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एक और प्रसूता की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 19 Oct 2016 01:20 AM IST
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crime lalitpur
- फोटो : demo pic
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स्वास्थ्य विभाग एक माह पूर्व एक ही दिन में हुई दो प्रसूताओं की मौत की जांच पूरी न कर सका था कि मंगलवार को एक और प्रसूता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इसकी सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।
एक ओर जहां प्रसूता के परिजन उसकी मौत के लिए स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार मान रहे है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पूरे मामले को संदिग्ध मानते हुए प्रसूता का पोस्टमार्टम कराने के बाद ही कुछ कहना उचित समझ रहे हैं।
ग्राम सभा खांदी के मजरा गनेशपुरा निवासी रामसिंह की पत्नी सुनीता (30) को 16 अक्टूबर को प्रसव पीड़ा के दौरान सीएचसी में भर्ती किया गया था। जहां रात आठ बजकर चालीस मिनट पर उसने एक बालिका को जन्म दिया। मंगलवार को सुबह 10 बजे के लगभग उसकी छुट्टी कर दी गई। सायंकाल पांच बजे के लगभग प्रसूता की हालत बिगड़ गई और उसके परिजन उसे सीएचसी ला रहे थे तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई।
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प्रसूता की मौत के बाद जहां मृतका के परिवार में कोहराम मच गया, वही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। तत्काल चिकित्सा अधीक्षक डा. आरके सोनी ने पूरे मामले के संबंध में मृतका के परिजनों से जानकारी ली।
जहां मृतक के परिजन इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पूरे मामले को संदिग्धता से देख रहे हैं। उनके अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।
तीसरी कन्या के चलते तो नहीं उठाया आत्मघाती कदम
तालबेहट (ललितपुर)। मृतका की दो लड़कियां पहले से है। 16 अक्टूबर को उसने तीसरी लड़की को जन्म दिया। लोगों को मानना है कि कही तीसरी लड़की होने के गम में मृतका ने घर पर जाकर इतना आत्मघाती कदम उठाया हो। चिकित्सकों के अनुसार मृतका के नाखूनों का रंग हरा हो गया जो अधिकांशता किसी जहरीले पदार्थ के सेवन से होता है।
प्रसूता से फिर वसूले पैसें
तालबेहट (ललितपुर)। चिकित्सा अधीक्षक की तमाम रोक के बावजूद सीएचसी में रात्रिकालीन डिलीवरी में पैसा वसूलने का क्रम बंद नहीं हो रहा है। मृतका के परिजनों ने इस संबंध में एक शिकायती पत्र देकर अवगत कराया कि डिलीवरी कराने और दवा के नाम पर उस रात कार्यरत स्टॉफ ने उससे सुविधा शुल्क लिया।
डिलीवरी में पैसा वसूलने वालों पर होगी कार्रवाई: सीएमओ
तालबेहट (ललितपुर)। इस संबंध में जब जिला मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रताप सिंह से उनका पक्ष लिया तो उनका कहना था कि उन्हें पूरे मामले की जानकारी हो गई है। सीएचसी से छुट्टी के बाद अचानक घर पर प्रसूता की हालत कैसे बिगड़ी। यह सब जांच के बिंदू है। उन्होंने कहा कि डिलीवरी के समय प्रसूताओं से पैसा वसूलने वाले कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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एक ओर जहां प्रसूता के परिजन उसकी मौत के लिए स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार मान रहे है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पूरे मामले को संदिग्ध मानते हुए प्रसूता का पोस्टमार्टम कराने के बाद ही कुछ कहना उचित समझ रहे हैं।
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ग्राम सभा खांदी के मजरा गनेशपुरा निवासी रामसिंह की पत्नी सुनीता (30) को 16 अक्टूबर को प्रसव पीड़ा के दौरान सीएचसी में भर्ती किया गया था। जहां रात आठ बजकर चालीस मिनट पर उसने एक बालिका को जन्म दिया। मंगलवार को सुबह 10 बजे के लगभग उसकी छुट्टी कर दी गई। सायंकाल पांच बजे के लगभग प्रसूता की हालत बिगड़ गई और उसके परिजन उसे सीएचसी ला रहे थे तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई।
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प्रसूता की मौत के बाद जहां मृतका के परिवार में कोहराम मच गया, वही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। तत्काल चिकित्सा अधीक्षक डा. आरके सोनी ने पूरे मामले के संबंध में मृतका के परिजनों से जानकारी ली।
जहां मृतक के परिजन इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पूरे मामले को संदिग्धता से देख रहे हैं। उनके अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।
तीसरी कन्या के चलते तो नहीं उठाया आत्मघाती कदम
तालबेहट (ललितपुर)। मृतका की दो लड़कियां पहले से है। 16 अक्टूबर को उसने तीसरी लड़की को जन्म दिया। लोगों को मानना है कि कही तीसरी लड़की होने के गम में मृतका ने घर पर जाकर इतना आत्मघाती कदम उठाया हो। चिकित्सकों के अनुसार मृतका के नाखूनों का रंग हरा हो गया जो अधिकांशता किसी जहरीले पदार्थ के सेवन से होता है।
प्रसूता से फिर वसूले पैसें
तालबेहट (ललितपुर)। चिकित्सा अधीक्षक की तमाम रोक के बावजूद सीएचसी में रात्रिकालीन डिलीवरी में पैसा वसूलने का क्रम बंद नहीं हो रहा है। मृतका के परिजनों ने इस संबंध में एक शिकायती पत्र देकर अवगत कराया कि डिलीवरी कराने और दवा के नाम पर उस रात कार्यरत स्टॉफ ने उससे सुविधा शुल्क लिया।
डिलीवरी में पैसा वसूलने वालों पर होगी कार्रवाई: सीएमओ
तालबेहट (ललितपुर)। इस संबंध में जब जिला मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रताप सिंह से उनका पक्ष लिया तो उनका कहना था कि उन्हें पूरे मामले की जानकारी हो गई है। सीएचसी से छुट्टी के बाद अचानक घर पर प्रसूता की हालत कैसे बिगड़ी। यह सब जांच के बिंदू है। उन्होंने कहा कि डिलीवरी के समय प्रसूताओं से पैसा वसूलने वाले कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।