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अपहरण कर नाबालिक के बलात्कारी को बीस साल की कैद
Updated Mon, 18 Sep 2017 01:51 AM IST
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दुष्कर्मी को बीस साल की कैद
ललितपुर।
साढ़े चार वर्ष पूर्व थाना गिरार अंतर्गत एक गांव की किशोरी का अपहरण कर बलात्कार करने में दोषी एक अभियुक्त को अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम) मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने बीस साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यही नहीं, बीस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। उक्त मामले में आरोपी एक अभियुक्त आत्महत्या कर चुका है, जबकि पीड़िता की भी बीमारी के चलते मृत्यु हो चुकी है।
प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता बृजेंद्र सिंह यादव और सहायक शासकीय अधिवक्ता लखनलाल यादव ने बताया कि थाना गिरार अंतर्गत एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने साढ़े चार वर्ष पूर्व थाने में तहरीर देकर बताया था कि उसकी 13 वर्षीय पुत्री एक जनवरी 2013 को रात्रि करीब साढ़े दस बजे शौच के लिए गई थी, जब उसकी पुत्री काफी देर तक वापस नहीं आई तो परिवारवालों ने खोजबीन की। उसे गांव के ही सुख सिंह व बड़े भाई दो लोगों पर शक था, जिसके आधार पर उन्होंने उनके घर पर जाकर पूछताछ की। उनके घर वालों ने कहा कि यहां से तुम भाग जाओ और उसकी पुत्री को सुख सिंह और बड़े भाई कहीं ले गए हैं। जब उसने उनसे उसकी पुत्री को कहां ले गए की बात पूछी, उनके घर वालों ने गालियां दी और भाग जाने को कहा। पीड़ित पिता ने इस संबंध में थाना गिरार में अपनी पुत्री के अपहरण की जानकारी दी और थाने में एसपी के आदेश पर उक्त मामले की रिपोर्ट दर्ज की गई। घटना के पांच दिन बाद पुलिस ने किशोरी को ग्राम गंगचारी के नाले के पास से बरामद किया और चिकित्सीय परीक्षण कराया। पीड़िता ने न्यायालय में मजिस्ट्रेट के सामने दोनों अभियुक्तों द्वारा उसके साथ हुए कुकृत्य के बारे में बयान दिए थे।
पुलिस ने 9 जनवरी 2013 को सुख सिंह को जमुनिया तिराहे से और 13 जनवरी को बड़े भाई को हिलकन तिराहे से गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने पीड़ित के बयानों के आधार पर बलात्कार की धाराओं में वृद्धि कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए। तब से यह मामला विचाराधीन चल रहा था। शनिवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर न्यायाधीश ने बालिका का अपहरण कर बलात्कार करने का आरोप सिद्ध होने पर अभियुक्त बड़े भाई को बीस वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अलग-अलग धाराओं में दोषी पाने पर 30 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा करने पर 17 माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। अर्थदंड की राशि अदा होने पर पीड़ित परिवार को 20 हजार रुपये प्रतिकर स्वरूप देने के आदेश भी दिए। अपहरण और बलात्कार के उक्त मामले में पीड़िता की घटना के 26 दिन बाद मानसिक संतुलन बिगड़ने से मृत्यु हो गई थी। जबकि इससे जमानत मिलने के कुछ दिन बाद दूसरे अभियुक्त सुख सिंह ने आत्महत्या कर ली थी।
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ललितपुर।
साढ़े चार वर्ष पूर्व थाना गिरार अंतर्गत एक गांव की किशोरी का अपहरण कर बलात्कार करने में दोषी एक अभियुक्त को अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम) मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने बीस साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यही नहीं, बीस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। उक्त मामले में आरोपी एक अभियुक्त आत्महत्या कर चुका है, जबकि पीड़िता की भी बीमारी के चलते मृत्यु हो चुकी है।
प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता बृजेंद्र सिंह यादव और सहायक शासकीय अधिवक्ता लखनलाल यादव ने बताया कि थाना गिरार अंतर्गत एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने साढ़े चार वर्ष पूर्व थाने में तहरीर देकर बताया था कि उसकी 13 वर्षीय पुत्री एक जनवरी 2013 को रात्रि करीब साढ़े दस बजे शौच के लिए गई थी, जब उसकी पुत्री काफी देर तक वापस नहीं आई तो परिवारवालों ने खोजबीन की। उसे गांव के ही सुख सिंह व बड़े भाई दो लोगों पर शक था, जिसके आधार पर उन्होंने उनके घर पर जाकर पूछताछ की। उनके घर वालों ने कहा कि यहां से तुम भाग जाओ और उसकी पुत्री को सुख सिंह और बड़े भाई कहीं ले गए हैं। जब उसने उनसे उसकी पुत्री को कहां ले गए की बात पूछी, उनके घर वालों ने गालियां दी और भाग जाने को कहा। पीड़ित पिता ने इस संबंध में थाना गिरार में अपनी पुत्री के अपहरण की जानकारी दी और थाने में एसपी के आदेश पर उक्त मामले की रिपोर्ट दर्ज की गई। घटना के पांच दिन बाद पुलिस ने किशोरी को ग्राम गंगचारी के नाले के पास से बरामद किया और चिकित्सीय परीक्षण कराया। पीड़िता ने न्यायालय में मजिस्ट्रेट के सामने दोनों अभियुक्तों द्वारा उसके साथ हुए कुकृत्य के बारे में बयान दिए थे।
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पुलिस ने 9 जनवरी 2013 को सुख सिंह को जमुनिया तिराहे से और 13 जनवरी को बड़े भाई को हिलकन तिराहे से गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने पीड़ित के बयानों के आधार पर बलात्कार की धाराओं में वृद्धि कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए। तब से यह मामला विचाराधीन चल रहा था। शनिवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर न्यायाधीश ने बालिका का अपहरण कर बलात्कार करने का आरोप सिद्ध होने पर अभियुक्त बड़े भाई को बीस वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अलग-अलग धाराओं में दोषी पाने पर 30 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा करने पर 17 माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। अर्थदंड की राशि अदा होने पर पीड़ित परिवार को 20 हजार रुपये प्रतिकर स्वरूप देने के आदेश भी दिए। अपहरण और बलात्कार के उक्त मामले में पीड़िता की घटना के 26 दिन बाद मानसिक संतुलन बिगड़ने से मृत्यु हो गई थी। जबकि इससे जमानत मिलने के कुछ दिन बाद दूसरे अभियुक्त सुख सिंह ने आत्महत्या कर ली थी।
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