांवर व सेमरा के बीच में जंगल के रास्ते पहुंचे थे तभी खिलावन, उदयभान, पप्पू, रामबाबू, कोटसाब उर्फ विजय सिंह, इंदल, रामऔतार, ओंकार, कोटसाहब उर्फ सुरेंद्र ने लाठी कुल्हाड़ी से सभी पर हमला किया।
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इस दौरान उसके बड़ा पुत्र राजू किसी प्रकार जंगल की ओर भाग गया। विपक्षी ने अपने सार्थियों के साथ उसे, उसकी मां व छोटे लड़के को घेरकर पीटा जिससे उन सभी को गंभीर चोटें आई थी। बाद में सभी हमलावर उन्हें गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। यह घटना करीब रात आठ बजे की है। मारपीट में घायल मां और पुत्र को जिला चिकित्सालय ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने से पूर्व ही उसके आठ वर्षीय पुत्र हल्के की मौत हो गई। सूचना पर पुलिस ने मामला हत्या व मारपीट की धाराओं में दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। तभी से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था।
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शनिवार को उक्त मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर न्यायालय ने उक्त मामले में खिलावन, उदयभान, पप्पू, कोटसाब उर्फ विजय सिंह, इंदल, रामऔतार, ओंकार, कोटसाहब उर्फ सुरेंद्र को दोषी करार दिया है। मामले की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता बादाम सिंह यादव ने की।