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एससी, एसटी शिक्षकों ने लगाया उत्पीड़न का आरोप
Updated Mon, 19 Nov 2018 01:28 AM IST
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एससी, एसटी शिक्षकों ने लगाया उत्पीड़न का आरोप
ललितपुर। एससी, एसटी बेसिक टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उप जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर शिक्षकों का उत्पीड़न रोकने की मांग की है। इसमें कहा गया कि कुछ दबंग शिक्षकों के कहने पर बीएसए कार्यालय के लिपिक उनका उत्पीड़न कर रहे हैं। जिलाध्यक्ष श्याम बिहारी ने एसडीएम सदर घनश्याम वर्मा को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया है कि डीएम मानवेंद्र सिंह ने 19 अप्रैल को वेतन फ्रीज प्रकरण को निस्तारित करने के लिए जांच समिति बनाई गई थी। जिसमें जिला विद्यालय निरीक्षक, वरिष्ठ प्रवक्ता डायट, सदस्य वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक एवं बीएसए को सहयोगी के रूप में रखा गया है। गठित समिति द्वारा डिमोशन के संबंध में दो बार आपत्तियां मांगी हैं। इसके बाद बीएसए कार्यालय के लिपिकों से इस संबंध में जानकारी मांगी तो दबंग शिक्षकों के दवाब में गलत सूचनाएं दे दी गई। यही नहीं, जातीय उत्पीड़न करने के लिए जांच समिति को सहयोग नहीं करने का पत्र जारी करा दिया। छह जून को न्यायालय ने आरक्षण बहाली का आदेश किया है, इसके बाद भी वेतन फ्रीज का आदेश अनुचित है। ज्ञापन पर संजीव सिद्घार्थ, महेंद्र पंथ, राजेश साध, मंजूलता सिंह, सुशील रजक, अनिल सिंह, अशोक श्रीवास, नीतू रजक, सकीराम, प्रभात कुमार, भोगी राम, बाबूलाल, जयराम पंथ, विनय रजक, इंद्रा सिंह, लक्ष्मीनारायण, दिनेश वर्मा के हस्ताक्षर बने हैं।
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ललितपुर। एससी, एसटी बेसिक टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उप जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर शिक्षकों का उत्पीड़न रोकने की मांग की है। इसमें कहा गया कि कुछ दबंग शिक्षकों के कहने पर बीएसए कार्यालय के लिपिक उनका उत्पीड़न कर रहे हैं। जिलाध्यक्ष श्याम बिहारी ने एसडीएम सदर घनश्याम वर्मा को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया है कि डीएम मानवेंद्र सिंह ने 19 अप्रैल को वेतन फ्रीज प्रकरण को निस्तारित करने के लिए जांच समिति बनाई गई थी। जिसमें जिला विद्यालय निरीक्षक, वरिष्ठ प्रवक्ता डायट, सदस्य वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक एवं बीएसए को सहयोगी के रूप में रखा गया है। गठित समिति द्वारा डिमोशन के संबंध में दो बार आपत्तियां मांगी हैं। इसके बाद बीएसए कार्यालय के लिपिकों से इस संबंध में जानकारी मांगी तो दबंग शिक्षकों के दवाब में गलत सूचनाएं दे दी गई। यही नहीं, जातीय उत्पीड़न करने के लिए जांच समिति को सहयोग नहीं करने का पत्र जारी करा दिया। छह जून को न्यायालय ने आरक्षण बहाली का आदेश किया है, इसके बाद भी वेतन फ्रीज का आदेश अनुचित है। ज्ञापन पर संजीव सिद्घार्थ, महेंद्र पंथ, राजेश साध, मंजूलता सिंह, सुशील रजक, अनिल सिंह, अशोक श्रीवास, नीतू रजक, सकीराम, प्रभात कुमार, भोगी राम, बाबूलाल, जयराम पंथ, विनय रजक, इंद्रा सिंह, लक्ष्मीनारायण, दिनेश वर्मा के हस्ताक्षर बने हैं।