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नगर पालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार की कराई जाए जांच

Sun, 08 Jul 2018 03:32 AM IST
Updated Sun, 08 Jul 2018 03:32 AM IST
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नगर पालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार की कराई जाए जांच
नगर पालिका में भ्रष्टाचार की कराई जाए जांच
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नगर कांग्रेस कमेटी ने कमिश्नर को भेजा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। नगर कांग्रेस कमेटी ने नगर पालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच कराने की मांग को लेकर मंडलायुक्त के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि श्रम विभाग के नियमों को नजरअंदाज कर आउटसोर्सिंग कर्मियों को भुगतान किया जा रहा है। वहीं, बस स्टैंड पार्किंग के ठेका को जानबूझकर लटकाया जा रहा है। यही नहीं, एक चयनित विद्युत संस्था को लाभ पहुंचाने के लिए आउटसोर्सिग कर्मियों को झोंक दिया गया है। इसके बाद भी अधिकारी अनजान बने हुए हैं।

नगराध्यक्ष हरीबाबू शर्मा ने डीएम को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया है कि वर्ष 2015 में सुम्मेरा तालाब के सौंदर्यीकरण कराया गया। जिस संस्था को इस कार्य के लिए नामित किया गया था, उसने गुणवत्ताहीन कार्य कराया। यह जांच में स्पष्ट हो चुका है। इसके बाद भी कार्यदायी संस्था को अभी तक काली सूची में नहीं डाला गया है। इस पूरे मामले में कार्रवाई पूर्ण हुए बगैर ही इसी तालाब में नगर पालिका ने काम लगा दिया। इससे इसकी जांच कराना आवश्यक हो गया है। इस भ्रष्टाचार में जो भी लिप्त है, उन पर मुकदमा दर्ज करते हुए वसूली की कार्रवाई अमल में लाई जाए। नगर पालिका परिषद कार्यालय में जो आउटसोर्सिग कर्मियों को रखने का ठेका किया गया है, वह पालिकाध्यक्ष के रिश्तेदार हैं। उनके पास कार्य का तनिक भी अनुभव नहीं है। अब ठेकेदार मनमाने तरीके से आउटसोर्सिंग कर्मियों का भुगतान कर रहे हैं। इससे श्रम विभाग के नियमों की अनदेखी हो रही है। एक तरफ पालिका पर राजस्व बढ़ाने पर जोर है। वहीं, बस स्टैंड के पार्किंग का ठेका जानबूझकर अटकाया जा रहा है। शहर में तमाम निर्माण के कार्य कराए जा रहे हैं, लेकिन उनमें पालिका के बोर्ड नहीं लगाए जा रहे हैं। इससे कार्य की लागत सहित संबंधित विभाग की पहचान स्पष्ट नहीं हो पा रही है। चहेते ठेकेदारों का लाभ पहुंचाने के खातिर नए पंजीयन एवं नवीनीकरण नहीं कराए जा रहे हैं। इससे ठेकेदारी करने के इच्छुक लोगों को मायूसी हाथ लग रही है। शहर की बिजली का काम एक प्राइवेट कंपनी को दे दिया गया है लेकिन उसका काम पालिका के आउटसोर्सिंग कर्मियों से कराया जा रहा है। इसमें पालिकाध्यक्ष की मिलीभगत प्रतीत हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच नहीं हुई तो कांग्रेस आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएगी। ज्ञापन पर मु. आसिफ, समद खान, विजय जैन, उवेश खान के हस्ताक्षर बने हैं।
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