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न्यायालय: मिलावटी शराब के कारोबारी को दस वर्ष की सजा
Updated Fri, 16 Mar 2018 01:12 AM IST
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मिलावटी शराब के कारोबारी को दस वर्ष की सजा
ललितपुर।
मिलावटी शराब बनाने में पकड़े गए एक कारोबारी को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने दस वर्ष के सश्रम कारावास और दस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को दस माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। जबकि एक दूसरे अभियुक्त को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता लखनलाल यादव ने बताया कि चार वर्ष पूर्व 22 अक्टूबर को झांसी बाईपास स्थित मन्नू पेट्रोल पंप के पास तत्कालीन आबकारी निरीक्षक वीके सिंह चेकिंग कर रहे थे, तभी करीब छह बजे झांसी से ललितपुर की ओर तेजी से वैन नंबर यूपी 78, एजी-2981 आती दिखाई दी। जिसे आबकारी निरीक्षक द्वारा रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक द्वारा आबकारी स्टाफ बताकर भाग रहा था, जिस पर आबकारी टीम ने पीछा कर वाहन रोक लिया गया और जिसमें से एक आदमी निकलकर भागने में सफल हो गया। चालक का नाम थाना नाराहट अंतर्गत गदनपुर निवासी हाकिम पटेल पुत्र रामदास पटेल बताया, जबकि भागने वाले का नाम भगवान सिंह बताया गया। चालक द्वारा गाड़ी के कोई भी कागजात नहीं दिखा सका। गाड़ी से 77 क्वार्टर किए गए, जो किसी कैटरीना ब्रांड के थे। एक कपड़े के थैले में 228 खाली क्वार्टर पर होलोग्राम लगे पाए गए थे। आबकारी निरीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने उक्त दोनों अभियुक्तों के खिलाफ मिलावटरी खराब बनाने, नकली होलोग्राम लगाने और आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था।
उक्त मामले में भगवान को 14 जनवरी 2014 को गिरफ्तार किया गया था और यह वर्तमान में जेल में है। जबकि मौके पर पकड़ा गया अभियुक्त हाकिम सिंह जमानत पर चल रहा था। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए निर्णय सुना दिया, जिसमें अभियुक्त हाकिम सिंह को मिलावटी शराब बनाने में दोषी करार देते हुए दस वर्ष का सश्रम कारावास और दस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दस माह अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। वहीं दूसरे अभियुक्त भगवान सिंह को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
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ललितपुर।
मिलावटी शराब बनाने में पकड़े गए एक कारोबारी को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने दस वर्ष के सश्रम कारावास और दस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को दस माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। जबकि एक दूसरे अभियुक्त को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता लखनलाल यादव ने बताया कि चार वर्ष पूर्व 22 अक्टूबर को झांसी बाईपास स्थित मन्नू पेट्रोल पंप के पास तत्कालीन आबकारी निरीक्षक वीके सिंह चेकिंग कर रहे थे, तभी करीब छह बजे झांसी से ललितपुर की ओर तेजी से वैन नंबर यूपी 78, एजी-2981 आती दिखाई दी। जिसे आबकारी निरीक्षक द्वारा रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक द्वारा आबकारी स्टाफ बताकर भाग रहा था, जिस पर आबकारी टीम ने पीछा कर वाहन रोक लिया गया और जिसमें से एक आदमी निकलकर भागने में सफल हो गया। चालक का नाम थाना नाराहट अंतर्गत गदनपुर निवासी हाकिम पटेल पुत्र रामदास पटेल बताया, जबकि भागने वाले का नाम भगवान सिंह बताया गया। चालक द्वारा गाड़ी के कोई भी कागजात नहीं दिखा सका। गाड़ी से 77 क्वार्टर किए गए, जो किसी कैटरीना ब्रांड के थे। एक कपड़े के थैले में 228 खाली क्वार्टर पर होलोग्राम लगे पाए गए थे। आबकारी निरीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने उक्त दोनों अभियुक्तों के खिलाफ मिलावटरी खराब बनाने, नकली होलोग्राम लगाने और आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था।
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उक्त मामले में भगवान को 14 जनवरी 2014 को गिरफ्तार किया गया था और यह वर्तमान में जेल में है। जबकि मौके पर पकड़ा गया अभियुक्त हाकिम सिंह जमानत पर चल रहा था। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए निर्णय सुना दिया, जिसमें अभियुक्त हाकिम सिंह को मिलावटी शराब बनाने में दोषी करार देते हुए दस वर्ष का सश्रम कारावास और दस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दस माह अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। वहीं दूसरे अभियुक्त भगवान सिंह को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
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