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कॉलेज में प्रवेश के लिए की जा रही धोखाधड़ी
Updated Sun, 12 Aug 2018 04:16 AM IST
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कॉलेज में प्रवेश के लिए छात्र-छात्राओं के साथ की जा रही धोखाधड़ी
निजी कॉलेज से कमीशन लेकर इंटरनेट कैफे वाले कर रहे पूरा खेल
छात्र-छात्राओं से साथ ठगी व धोखाधड़ी का बनता मामला
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जनपद के कई निजी कॉलेज वाले इंटरनेट कैफे वालों से कमीशन पर सांठगांठ करके छात्र-छात्राओं की मर्जी के बिना ही आवेदन में अपने निजी कॉलेज का विकल्प भरवा रहे हैं और प्रवेश कर रहे हैं। सरकारी कॉलेज की मेरिट सूची में नाम आने के बाद भी गरीब परिवार के बच्चों को इससे वंचित होना पड़ रहा है। यह छात्र-छात्राओं के साथ सीधी ठगी व धोखाधड़ी है, जिसका शिकार अब तक कई छात्र-छात्राएं बने चुके हैं।
महाविद्यालयों में प्रवेश की प्रक्रिया को विगत वर्षों से ऑनलाइन की जा चुकी है। जनपद के राजकीय महाविद्यालयों के साथ-साथ अधिकांश महाविद्यालय बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी से संबद्ध है। इन कॉलेजों में प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करके कॉलेजों का विकल्प भरा जाता है। प्रवेश का रजिस्ट्रेशन सभी छात्र-छात्राएं बाजार में संचालित इंटरनेट कैफे पर करा रहे हैं। जनपद के सरकारी कॉलेजों में सस्ती और अच्छी पढ़ाई होने के कारण इन सरकारी कॉलेजों में सभी छात्र प्रवेश लेना चाहते हैं और उनका विकल्प भी केवल यही सरकारी विद्यालय होते हैं। विगत दो-तीन वर्षों से निजी कॉलेज वाले अपने कॉलेजों की सीटें भरने के लिए धोखाधड़ी करने पर उतारू हो गए हैं। छात्र-छात्राएं अपना रजिस्ट्रेशन कराकर और अपनी मनमर्जी का कॉलेज भरकर प्रिंट आउट लेकर घर चले आते हैं। इसके बाद से पूरा खेल शुरू होता है। यह इंटरनेट कैफे वाले जिस निजी कॉलेज वाले से कमीशन की बात होती है, प्रवेश के विकल्प में उस निजी कॉलेज का नाम भर देते हैं। इसके बाद प्रवेश करने के लिए भूखे बैठे निजी कॉलेज वाले तत्काल ही छात्र-छात्राओं का प्रवेश कर लेते हैं। इसके बदले में इंटरनेट कैफे वालों को 300 से 600 रुपये तक कमीशन मिल जाता है। संबंधित छात्र-छात्राओं को इस धोखाधड़ी का पता जब चलता है जब वह सरकारी कॉलेज की मेरिट सूची में नाम आने के बाद प्रवेश के लिए जाते हैं और वहां कॉलेज वाले इसकी जानकारी देते हैं कि उनका प्रवेश फलाना कॉलेज में हो चुका है। फिर छात्र-छात्राओं को मजबूरन महंगे व निजी कॉलेज में प्रवेश लेना पड़ रहा है। पिछले दो-तीन वर्षों से हर वर्ष इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन साइबर क्राइम करके बच्चों के साथ की जा रही ठगी व धोखाधड़ी के खिलाफ जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
पीड़ित छात्रा ने डीएम व एसपी से की शिकायत
इस ठगी व धोखाधड़ी का शिकार बनी छात्रा निशा ने डीएम व एसडीएम दोनों को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता ने बीएस में प्रवेश के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर उसमें केवल नेहरू महाविद्यालय का विकल्प भरा था। यह प्रक्रिया उसने विगत 15 जून को जिला मुख्यालय पर घंटाघर के पास स्थित एक इंटरनेट कैफे पर कराई थी। पीड़िता विगत रोज जब नेहरू महाविद्यालय में प्रवेश लेने के लिए पहुंची तो वहां पता चला कि उसको प्रवेश ग्राम मिर्चवारा में संचालित एसएमडी कॉलेज में हो चुका है। इसके बाद पीड़िता ने 10 अगस्त को जब अपने रजिस्ट्रेशन एकाउंट को दोबारा दिखवाया तो उसमें र्मिचवारा के कॉलेज का विकल्प भरा हुआ था। पीड़िता ने मामले की जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराने की मांग की है।
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तीन कॉलेजों ने दिया कमीशन का लालच
शहर में कंपनी बाग के सामने संचालित एक इंटरनेट कैफे वाले ने अपनी पहचान छिपाते हुए बताया कि विगत दिनों में उसके पास भी तीन निजी कॉलेज के दलाल आ चुके हैं और इस तरह का खेल करने के लिए उसको तीन से पांच सौ रुपये तक का लालच दे रहे थे। लेकिन बच्चों को भविष्य के साथ खिलवाड़ करने और धोखाधड़ी करना उसने उचित नहीं समझा और इन ऑफर को ठुकरा दिया।
इस तरह के कई मामले सामने आ रहे हैं
इसी तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। कुछ मामले विगत वर्ष भी सामने आए थे। यह छात्र-छात्राओं के साथ धोखाधड़ी है, इसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। गरीब परिवार आर्थिक तंगी के कारण निजी कॉलेजों में प्रवेश नहीं ले सकते हैं।
-अवधेश कुुमार अग्रवाल, प्राचार्य, नेहरू महाविद्यालय ललितपुर।
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निजी कॉलेज से कमीशन लेकर इंटरनेट कैफे वाले कर रहे पूरा खेल
छात्र-छात्राओं से साथ ठगी व धोखाधड़ी का बनता मामला
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जनपद के कई निजी कॉलेज वाले इंटरनेट कैफे वालों से कमीशन पर सांठगांठ करके छात्र-छात्राओं की मर्जी के बिना ही आवेदन में अपने निजी कॉलेज का विकल्प भरवा रहे हैं और प्रवेश कर रहे हैं। सरकारी कॉलेज की मेरिट सूची में नाम आने के बाद भी गरीब परिवार के बच्चों को इससे वंचित होना पड़ रहा है। यह छात्र-छात्राओं के साथ सीधी ठगी व धोखाधड़ी है, जिसका शिकार अब तक कई छात्र-छात्राएं बने चुके हैं।
महाविद्यालयों में प्रवेश की प्रक्रिया को विगत वर्षों से ऑनलाइन की जा चुकी है। जनपद के राजकीय महाविद्यालयों के साथ-साथ अधिकांश महाविद्यालय बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी से संबद्ध है। इन कॉलेजों में प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करके कॉलेजों का विकल्प भरा जाता है। प्रवेश का रजिस्ट्रेशन सभी छात्र-छात्राएं बाजार में संचालित इंटरनेट कैफे पर करा रहे हैं। जनपद के सरकारी कॉलेजों में सस्ती और अच्छी पढ़ाई होने के कारण इन सरकारी कॉलेजों में सभी छात्र प्रवेश लेना चाहते हैं और उनका विकल्प भी केवल यही सरकारी विद्यालय होते हैं। विगत दो-तीन वर्षों से निजी कॉलेज वाले अपने कॉलेजों की सीटें भरने के लिए धोखाधड़ी करने पर उतारू हो गए हैं। छात्र-छात्राएं अपना रजिस्ट्रेशन कराकर और अपनी मनमर्जी का कॉलेज भरकर प्रिंट आउट लेकर घर चले आते हैं। इसके बाद से पूरा खेल शुरू होता है। यह इंटरनेट कैफे वाले जिस निजी कॉलेज वाले से कमीशन की बात होती है, प्रवेश के विकल्प में उस निजी कॉलेज का नाम भर देते हैं। इसके बाद प्रवेश करने के लिए भूखे बैठे निजी कॉलेज वाले तत्काल ही छात्र-छात्राओं का प्रवेश कर लेते हैं। इसके बदले में इंटरनेट कैफे वालों को 300 से 600 रुपये तक कमीशन मिल जाता है। संबंधित छात्र-छात्राओं को इस धोखाधड़ी का पता जब चलता है जब वह सरकारी कॉलेज की मेरिट सूची में नाम आने के बाद प्रवेश के लिए जाते हैं और वहां कॉलेज वाले इसकी जानकारी देते हैं कि उनका प्रवेश फलाना कॉलेज में हो चुका है। फिर छात्र-छात्राओं को मजबूरन महंगे व निजी कॉलेज में प्रवेश लेना पड़ रहा है। पिछले दो-तीन वर्षों से हर वर्ष इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन साइबर क्राइम करके बच्चों के साथ की जा रही ठगी व धोखाधड़ी के खिलाफ जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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पीड़ित छात्रा ने डीएम व एसपी से की शिकायत
इस ठगी व धोखाधड़ी का शिकार बनी छात्रा निशा ने डीएम व एसडीएम दोनों को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता ने बीएस में प्रवेश के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर उसमें केवल नेहरू महाविद्यालय का विकल्प भरा था। यह प्रक्रिया उसने विगत 15 जून को जिला मुख्यालय पर घंटाघर के पास स्थित एक इंटरनेट कैफे पर कराई थी। पीड़िता विगत रोज जब नेहरू महाविद्यालय में प्रवेश लेने के लिए पहुंची तो वहां पता चला कि उसको प्रवेश ग्राम मिर्चवारा में संचालित एसएमडी कॉलेज में हो चुका है। इसके बाद पीड़िता ने 10 अगस्त को जब अपने रजिस्ट्रेशन एकाउंट को दोबारा दिखवाया तो उसमें र्मिचवारा के कॉलेज का विकल्प भरा हुआ था। पीड़िता ने मामले की जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराने की मांग की है।
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तीन कॉलेजों ने दिया कमीशन का लालच
शहर में कंपनी बाग के सामने संचालित एक इंटरनेट कैफे वाले ने अपनी पहचान छिपाते हुए बताया कि विगत दिनों में उसके पास भी तीन निजी कॉलेज के दलाल आ चुके हैं और इस तरह का खेल करने के लिए उसको तीन से पांच सौ रुपये तक का लालच दे रहे थे। लेकिन बच्चों को भविष्य के साथ खिलवाड़ करने और धोखाधड़ी करना उसने उचित नहीं समझा और इन ऑफर को ठुकरा दिया।
इस तरह के कई मामले सामने आ रहे हैं
इसी तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। कुछ मामले विगत वर्ष भी सामने आए थे। यह छात्र-छात्राओं के साथ धोखाधड़ी है, इसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। गरीब परिवार आर्थिक तंगी के कारण निजी कॉलेजों में प्रवेश नहीं ले सकते हैं।
-अवधेश कुुमार अग्रवाल, प्राचार्य, नेहरू महाविद्यालय ललितपुर।